राजस्थान के बूंदी जिला अस्पताल में सफाईकर्मियों का कार्य बहिष्कार, बकाया मानदेय को लेकर मुख्य द्वार पर प्रदर्शनकानपुर और लखनऊ के बीच जाजमऊ पुल की मरम्मत के साथ 100 मीटर संपर्क मार्ग का भी होगा कायाकल्पअरब सागर तक 27 घंटे से ज्यादा बंद रहेगा पाकिस्तान का एयरस्पेस, नए नोटिस से बढ़ी हलचलदैनिक राशिफल 12 अक्टूबर 2026: 7 राशियों को मिलेगा जबरदस्त फायदा, जानें मेष से मीन तक का पूरा भविष्यफलत्योहारी सीजन में उधना से जयनगर के लिए शुरू होंगी अमृत भारत अनारक्षित ट्रेनें, देखें शेड्यूल और ठहरावभारतीय शेयर बाजार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की लहर: बॉश, एलटीटीएस और परसिस्टेंट सिस्टम्स समेत 6 कंपनियों पर टिकी नजरेंखैबर पख्तूनख्वा सरकार बर्खास्त होने के बाद राष्ट्रपति शासन और आपातकाल लागूघर पर सिनेमा जैसा ऑडियो अनुभव पाने के लिए अमेज़न पर उपलब्ध साउंडबार और पोर्टेबल स्पीकर्स के चुनिंदा विकल्पउत्तराखंड के नैनीताल में जाह्नवी कपूर और रिया चक्रवर्ती की नई थ्रिलर फिल्म की शूटिंग शुरूऋषिकेश में ऑटो चालकों की मनमानी से स्थानीय नागरिक परेशान, नियमित सिटी बस सेवा शुरू करने की उठी मांग
रसोई में घंटों की मशक्कत घटाएंगे ये किफायती कटर और चॉपर, जानिए कैसे बदलेंगे खाना पकाने का अंदाजबिहार
11 अक्तू॰ 2026, 2:10 pm (2 घंटे पहले)· 0

रसोई में घंटों की मशक्कत घटाएंगे ये किफायती कटर और चॉपर, जानिए कैसे बदलेंगे खाना पकाने का अंदाज

सब्जियां काटने के मुश्किल काम को आसान बनाने के लिए पटना के बाजार में 100 रुपये से लेकर 450 रुपये तक के कई बजट फ्रेंडली मैनुअल किचन गैजेट्स उपलब्ध हैं।

व्यस्त दिनचर्या के बीच घर की रसोई में भोजन तैयार करना अक्सर एक लंबी और थकाऊ प्रक्रिया बन जाता है। किसी भी पकवान को पकाने से पहले की सबसे बड़ी चुनौती सब्जियों की कटाई और छंटाई होती है। विशेष रूप से बड़े और संयुक्त परिवारों में हर दिन ढेरों सब्जियां काटना काफी अधिक समय और शारीरिक श्रम मांगता है। इस रोजमर्रा की परेशानी को हल करने के लिए आधुनिक बाजारों में बिजली के बिना काम करने वाले कई छोटे और बेहद उपयोगी उपकरण आ चुके हैं। मैनुअल वेजिटेबल कटर, पुश चॉपर और डोरी खींचकर चलने वाले पुल चॉपर जैसी छोटी डिवाइसेज की मदद से यह जटिल काम महज चंद पलों में पूरा हो जाता है। सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इन सभी किचन टूल्स की कीमतें बेहद किफायती हैं, जिससे कम खर्च में रसोई के काम को बेहद सुगम और तेज बनाया जा सकता है।

