दिलीप ट्रॉफी के हालिया मुकाबले में ईस्ट ज़ोन की खिताबी जीत ने घरेलू क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस शानदार खिताबी सफर में पूर्वी क्षेत्र की टीम में शामिल झारखंड के पांच होनहार क्रिकेटरों ने अपने असाधारण खेल से सभी को प्रभावित किया है। इस बड़ी कामयाबी के बाद खेल जगत के जानकारों और विश्लेषकों के बीच झारखंड में क्रिकेट की विकास यात्रा को लेकर एक सकारात्मक माहौल बन गया है। जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में झारखंड की इस धरती से कई और बेहतरीन खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय क्रिकेट का प्रतिनिधित्व करते हुए दिखाई देंगे।
ईशान किशन की कप्तानी और वापसी की मजबूत दावेदारी
इस खिताबी मुकाबले में पूर्वी क्षेत्र की टीम का नेतृत्व भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन कर रहे थे। ईशान किशन किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं, लेकिन इस बार उन्होंने मैदान पर जो खेल दिखाया है, उसने चयनकर्ताओं का ध्यान फिर से अपनी ओर खींचा है। इस टूर्नामेंट में उन्होंने 350 रनों की एक बेहद धमाकेदार और ऐतिहासिक पारी खेली। रांची के क्रिकेट विशेषज्ञ और पूर्व रणजी खिलाड़ी एसपी गौतम ने उनके इस शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि इस बार ईशान किशन के खेल में एक अलग ही परिपक्वता दिखाई दी। उन्होंने क्रीज पर लंबे समय तक टिके रहने और धैर्य के साथ लंबी पारियां खेलने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है। खेल के प्रति यह दृष्टिकोण उनके लिए निश्चित रूप से वरदान साबित होगा और भारतीय टीम में उनकी वापसी की संभावनाओं को मजबूती प्रदान करेगा।
विराट सिंह की शानदार बल्लेबाजी और आईपीएल का अनुभव
टीम के एक अन्य महत्वपूर्ण स्तम्भ विराट सिंह रहे हैं, जिनके पास घरेलू क्रिकेट के साथ-साथ IPL का भी अच्छा अनुभव है। विराट सिंह IPL में सनराइज हैदराबाद की टीम की ओर से मैदान पर उतर चुके हैं। उन्होंने अंडर-19, अंडर-23 और अब दिलीप ट्रॉफी, इन तीनों ही बड़े स्तरों पर लगातार अपनी शानदार बल्लेबाजी से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया है। इस दिलीप ट्रॉफी के खिताबी मुकाबले में भी वह क्रीज पर जमे रहे और अंत तक नॉट आउट रहकर टीम को जीत की दहलीज पार कराई। पूर्व रणजी खिलाड़ी एसपी गौतम का कहना है कि विराट सिंह के पास बल्लेबाजी की अपार क्षमता है और आने वाले IPL सत्रों में क्रिकेट प्रेमी उनके बल्ले से कई और शानदार पारियां देखने की उम्मीद कर सकते हैं।
7 करोड़ के स्टार खिलाड़ी कुमार कुशाग्र और युवा शिखर मोहन
इस टीम में झारखंड के दो अन्य युवा और बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी शामिल थे, जिनकी उम्र महज 21 वर्ष है। इनमें से एक नाम कुमार कुशाग्र का है, जो जमशेदपुर के रहने वाले हैं। कुशाग्र की प्रतिभा का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि IPL नीलामी के दौरान दिल्ली कैपिटल्स ने उन पर भरोसा जताते हुए 7 करोड़ रुपये की बड़ी बोली लगाकर उन्हें अपनी टीम में शामिल किया था। पिछले साल वह गुजरात टाइटंस के लिए विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभालते हुए भी दिखे थे। कुशाग्र की इस सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत है, क्योंकि वह मात्र 5 वर्ष की उम्र से ही क्रिकेट को अपनी जिंदगी मानकर दिन-रात अभ्यास कर रहे हैं। इनके अलावा, 21 वर्षीय शिखर मोहन भी टीम का हिस्सा रहे हैं, जो धीरे-धीरे घरेलू क्रिकेट में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं और लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं।
ऑलराउंडर अनुकूल राय का दोहरा प्रदर्शन
ईस्ट ज़ोन की जीत में ऑलराउंडर अनुकूल राय की भूमिका को भी कम नहीं आंका जा सकता। उन्होंने अपनी गेंदबाजी के दम पर विपक्षी टीम के कई महत्वपूर्ण विकेट चटकाए और मैच को अपनी टीम के पक्ष में मोड़ने में मदद की। इसके साथ ही, बल्लेबाजी में भी उन्होंने जिम्मेदारी निभाते हुए 37 रनों की बेहद सूझबूझ भरी और टिकाऊ पारी खेली। ऑलराउंडर अनुकूल राय के इस बेहतरीन खेल और शिखर मोहन के सतत सुधार से टीम का संतुलन बेहद मजबूत दिखाई दिया। एसपी गौतम का मानना है कि झारखंड के खिलाड़ियों का यह एकजुट प्रदर्शन आने वाले समय में राज्य के क्रिकेट को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।



















