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झारखंड के उमाशंकर मिश्रा का नवरात्रि पर नया भजन रिलीज, मां और बेटे के स्नेह को सुरों में पिरोयाझारखंड
14 अक्तू॰ 2026, 9:04 pm (1 घंटे पहले)· 0

झारखंड के उमाशंकर मिश्रा का नवरात्रि पर नया भजन रिलीज, मां और बेटे के स्नेह को सुरों में पिरोया

मेदिनीनगर के गायक उमाशंकर मिश्रा ने नवरात्रि के पावन पर्व पर अपना नया भक्ति ट्रैक आदि शक्ति जगदम्बा श्रोताओं के सामने प्रस्तुत किया है, जिसकी पूरी शूटिंग पलामू में हुई है।

शारदीय उत्सव के दौरान भक्तिमय माहौल के बीच झारखंड के कलाकारों ने अपनी रचनात्मकता से संगीत जगत में नई उपस्थिति दर्ज कराई है। पलामू स्थित मेदिनीनगर के निवासी गायक उमाशंकर मिश्रा ने दुर्गा पूजा के उपलक्ष्य में देवी की आराधना को समर्पित एक नया भजन प्रस्तुत किया है। इस पूरे संगीत वीडियो में एक मां और उसके बेटे के बीच पनपने वाले गहरे आत्मिक व भावनात्मक जुड़ाव को सुरों में ढाला गया है। इसके जरिए एक भक्त जगज्जननी के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनकी भव्य अलौकिक छवि का गुणगान करता नजर आता है।

भजन की संरचना और काव्यात्मक बोल

इस नई रचना का शीर्षक ‘आदि शक्ति जगदम्बा’ रखा गया है, जिसकी कुल समय अवधि 5 मिनट 45 सेकंड दर्ज की गई है। रचनाकार ने माता रानी के विराट स्वरूप को शब्दों में पिरोते हुए यह संदेश दिया है कि सृष्टि का प्रारंभ और समापन सब उन्हीं के चरणों में समाहित है। गीत की पंक्तियों में सनातन सत्य और जगजननी के रूप में भवानी की महिमा का बखान अत्यंत सुंदर ढंग से किया गया है। वर्तमान समय में डिजिटल दर्शकों तक सीधी पहुंच बनाने के इरादे से इस पूरे भक्ति संगीत को उमाशंकर मिश्रा के व्यक्तिगत आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर जारी किया गया है।

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निर्माण दल और पलामू की स्थानीय लोकेशन

रचनात्मक स्तर पर इस भजन को तैयार करने के लिए अंतरराज्यीय कलाकारों की टीम ने मिलकर काम किया है। इसके बोल पलामू के स्थानीय रचनाकार राजीव द्विवेदी सागर की कलम से निकले हैं, जबकि संगीत संयोजन का दायित्व पटना के संगीत निर्देशक छोटू रावत ने संभाला है। इस प्रोजेक्ट के साथ प्रयागराज यानी इलाहाबाद के विष्णु राजा का रचनात्मक सहयोग भी शामिल रहा। दृश्य पक्ष को आकर्षक बनाने के लिए नृत्य संयोजन मृत्युंजय मौर्य ने तैयार किया, जिस पर पटना की नृत्यांगना आरती कुमारी ने कैमरे के सामने अपनी कला का प्रदर्शन किया। तकनीकी टीम ने बाहरी शहरों में जाने के बजाय पलामू के पाटन ब्लॉक अंतर्गत नावाजयपुर इलाके में विशेष सेट लगाकर पूरे गाने का फिल्मांकन संपन्न किया।

पांचवीं कक्षा से आरंभ हुआ सफर और फिल्मों में अभिनय

उमाशंकर मिश्रा का सुरों से नाता कोई नया नहीं है, बल्कि उनके संगीत साधना की शुरुआत प्राथमिक विद्यालय के दिनों में ही हो गई थी। जब वे पांचवीं कक्षा में पढ़ाई कर रहे थे, उसी दौर से उन्होंने मंचों और घरेलू आयोजनों में गाना शुरू कर दिया था। औपचारिक और निरंतर रूप से वे वर्ष 1997 से संगीत के क्षेत्र में लगातार काम कर रहे हैं। वर्ष 2005 में श्रोताओं के बीच उनका पहला संगीत संग्रह ‘झारखंड की झटका’ सामने आया था। उस शुरुआती कामयाबी के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और अब तक सैकड़ों म्यूजिक एलबम बाजार में उतार चुके हैं।