आलू की कटिंग को आसान बनाता स्पेशल कटर

बिहार के पारंपरिक खानपान में आलू की भुजिया के बिना दैनिक भोजन की कल्पना करना कठिन है। इसी डिश के समान कटिंग को बाहर के क्षेत्रों में फ्रेंच फ्राइज या फिंगर चिप्स का नाम दिया जाता है। इस तरह के पकवान तैयार करते समय सभी आलुओं को एक जैसे आकार और मोटाई में काटना काफी मशक्कत भरा काम होता है। ऐसे अवसरों पर आलू कटर सबसे ज्यादा काम आता है। इस उपकरण के सांचे में पूरे आलू को रखकर लॉक किया जाता है और ऊपर के हैंडल से दबाव डाला जाता है। सेल्समैन साहिल के अनुसार, यह उपकरण आलू को एक समान फिंगर चिप्स के रूप में तेजी से काट देता है। इसके अलावा समोसे की भरावन या पराठे के लिए आलू के छोटे टुकड़े तैयार करने में भी यह कटर बराबर उपयोगी सिद्ध होता है।

ये भी पढ़ें

प्याज के आंसुओं और मिर्च की तीखी जलन से राहत

रसोई में भोजन पकाते समय प्याज काटते वक्त आंखों से आंसू निकलना और हरी मिर्च काटने के बाद उंगलियों में लंबे समय तक जलन बने रहना हर घर की सामान्य समस्या है। इन दोनों झंझटों से निजात दिलाने में वेजिटेबल कटर और चॉपर बेहद व्यावहारिक समाधान पेश करते हैं। साहिल ने स्पष्ट किया कि इन गैजेट्स के अंदर प्याज, मिर्च और अन्य सब्जियों को एक साथ डालकर आसानी से बारीक काटा जा सकता है। इससे चाकू को बार-बार हाथ में लेकर उंगलियों को जोखिम में डालने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है। इसके साथ ही भोजन की थाली के लिए ताजा सलाद तैयार करने में भी यह उपकरण सब्जियों के सटीक टुकड़े करने में पूरी मदद करता है।

हरी सब्जियों की झटपट कटाई महज 100 रुपये में

रसोई में हरी पत्तेदार और रेशेदार सब्जियों को काटना भी काफी समय लेता है। इस विशेष कटर में भिंडी, करेला, नेनुआ, पालक, ताजा धनिया, मेथी और हरी मिर्च जैसी कई सब्जियों को एक साथ रखा जा सकता है। सब्जियों को कटर के अंदर रखकर केवल ऊपर से दबाना होता है और कुछ ही पलों में उनकी समान कटिंग तैयार होकर नीचे आ जाती है। साहिल के अनुसार, इस बुनियादी वेजिटेबल कटर की कीमत लगभग 100 रुपये है, जो किसी भी आम परिवार के बजट में आसानी से समा जाती है।

मोमोज स्टफिंग से चटनी तक पुश चॉपर का कमाल

आजकल घरों में भी मोमोज, स्प्रिंग रोल और भरवां पराठे बनाने का चलन लगातार बढ़ रहा है। हालांकि, इन व्यंजनों के लिए पत्ता गोभी, प्याज और दूसरी सामग्रियों को बहुत महीन चॉप करना पड़ता है, जिसमें पारंपरिक चाकू से बहुत अधिक समय बर्बाद होता है। मैनुअल पुश चॉपर इस पूरी झंझट को मिनटों में खत्म कर देता है। इसके इस्तेमाल के लिए सब्जियों को कंटेनर के अंदर भरकर ढक्कन को सुरक्षित बंद किया जाता है। इसके बाद ढक्कन पर बने नॉब को बार-बार नीचे की तरफ पुश किया जाता है, जिससे अंदर लगे तेज धारदार ब्लेड तेजी से घूमते हैं और सब्जियों को महीन टुकड़ों में बदल देते हैं। उपयोगकर्ता अपनी पसंद के अनुसार जितनी अधिक बार पुश करेगा, कटिंग उतनी ही बारीक होती जाएगी।

साहिल के मुताबिक, इस पुश चॉपर का उपयोग मोमोज की स्टफिंग, पराठों की सामग्री, धनिया और टमाटर की चटनी बनाने के अलावा अदरक और लहसुन को चॉप करने में आसानी से किया जाता है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसे ऑपरेट करने के लिए किसी भी बिजली के कनेक्शन या बैटरी की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ती, जिससे यह बिजली गुल होने पर भी बिना रुकावट काम करता है।

