झारखंड के जमशेदपुर में गणेशोत्सव की भव्य शुरुआत हो चुकी है। शहर भर के अलग-अलग क्षेत्रों में भगवान श्री गणेश की विशाल और आकर्षक मूर्तियां स्थापित की जा रही हैं, जिन्हें देखने के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ रहा है। इस वर्ष भी गोविंदपुर इलाके में बेसिक स्कूल बॉय कमेटी की ओर से विशालकाय गणेश प्रतिमा का निर्माण किया गया है, जिसे 'जमशेदपुर का राजा' नाम दिया गया है। 25 फीट ऊंची यह प्रतिमा इस बार पूरे क्षेत्र में आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र बनी हुई है।
वर्ष 2009 से जारी है भव्य आयोजन की परंपरा
गोविंदपुर में बेसिक स्कूल बॉय कमेटी पिछले 16 वर्षों यानी वर्ष 2009 से लगातार गणेश पूजा का आयोजन करती आ रही है। हर साल समिति द्वारा एक से बढ़कर एक भव्य और अनूठे स्वरूप में गणेश जी की मूर्ति बनाई जाती है। इस पारंपरिक आयोजन में हर वर्ष हजारों की संख्या में श्रद्धालु दूर-दूर से दर्शन करने पहुंचते हैं। इस बार भी 25 फीट ऊंची इस विशाल प्रतिमा को देखने के लिए स्थानीय निवासियों और भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
दो महीने की मेहनत और 1.60 लाख रुपये का बजट
समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, इस विशालकाय 25 फीट ऊंची गणेश मूर्ति को तैयार करने में लगभग 1 लाख 60 हजार रुपये का कुल खर्च आया है। इस भव्य प्रतिमा को गढ़ने और अंतिम रूप देने के लिए पिछले दो महीनों से लगातार काम चल रहा था। लगभग 150 समर्पित कार्यकर्ताओं और मूर्तिकारों की टीम ने दिन-रात मेहनत करके इसे तैयार किया है। इस बार मूर्ति का स्वरूप बेहद खास है, जिसमें विघ्नहर्ता गणेश जी की प्रतिमा के ठीक ऊपर देवाधिदेव भगवान शिव को विराजमान दिखाया गया है।
भूत बंगले की थीम और छठ पूजा का विशेष संयोजन
केवल मूर्ति ही नहीं, बल्कि पूजा पंडाल को भी एक अलग और रोमांचक रूप देने का प्रयास किया गया है। आयोजकों ने बच्चों के मनोरंजन और कौतूहल को ध्यान में रखते हुए पंडाल परिसर में 'भूत बंगला' थीम तैयार की है, जो बच्चों के लिए मुख्य आकर्षण होगी। इसके साथ ही पंडाल की सजावट में लोक आस्था के महान पर्व छठ पूजा की सुंदर झांकी और झलक भी शामिल की गई है। इस अनूठे सांस्कृतिक मेल से पंडाल को एक विशिष्ट पहचान मिली है।
दिल्ली-मुंबई की झांकियां और सर्प संरक्षण अभियान
गणेश उत्सव के पावन अवसर पर सांस्कृतिक और जागरूकता कार्यक्रमों की भी विस्तृत श्रृंखला आयोजित की जाएगी। समिति की ओर से दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों से विशेष सांस्कृतिक झांकियां मंगाई गई हैं। इन झांकियों के प्रदर्शन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने का अनुमान है। इसके अलावा, एक स्नेक रेस्क्यू टीम भी कार्यक्रम में हिस्सा लेगी, जो लोगों को सांपों के विषय में महत्वपूर्ण और वैज्ञानिक जानकारियां प्रदान करेगी। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य सांपों से जुड़ी पुरानी भ्रांतियों व अंधविश्वासों को दूर करना और लोगों को सर्पदंश से बचाव के व्यावहारिक तरीके सिखाना है।
25 हजार लोगों के लिए महाभोग और रंगारंग कार्यक्रम
उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं के लिए बड़े पैमाने पर महाभोग का विशेष इंतजाम किया गया है। आयोजक समिति के अनुसार, पूजा के दौरान लगभग 25 हजार से अधिक लोगों के बीच महाभोग का वितरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, शाम के समय मनोरंजन और भक्तिमय माहौल बनाए रखने के लिए डांस और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है, जिसमें कई कलाकार अपनी कलात्मक प्रस्तुतियां देंगे। इन तमाम आयोजनों को लेकर समिति के सदस्यों और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।



















