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जमशेदपुर में एक्सएलआरआई के मेस में फाइव स्टार जैसी दावत, रोज चार वक्त परोसा जाता है लजीज खानाझारखंड
15 अक्तू॰ 2026, 9:11 am (51 मिनट पहले)· 0

जमशेदपुर में एक्सएलआरआई के मेस में फाइव स्टार जैसी दावत, रोज चार वक्त परोसा जाता है लजीज खाना

एक्सएलआरआई जमशेदपुर में छात्रों को दिन में चार बार पौष्टिक और लजीज भोजन परोसा जाता है, जबकि वेलकम डिनर जैसे खास मौकों पर मेन्यू किसी लक्जरी होटल की भव्य दावत जैसा नजर आता है।

देश के शीर्ष प्रबंधन संस्थानों में शुमार एक्सएलआरआई जमशेदपुर में पढ़ाई और कठिन अकादमिक रूटीन के बीच विद्यार्थियों के खानपान का विशेष ध्यान रखा जाता है। संस्थान के मेस में भोजन की गुणवत्ता और विविधता साधारण हॉस्टल जैसी नहीं, बल्कि किसी बड़े कॉर्पोरेट आयोजन या लक्जरी होटल जैसी दिखाई देती है। परिसर में पढ़ाई कर रहे छात्र देवांश के अनुसार, यहां नियमित दिनों में भी हर छात्र को संतुलित और स्वादिष्ट भोजन देने की पूरी व्यवस्था की गई है।

सुबह से रात तक चार वक्त का संतुलित भोजन

संस्थान में रहने वाले विद्यार्थियों को दिन भर में कुल चार बार भोजन परोसा जाता है। सुबह के नाश्ते में कई तरह के विकल्प रहते हैं, जिनमें ब्रेड, ऑमलेट, सैंडविच, पराठा, छोले-भटूरे, डोसा और उत्तपम शामिल हैं। इससे छात्र अपनी निजी पसंद और क्षेत्रीय स्वाद के मुताबिक नाश्ता चुन सकते हैं। व्यस्त कक्षाओं और प्रोजेक्ट वर्क के बीच नाश्ते की यह विविधता छात्रों को दिन भर ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करती है।

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दोपहर के भोजन में चावल, दाल, दो प्रकार की ताजी सब्जियां, रायता और मौसमी फल परोसे जाते हैं। मांसाहारी भोजन पसंद करने वाले विद्यार्थियों के लिए चिकन, फिश और बिरयानी जैसे व्यंजन भी उपलब्ध रहते हैं। शाम के समय थकावट मिटाने के लिए चाय, कॉफी और हल्के स्नैक्स की व्यवस्था होती है। इसके बाद रात के खाने में ताजी रोटियां, चावल, दो सब्जियां और अंत में मीठे में विशेष डेजर्ट दिया जाता है। इस पूरे चक्र से छात्रों को पूरे दिन पोषक तत्वों से भरपूर आहार मिलता रहता है।

वेलकम डिनर और खास मौकों की भव्य दावत

सामान्य दिनों के अलावा जब परिसर में वेलकम डिनर, ऑक्शन या अन्य उत्सव आयोजित होते हैं, तब मेस का माहौल किसी भव्य समारोह में बदल जाता है। हाल ही में आयोजित वेलकम डिनर में स्टार्टर से लेकर मुख्य भोजन तक व्यंजनों की एक विस्तृत सूची देखने को मिली। शुरुआत में छात्रों और मेहमानों को फिश टिक्का तथा चिकन लॉलीपॉप जैसे स्टार्टर परोसे गए।

इसके बाद भोजन कक्ष में चिकन मंचाऊ सूप, चाउमीन, फ्राइड राइस, गार्लिक राइस, और दोनों प्रकार के यानी व्हाइट और रेड सॉस पास्ता उपलब्ध कराए गए। इस भव्य डिनर में भारतीय और कॉन्टिनेंटल दोनों तरह के खानपान का बेहतरीन संतुलन दिखा। स्ट्रीट फूड और चाट प्रेमियों के लिए टिक्की चाट, गोलगप्पे और पापड़ी के स्टॉल भी मौजूद थे, जबकि ऐपेटाइज़र में पनीर साते और स्प्रिंग रोल शामिल किए गए थे।

