दुर्गा अष्टमी, महानवमी और विजयादशमी के त्योहारों के साथ ही देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में उत्सव का माहौल बन गया है। बच्चे रामलीला मंचन, रावण दहन और दुर्गा पूजा मेलों के उल्लास में रमे हुए हैं, वहीं अभिभावकों के बीच छुट्टियों के तय दिनों को लेकर असमंजस देखा जा रहा है। कई परिवारों में यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि स्कूलों में मुख्य अवकाश 19 अक्टूबर 2026, सोमवार को है या फिर 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को रखा गया है। विभिन्न राज्यों में अवकाश के अलग-अलग नियमों के कारण यह स्थिति बनी है।
विजयादशमी का मुख्य अवकाश और 20 अक्टूबर का नियम
राष्ट्रीय स्तर पर जारी मुख्य राजपत्रित अवकाश सूची के अनुसार 20 अक्टूबर को विजयादशमी यानी दशहरा का पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन देशभर के लगभग सभी सरकारी स्कूल, निजी संस्थान, साथ ही सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध सभी विद्यालय पूरी तरह बंद रहेंगे। हालांकि, कई राज्यों में उत्सव का दायरा बड़ा होने के कारण 19 अक्टूबर को पड़ने वाली दुर्गा अष्टमी और महानवमी से ही अवकाश लागू कर दिया गया है। उदाहरण के तौर पर, केरल राज्य में प्रशासन ने विशेष आदेश जारी करते हुए 19 अक्टूबर को ही सभी सामान्य स्कूलों और प्रोफेशनल कॉलेजों में सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया था।
उत्तर से दक्षिण तक राज्यों में छुट्टियों का अलग-अलग स्वरूप
त्योहारों के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में छुट्टियों की अवधि एक जैसी नहीं है। उत्तर भारत के राज्यों, जैसे उत्तर प्रदेश में सामान्य तौर पर दो से चार दिनों का संक्षिप्त अवकाश दिया गया है। यहां अधिकांश संस्थानों में 18 से 20 अक्टूबर तक अवकाश तय है, जबकि कुछ जिलों में यह छूट 25 अक्टूबर तक बढ़ाई गई है। ऐसे में कई जगह स्कूल 21 अक्टूबर को खुलेंगे, तो कुछ स्थानों पर सर्कुलर के अनुसार 26 अक्टूबर को कक्षाएं दोबारा शुरू होंगी।
दूसरी ओर, दक्षिण भारत और पूर्वी भारत के कई राज्यों में शरदकालीन अवकाश अथवा दुर्गा पूजा अवकाश के नाम पर एक से दो सप्ताह तक की लंबी राहत दी जाती है। कुछ क्षेत्रों में 17 या 18 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक का शरदकालीन ब्रेक है, जबकि बड़े दुर्गा पूजा उत्सव वाले इलाकों में 10 अक्टूबर से 22 अक्टूबर तक का लगभग 13 दिनों का विस्तृत अवकाश तय किया गया है, जो इस सत्र की सबसे लंबी छुट्टियों में से एक है।
सरकारी कैलेंडर और निजी स्कूलों की नीतियों में अंतर
अभिभावकों के लिए यह समझना बेहद जरूरी है कि राज्य सरकार द्वारा जारी राजपत्रित अवकाश सूची और निजी सीबीएसई या आईसीएसई स्कूलों के शरदकालीन अवकाश कैलेंडर में अंतर हो सकता है। निजी प्रबंधन कई बार आंतरिक शैक्षणिक सत्र और परीक्षाओं की योजना के अनुसार अपनी छुट्टियां खुद निर्धारित या समायोजित करते हैं। इसके चलते एक ही शहर के दो अलग-अलग स्कूलों में अवकाश के दिनों में भिन्नता देखने को मिल सकती है।
जिलाधिकारी के स्थानीय आदेश और जरूरी सलाह
त्योहारों के समय लगने वाले मेलों, विसर्जन जुलूसों और भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय जिला प्रशासन की भूमिका अहम होती है। संबंधित जिलों के जिलाधिकारी अक्सर कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और यातायात के दबाव को देखते हुए स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त छुट्टियों की घोषणा कर देते हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले अपुष्ट संदेशों या टाइम-टेबल पर भरोसा करने से बचना चाहिए। अभिभावकों और छात्रों को केवल अपने स्कूल के आधिकारिक व्हाट्सऐप ग्रुप, विद्यालय के मोबाइल ऐप्लिकेशन अथवा आधिकारिक नोटिस बोर्ड पर जारी सूचना को ही अंतिम और प्रामाणिक मानना चाहिए।
























