घरों में उम्रदराज लोगों के लिए गीले फर्श पर संतुलन खोकर फिसल जाना एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या का रूप ले लेता है। अक्सर देखा जाता है कि स्नानघर में या भोजन कक्ष के आसपास पैर फिसलने से वरिष्ठ नागरिकों को गंभीर चोटें आ जाती हैं और उन्हें सीधे अस्पताल तक ले जाना पड़ता है। इस तरह के हादसों की रोकथाम के लिए आवासीय स्थानों पर विशेष ग्रिप तकनीक से लैस फिसलन-रोधी टाइल्स का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, जो सुरक्षा के लिहाज से बेहद उपयोगी साबित हो रही हैं।
बारीक ग्रिप और मैट बनावट से मिलती है मजबूती
रांची में टाइल्स का व्यवसाय चलाने वाले और दो से तीन शोरूम के संचालक सूरज के अनुसार, साठ से सत्तर वर्ष से अधिक उम्र के सदस्यों वाले परिवारों में इन टाइल्स की मांग सबसे अधिक देखी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस श्रेणी की टाइल्स में कई अलग-अलग किस्में उपलब्ध कराई जाती हैं। इनकी मुख्य तकनीकी विशेषता इनकी सतह पर बना बारीक ग्रिप ढांचा है, जो तलवों के साथ पूरी तरह संपर्क साध लेता है और चलने के दौरान पैर को जरा भी डगमगाने नहीं देता।
तेल और साबुन के झाग पर भी नहीं डगमगाते कदम
इन विशेष टाइल्स की निर्माण तकनीक में सतह पर छोटे-छोटे डस्ट पार्टिकल्स यानी सूक्ष्म कणों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे इन्हें एक पूरी तरह मैट फिनिश मिलती है। इस विशिष्ट बनावट के कारण यदि फर्श पर चिकनाई वाला तेल भी फैल जाए, तब भी सतह पर चलने वाले का संतुलन नहीं बिगड़ता और पैर जमीन पर पूरी तरह जम जाता है। पानी, साबुन, झाग अथवा शैम्पू का घोल गिर जाने की स्थिति में भी यह फिसलन-रोधी परत अपनी पकड़ बनाए रखती है। सुरक्षा की इस खूबी के कारण लोग इन्हें स्नानघर के अलावा डाइनिंग हॉल, लिविंग रूम और बेडरूम जैसे हिस्सों में भी बिछाना पसंद कर रहे हैं।
लागत का अंतर और बाजार में उपलब्ध विभिन्न विकल्प
कीमत के दृष्टिकोण से यह सुरक्षात्मक उत्पाद आम विकल्पों की तुलना में बहुत अधिक महंगा नहीं बैठता है। उदाहरण के लिए, यदि साधारण टाइल का खर्च 500 रुपये आता है, तो छह गुणा छह आकार वाली इस एंटी-स्लिप टाइल की दर 550 रुपये पड़ती है, यानी प्रति यूनिट लागत में सिर्फ 50 रुपये का मामूली अंतर दिखाई देता है। वहीं यदि कोई ग्राहक विशिष्ट डिजाइन अथवा प्रीमियम स्तर की बनावट का चयन करना चाहता है, तो यह मूल्य दायरा 1000 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक भी पहुंच जाता है। सुरक्षित घर बनाने के लिए वरिष्ठ नागरिकों वाले परिवारों से ऐसे उत्पादों के सबसे ज्यादा ऑर्डर मिल रहे हैं।




