शाही पकवान और मिठाइयों की भरमार

मुख्य भोजन की थाली में पारंपरिक भारतीय स्वाद को प्रमुखता दी गई। इसमें गार्लिक नान, पूरी, मटन बिरयानी, शाही पनीर, वेज पुलाव, बूंदी रायता, किमची, ताजा सलाद और पापड़ शामिल रहे। इतने सारे विकल्पों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि संस्थान अपने शिक्षार्थियों के अनुभव को हर स्तर पर समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

दावत के अंत में मीठे के शौकीनों के लिए भी लंबी फेहरिस्त तैयार की गई थी। डेजर्ट काउंटर पर फ्रूट कस्टर्ड, डोनट, ब्राउनी और आइसक्रीम के साथ-साथ पारंपरिक भारतीय मिठाई के रूप में लौकी का हलवा भी परोसा गया। छात्रों के अनुसार, ऐसे आयोजनों का खाना किसी भी बड़े पांच सितारा होटल की बुफे व्यवस्था के समकक्ष ठहरता है।

मेन्यू तय करने में छात्रों की सीधी भागीदारी

एक्सएलआरआई के डाइनिंग सिस्टम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि भोजन की सूची प्रशासन अकेले तय नहीं करता। देवांश ने स्पष्ट किया कि सप्ताह के नियमित मेन्यू से लेकर खास आयोजनों की रूपरेखा तक, सभी फैसलों में जूनियर और सीनियर छात्रों की सक्रिय भागीदारी रहती है। मेस कमेटी के जरिए छात्र खुद अपनी पसंद और पोषण से जुड़ी प्राथमिकताओं को मेन्यू में शामिल कराते हैं।

मेस के डाइनिंग हॉल में एक ही समय पर 100 से अधिक विद्यार्थियों के बैठकर भोजन करने की सुव्यवस्थित जगह उपलब्ध है। इस प्रकार यह मेस केवल पेट भरने का साधन नहीं है, बल्कि यह कैंपस जीवन का केंद्र बिंदु बन चुका है जहां विद्यार्थी एक-दूसरे से मिलते हैं, विचार साझा करते हैं और कठिन पढ़ाई के तनाव को दूर करते हैं।

सवाल-जवाब

एक्सएलआरआई जमशेदपुर में छात्रों को दिन में कितनी बार खाना मिलता है?
संस्थान में विद्यार्थियों को दिन में चार बार भोजन दिया जाता है, जिसमें सुबह का नाश्ता, दोपहर का खाना, शाम के स्नैक्स और रात का डिनर शामिल है।
सामान्य दिनों में सुबह के नाश्ते में क्या-क्या विकल्प मिलते हैं?
नाश्ते में ब्रेड, ऑमलेट, सैंडविच, पराठा, छोले-भटूरे, डोसा और उत्तपम जैसे कई तरह के शाकाहारी और मांसाहारी विकल्प उपलब्ध रहते हैं।
वेलकम डिनर जैसे खास मौकों पर कौन-से स्टार्टर परोसे जाते हैं?
खास मौकों पर फिश टिक्का, चिकन लॉलीपॉप, पनीर साते, स्प्रिंग रोल, टिक्की चाट, गोलगप्पे और पापड़ी जैसे स्टार्टर परोसे जाते हैं।
मेस में मेन्यू तय करने का अधिकार किसके पास होता है?
मेन्यू निर्धारण में विद्यार्थियों की सीधी भागीदारी होती है, जिसमें सीनियर और जूनियर दोनों बैच मिलकर भोजन के विकल्प तय करते हैं।
मेस के डाइनिंग हॉल में एक साथ कितने छात्र बैठ सकते हैं?
एक्सएलआरआई के मेस डाइनिंग एरिया में एक समय में 100 से अधिक विद्यार्थियों के बैठकर खाना खाने की उचित व्यवस्था है।
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