दक्षिण दिल्ली के प्रमुख इलाकों में शुमार चित्तरंजन पार्क और ग्रेटर कैलाश-II में दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर भारी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए विस्तृत यातायात पाबंदियां लागू की जा रही हैं। यह व्यवस्था 16 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 20 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। उत्सव के दौरान प्रतिदिन शाम 4 बजे से लेकर मध्यरात्रि 12 बजे तक वाहनों के आवागमन पर कड़े नियम और प्रतिबंध लागू रहेंगे। इस दौरान शाम के समय दफ्तरों से लौटने वाले दैनिक यात्रियों, खरीदारी करने बाजारों में जाने वाले लोगों और पूजा पंडालों के दर्शन के लिए निकलने वाले श्रद्धालुओं को मार्ग में बदलाव और संभावित देरी का सामना करना पड़ सकता है।
पाबंदियों का समय और प्रभावित होने वाले मुख्य इलाके
यह पांच दिवसीय विशेष यातायात योजना शुक्रवार, 16 अक्टूबर से शुरू होकर मंगलवार, 20 अक्टूबर तक निरंतर जारी रहेगी। हर दिन शाम 4 बजे से रात 12 बजे तक की समयावधि विशेष रूप से चुनी गई है क्योंकि यही समय शाम के व्यस्ततम दफ्तर समय, त्योहारी खरीदारी और पंडाल परिक्रमा का होता है। चित्तरंजन पार्क, जिसे आमतौर पर सीआर पार्क के नाम से जाना जाता है, राजधानी दिल्ली में दुर्गा पूजा आयोजनों का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहां स्थापित होने वाले भव्य सामुदायिक पंडाल, पारंपरिक भोजन के स्टॉल और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम न केवल स्थानीय लोगों बल्कि पूरी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।
सीआर पार्क के साथ-साथ ग्रेटर कैलाश-II के आवासीय मार्गों और उससे जुड़ने वाली मुख्य सड़कों पर भी उत्सव का सीधा असर पड़ेगा। पूजा स्थलों के प्रवेश द्वारों, स्थानीय बाजारों और आसपास की आवासीय गलियों में श्रद्धालुओं की भारी चहल-पहल रहने से यातायात की गति काफी धीमी हो सकती है। इसी वजह से दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इस पूरे क्षेत्र के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं ताकि किसी भी प्रकार के भारी जाम या असुविधा से बचा जा सके।
यातायात पुलिस के दिशा-निर्देश और दैनिक यात्रियों के लिए सलाह
त्योहार के दिनों में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सभी नागरिकों से यात्रा की योजना समय से पहले बनाने की अपील की है। जिन लोगों को इन इलाकों से होकर गुजरना है, उन्हें अत्यधिक व्यस्त रहने वाले रास्तों से बचने और वैकल्पिक मार्गों का चयन करने को कहा गया है। विशेष रूप से शाम के समय जब निजी वाहनों और टैक्सियों की संख्या बढ़ जाती है, तब सड़कों पर दबाव बहुत अधिक बढ़ जाता है।
सड़कों के किनारे अवैध या अनाधिकृत पार्किंग करने वालों पर पुलिस की विशेष नजर रहेगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सड़कों पर अनियंत्रित तरीके से खड़े किए गए वाहन पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं और अन्य वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह बाधित कर देते हैं। इस वजह से किसी भी अनधिकृत स्थान पर गाड़ी न पार्क करने और निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करने की सख्त ताकीद की गई है। इसके अलावा, कैब चालकों, डिलीवरी सेवाओं और दफ्तर आने-जाने वाले लोगों को अतिरिक्त समय लेकर चलने की सलाह दी गई है ताकि जाम में फंसने पर किसी महत्वपूर्ण कार्य में देरी न हो।
दिल्ली मेट्रो का उपयोग करने का सुझाव
सड़कों पर लगने वाले लंबे जाम और पार्किंग की भारी किल्लत से बचने के लिए सार्वजनिक परिवहन प्रणाली, विशेष रूप से दिल्ली मेट्रो, सबसे सुगम और सुरक्षित साधन बनकर सामने आती है। चित्तरंजन पार्क और ग्रेटर कैलाश-II के पंडालों तक पहुंचने के लिए मजेंटा लाइन और वॉयलेट लाइन के मेट्रो स्टेशन सबसे मुफीद साबित होंगे। इन दोनों लाइनों के नेटवर्क का उपयोग करके यात्री बिना किसी सड़क रुकावट के उत्सव स्थलों के बेहद नजदीक पहुंच सकते हैं।
सीआर पार्क की ओर जाने वाले आगंतुकों के लिए कालकाजी मंदिर मेट्रो स्टेशन एक बेहतरीन विकल्प है, जो मजेंटा लाइन और वॉयलेट लाइन दोनों पर इंटरचेंज की सुविधा प्रदान करता है। इसके अलावा मजेंटा लाइन पर स्थित नेहरू एन्क्लेव मेट्रो स्टेशन भी सीआर पार्क के कई हिस्सों और विशिष्ट पंडालों के काफी करीब पड़ता है। जो लोग ग्रेटर कैलाश-II की तरफ जाने की योजना बना रहे हैं, वे मजेंटा लाइन के ग्रेटर कैलाश मेट्रो स्टेशन पर उतर सकते हैं। दक्षिण दिल्ली के अन्य हिस्सों से आने वाले लोग भी अपनी सुविधानुसार कालकाजी मंदिर स्टेशन का चयन कर सकते हैं।
अंतिम छोर की यात्रा और सावधानी बरतने की अपील
मेट्रो स्टेशनों से उतरने के बाद पंडालों या गंतव्य स्थल तक पहुंचने के लिए अंतिम दूरी को तय करने की तैयारी पहले से कर लेना समझदारी होगी। कई स्थानों पर स्टेशन से पंडाल की दूरी पैदल तय की जा सकती है, जबकि कुछ अन्य जगहों के लिए ई-रिक्शा, ऑटो-रिक्शा या टैक्सी की जरूरत पड़ सकती है। भीड़भाड़ के कारण पंडालों के मुख्य द्वारों के आसपास वाहनों की एंट्री सीमित रह सकती है, इसलिए यात्रियों को थोड़ी दूरी पैदल चलने के लिए भी तैयार रहना चाहिए।
ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे घर से निकलने से पहले वास्तविक समय के यातायात अपडेट अवश्य जांच लें। सड़कों पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पूर्णतः पालन करें ताकि व्यवस्था बनी रहे। 20 अक्टूबर की आधी रात तक चलने वाली इस विशेष व्यवस्था के दौरान यदि आम नागरिक निजी वाहनों का उपयोग कम करेंगे और मेट्रो जैसी सेवाओं को प्राथमिकता देंगे, तो सभी के लिए दुर्गा पूजा का यह पावन उत्सव बेहद सुखद और सुगम साबित होगा।



















