राजस्थान के मेवाड़ अंचल में रोज़मर्रा के खाने को चटपटा बनाने की अपनी ही एक परंपरा है, जहां थाली में टमाटर की चटनी की एक कटोरी के बिना बात अधूरी मानी जाती है। आमतौर पर टमाटर का इस्तेमाल सब्ज़ी का स्वाद बढ़ाने के लिए होता है, लेकिन भीलवाड़ा जैसे शहरों में इसकी अलग चटनी बनाकर खाने की थाली में परोसी जाती है, ताकि रोटी-सब्ज़ी का स्वाद और भी निखर जाए। इसी वजह से यह चटनी मेवाड़ के घरों की पहचान बन चुकी है और हर पीढ़ी इसे अपने अंदाज़ में बनाती आई है। सबसे खास बात यह है कि इसे बनाने में घंटों नहीं, बल्कि मुश्किल से पांच मिनट का वक्त लगता है, और इसके लिए रसोई में कोई खास या महंगा सामान भी नहीं चाहिए।
चटनी के लिए क्या-क्या चाहिए
भीलवाड़ा शहर की आर के कॉलोनी में रहने वालीं मंजू देवी बताती हैं कि यह झटपट बनने वाली चटनी उन लोगों के लिए मुफीद है जो सुबह जल्दी दफ्तर या स्कूल के लिए निकलते हैं या जिनकी दिनचर्या पहले से ही व्यस्त रहती है। उनके मुताबिक अगर घर में अचानक मेहमान आ जाएं या रोज के खाने में कोई नया स्वाद जोड़ना हो, तो यह आसान चटनी एक बढ़िया विकल्प बन जाती है। इसमें लहसुन की कुछ कलियां, स्वाद अनुसार नमक और लाल मिर्च के साथ-साथ 2 से 3 पके टमाटर और एक हरी मिर्च का इस्तेमाल होता है। जो लोग स्वाद में थोड़ी और गहराई चाहते हैं, वे इसमें जीरा और धनिया भी मिला सकते हैं। हर सामग्री की मात्रा घर के सदस्यों की संख्या और तीखेपन की पसंद के हिसाब से घटाई-बढ़ाई जा सकती है।
पांच मिनट में ऐसे तैयार होती है चटनी
टमाटरों को पहले अच्छी तरह पानी से धो लिया जाता है और फिर छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा जाता है, वहीं हरी मिर्च और लहसुन को भी साथ में काटकर तैयार रखा जाता है। इसके बाद कड़ाही गैस पर रखकर उसमें तेल डाला जाता है, तेल गरम होते ही जीरा डाला जाता है और जीरा चटखते ही उसमें लहसुन-मिर्च डालकर कुछ पल के लिए भून लिया जाता है। अब इसी कड़ाही में कटे टमाटर मिला दिए जाते हैं, ऊपर से जरूरत भर नमक और लाल मिर्च छिड़का जाता है और पूरे मिश्रण को अच्छे से चलाया जाता है। धीमी आंच पर तब तक पकाया जाता है जब तक टमाटर पूरी तरह गलकर नरम न हो जाएं, इसके बाद आंच बंद करके मिश्रण को कुछ देर ठंडा होने दिया जाता है। आखिर में ठंडे हो चुके मिश्रण को सिल-बट्टे, मिक्सर या चम्मच के पिछले हिस्से से दबाकर दरदरा पीस लिया जाता है, जिससे चटनी को उसकी असली देसी बनावट मिलती है।
किन चीजों के साथ परोसें यह चटनी
तैयार चटनी को एक कटोरी में निकालकर ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया डाला जा सकता है, जिससे इसकी खुशबू और भी बढ़ जाती है। यह चटनी रोटी और पराठे के साथ तो जमती ही है, साथ ही दाल-बाटी, चावल या किसी भी सादे खाने के साथ भी बेझिझक परोसी जा सकती है। भारी या ज्यादा सूखे व्यंजनों के साथ यह चटनी स्वाद का संतुलन बना देती है, क्योंकि इसका खट्टा-तीखा और एकदम देसी अंदाज़ बाकी खाने को हल्का और चटपटा एहसास देता है। यही वजह है कि यह चटनी मेवाड़ के घरों की रसोई में बार-बार बनने वाला व्यंजन बन चुकी है।





















