हरियाणा के फरीदाबाद जिले में स्थित साहुपुरा गांव की मुख्य सड़क लंबे समय से बदहाली का शिकार है। सड़क पूरी तरह टूट चुकी है और जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार यह संपर्क मार्ग लगभग 20 गांवों को आपस में जोड़ता है और पलवल की तरफ आने-जाने वाले मुसाफिर भी इसी रास्ते का उपयोग करते हैं। मार्ग पर बिखरी गिट्टी, गहरे गड्ढों और जमा पानी के कारण प्रतिदिन आवागमन करने वालों को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। साहुपुरा निवासी धर्मवती ने बताया कि सड़क जगह-जगह से उधड़ चुकी है और गांव के लोग बहुत दिनों से इस मुसीबत को झेलने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने प्रशासन से तत्काल मरम्मत की गुहार लगाई, क्योंकि बरसात के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जिससे पैदल चलना तक दूभर हो जाता है।
बरसात में जलभराव और दो-तीन वर्षों से उपेक्षा का दंश
गांव की निवासी सविता ने साझा किया कि इस मार्ग की हालत बीते दो से तीन साल से लगातार खराब बनी हुई है। सड़क के टूटने के बाद से राहगीरों और वाहन चालकों के लिए जोखिम लगातार बढ़ता जा रहा है। बारिश होते ही मार्ग पर भारी मात्रा में पानी भर जाता है, जिसके चलते पानी में डूबे गड्ढों का अंदाजा नहीं लग पाता और हर समय दुर्घटना की आशंका मंडराती रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन जल्द से जल्द सड़क का पुनर्निर्माण कराए ताकि आम जनजीवन को राहत मिल सके। वहीं वसीम अली ने बताया कि साहुपुरा का यह संपर्क मार्ग कई वर्षों से उपेक्षित है। बारिश के दिनों में सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है और गहरे गड्ढे पूरी तरह छिप जाते हैं। मार्ग पर स्ट्रीट लाइट और रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण रात के वक्त अंधेरे में गड्ढे दिखाई नहीं पड़ते, जिससे वाहनों के पहिए अचानक गड्ढों में जा गिरते हैं और लोग चोटिल हो जाते हैं।
पलवल की ओर आवागमन करने वाले हजारों मुसाफिरों पर असर
राजवती ने बताया कि यह मार्ग केवल साहुपुरा गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के अनेक गांवों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण जीवनरेखा है। बड़ी संख्या में लोग इसी रास्ते से होते हुए पलवल की दिशा में यात्रा करते हैं। सड़क की दुर्दशा के कारण रोजाना सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों, किसानों और विद्यार्थियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मानसूनी बारिश के दौरान पानी भरने से यह समस्या कई गुना बढ़ जाती है। ग्रामीण अनिल कुमार ने स्पष्ट किया कि पिछले चार-पांच साल से सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है। बारिश में जलभराव के बीच रात के अंधेरे में गड्ढों का पता न चलने से कई बार राहगीर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी नाली में गिर जाते हैं। लोगों का कहना है कि जब तक सड़क को मजबूत आधार के साथ दोबारा नहीं बनाया जाता, तब तक यह खतरा टलने वाला नहीं है।
धूल, गंदगी और जलभराव से स्थानीय कारोबार भी प्रभावित
टूटी सड़क का दुष्प्रभाव सिर्फ आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय कारोबारियों पर भी पड़ रहा है। प्रिया ने बताया कि सड़क टूटने के साथ-साथ इलाके में गंदगी और जलभराव की गंभीर समस्या भी खड़ी हो गई है। दुकानों के ठीक सामने सड़क गड्ढों और कीचड़ से पटी होने के कारण वहां बैठना तक मुश्किल हो जाता है। जब भारी वाहन इस टूटे रास्ते से गुजरते हैं, तो दिनभर भारी मात्रा में धूल, मिट्टी और रेत उड़ती रहती है। इस उड़ती धूल और दुर्गंध के कारण दुकानों पर ग्राहकों का आना कम हो गया है, जिससे दैनिक कारोबार पर विपरीत असर पड़ रहा है। सड़क पर वाहनों का निरंतर दबाव रहता है, जिससे उड़ती रेत आसपास रहने वाले परिवारों और दुकानदारों के स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचा रही है। साहुपुरा गांव के सभी निवासियों ने संबंधित विभाग से पुरजोर मांग की है कि इस मुख्य सड़क का पुनर्निर्माण जल्द से जल्द कराया जाए, साथ ही साफ-सफाई और जल निकासी का स्थाई समाधान सुनिश्चित किया जाए।



