एनालॉग कैसेट और कॉम्पैक्ट डिस्क के दौर से संगीत यात्रा शुरू करके वे आज के आधुनिक इंटरनेट स्ट्रीमिंग युग में भी अपनी निरंतरता बनाए हुए हैं। गायन के समानांतर उन्होंने रूपहले पर्दे पर भी अपनी प्रतिभा आजमाई है और कई क्षेत्रीय फिल्मों में अभिनय की भूमिकाएं निभाई हैं।

छठ महापर्व की तैयारी और भविष्य का लक्ष्य

दुर्गा पूजा के तुरंत बाद आने वाले सूर्योपासना के महापर्व छठ को लेकर भी उनकी नई संगीतमय योजनाएं जमीन पर उतरने के लिए तैयार हैं। सूर्य देव की आराधना के लिए उन्होंने ‘उगी हे सूरज देव’ शीर्षक से एक पारंपरिक छठ गीत तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही श्रोताओं के समक्ष पेश किया जाएगा। गायक का कहना है कि उनकी मंजिल यहीं समाप्त नहीं होती, बल्कि वे देश के सबसे प्रतिष्ठित रिकॉर्ड लेबल टी-सीरीज के बैनर तले अपने गीतों को वैश्विक स्तर पर रिलीज कराने का सपना संजोए हुए हैं और उसी दिशा में सतत प्रयास कर रहे हैं।

सवाल-जवाब

उमाशंकर मिश्रा का नया नवरात्रि भजन किस नाम से रिलीज हुआ है?
उनके नए भक्ति गीत का शीर्षक ‘आदि शक्ति जगदम्बा’ है।
इस भक्ति गीत की अवधि कितनी है और इसे कहां सुना जा सकता है?
यह गीत 5 मिनट 45 सेकंड का है और इसे उमाशंकर मिश्रा के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर सुना जा सकता है।
गाने की शूटिंग किस स्थान पर की गई है?
इस वीडियो की शूटिंग पलामू जिले के पाटन प्रखंड स्थित नावाजयपुर में विशेष सेट लगाकर की गई है।
इस भजन के गीतकार और संगीत निर्देशक कौन हैं?
गीत के बोल पलामू के राजीव द्विवेदी सागर ने लिखे हैं और संगीत पटना के छोटू रावत ने दिया है।
उमाशंकर मिश्रा ने गायन की शुरुआत कब की थी?
उन्होंने पांचवीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान ही गायन शुरू कर दिया था और वर्ष 1997 से संगीत में लगातार सक्रिय हैं।
उमाशंकर मिश्रा का पहला एलबम कब रिलीज हुआ था?
उनका पहला एलबम ‘झारखंड की झटका’ वर्ष 2005 में रिलीज हुआ था।
छठ महापर्व के लिए उमाशंकर मिश्रा का कौन सा गीत आने वाला है?
छठ पर्व के लिए उनका नया भक्ति गीत ‘उगी हे सूरज देव’ रिलीज होने की तैयारी में है।
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टिप्पणियाँ 5

Arjun Mehta@arjun-mehta·30 मिनट पहले

कैसा दौर आ गया है, पांचवीं कक्षा से मंच पर गाने वाले उमाशंकर जी ने कैसेट के जमाने से लेकर आज यूट्यूब तक का सफर तय कर लिया। वाकई पुराने कलाकारों की यह जिजीविषा कमाल की है।

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·30 मिनट पहले

अर्जुन जी, जिजीविषा तो ठीक है पर इतने लंबे सफर के बाद भी अगर दर्शक नहीं बढ़े तो क्या फायदा? यूट्यूब के इस दौर में व्यूज देखकर ही असली मेहनत का पता चलता है।

Rohan Verma@rohan-verma·48 मिनट पहले

पलामू के स्थानीय कलाकारों ने मिलकर नवरात्रि पर बढ़िया भजन तैयार किया है। कैसेट के जमाने से लेकर यूट्यूब तक का सफर तय करना वाकई आसान नहीं होता।

Ravikash Gupta@ravikash·47 मिनट पहले

रोहन जी, बात तो ठीक है पर 1997 से लगे होने के बाद भी क्या सिर्फ एक 'झारखंड की झटका' ही बड़ा नाम है? इतने साल में और काम भी तो होना चाहिए था।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

मेदिनीनगर से नवरात्रि पर भजन आना बढ़िया है, पर मां-बेटे के रिश्ते को भजन से जोड़ना थोड़ा अटपटा सा लगा। वैसे उमाशंकर जी पुराने कलाकार हैं, कैसेट के जमाने से गा रहे हैं, तो गाना अच्छा ही होगा।

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