150 रुपये से लेकर 350 रुपये तक के विकल्प

बाजार में हर तरह के परिवार की आवश्यकता और क्षमता के अनुसार उपकरण मौजूद हैं। अकेले रहने वाले लोगों या छोटे परिवारों के लिए कॉम्पैक्ट चॉपर उपयुक्त रहता है, जबकि अधिक सदस्यों वाले परिवारों के लिए बड़ा पुश चॉपर ज्यादा बेहतर परिणाम देता है। बाजार में कम मात्रा में सब्जियां काटने के लिए डोरी खींचकर चलने वाले छोटे पुल चॉपर की कीमत 150 रुपये है। वहीं ज्यादा क्षमता वाले बड़े पुश चॉपर की कीमत 350 रुपये रखी गई है। इसके अलावा एक संपूर्ण किचन कटर 450 रुपये के मूल्य पर उपलब्ध है।

सेल्समैन साहिल ने जानकारी दी कि इन गैजेट्स को खरीदने, ऑनलाइन ऑर्डर करने या किसी खास जानकारी के लिए सीधे मोबाइल नंबर 9330303221 पर संपर्क किया जा सकता है। उनका यह भी कहना है कि बाजार में वैसे तो कई अलग-अलग कंपनियों के विकल्प मिल रहे हैं, लेकिन उनके व्यक्तिगत अनुभव में तनवीक ब्रांड के किचन उपकरणों की मजबूती और गुणवत्ता सबसे बेहतर साबित होती है।

सवाल-जवाब

आलू कटर का उपयोग किन व्यंजनों के लिए किया जा सकता है?
इसका उपयोग आलू को फ्रेंच फ्राइज या बिहारी भुजिया के आकार में एक समान काटने के अलावा समोसे और पराठे की स्टफिंग तैयार करने में किया जा सकता है।
मैनुअल पुश चॉपर कैसे काम करता है?
सब्जियों को कंटेनर में डालकर ढक्कन बंद किया जाता है और ऊपर बने नॉब को बार-बार दबाया जाता है, जिससे अंदर लगे ब्लेड तेजी से घूमकर कटिंग करते हैं।
इन किचन गैजेट्स की कीमत कितनी है?
बेसिक कटर की कीमत लगभग 100 रुपये, छोटे पुल चॉपर की 150 रुपये, पुश चॉपर की 350 रुपये और किचन कटर की कीमत 450 रुपये है।
क्या इन उपकरणों को चलाने के लिए बिजली या बैटरी चाहिए?
नहीं, ये सभी मैनुअल गैजेट्स हैं और इन्हें चलाने के लिए बिजली या बैटरी की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ती है।
ऑर्डर करने के लिए किस फोन नंबर पर संपर्क किया जा सकता है?
ऑनलाइन ऑर्डर करने या गैजेट्स की जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 9330303221 पर संपर्क किया जा सकता है।
दुकानदार के अनुसार किस ब्रांड के उत्पाद बेहतर माने गए हैं?
सेल्समैन साहिल के अनुसार बाजार में मौजूद विभिन्न विकल्पों के मुकाबले तनवीक ब्रांड के किचन उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·39 मिनट पहले

कल ही पटना बाजार में ऐसे ही एक डोरी वाले चॉपर को देखा था। सच में प्याज काटते वक्त आंखों में पानी आने की झंझट से बचने के लिए यह पचास-सौ रुपये वाला जुगाड़ वाकई बहुत काम की चीज़ है, खासकर जब रोज जल्दी में खाना बनाना हो।

Arjun Mehta@arjun-mehta·36 मिनट पहले

रविकेश जी, बिल्कुल सही कहा आपने। संसद सत्र के दौरान जब वक्त कम होता है, तो ऐसे छोटे गैजेट्स सच में रसोई का काम बहुत आसान बना देते हैं।

Rohan Verma@rohan-verma·57 मिनट पहले

सौ रुपये में मिलने वाला यह छोटा कटर सचमुच रोज की भागदौड़ में बड़ा काम आसान कर देता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·57 मिनट पहले

रोहन भाई, सौ रुपये वाले कटर की बात एकदम सही है। कल ही मैंने भी ऐसा ही एक छोटा चॉपर खरीदा है, सच में प्याज काटते वक्त आंसू बहने से जान छूट गई।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp