झारखंड राज्य में मालदा रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले साहिबगंज रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा एजेंसियों ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया है। पकड़े गए युवक की पहचान मोहम्मद सुमन मियां के रूप में की गई है, जिसके पास से पड़ोसी देश बांग्लादेश के दस्तावेज और कई देशों की नकदी मिली है। इस कार्रवाई के दौरान आरोपी के साथ यात्रा कर रहे तीन अन्य संदिग्ध मौके से भागने में सफल रहे। इस गिरफ्तारी के तुरंत बाद रेलवे सुरक्षा बल और केंद्रीय जांच एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं तथा पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।
ट्रेन में अचानक झटके के बाद सामने आई संदिग्ध गतिविधि
यह पूरी घटना दिल्ली से चलकर गुवाहाटी जाने वाली गाड़ी संख्या 15657 ब्रह्मपुत्र मेल में घटित हुई। मोहम्मद सुमन मियां इस ट्रेन की ऊपरी बर्थ पर सोया हुआ था। जब गाड़ी मिर्जाचौकी और साहिबगंज रेलवे स्टेशनों के बीच दौड़ रही थी, तभी अचानक एक तेज झटका लगा और वह नीचे गिरने लगा। डिब्बे में गश्त कर रहे सुरक्षा बल के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए उसे गिरने से बचा लिया। इसी दौरान सुरक्षाकर्मियों को उसके हाव-भाव और गतिविधियों पर संदेह हुआ, जिसके बाद जवानों ने उससे पूछताछ करने और उसके सामान की गहन तलाशी लेने का फैसला किया।
तलाशी में मिले चार देशों के नोट और पहचान पत्र
सुरक्षा बलों द्वारा ली गई तलाशी में आरोपी के पास से बांग्लादेश का पहचान पत्र मिला। इसके अलावा उसके पास से फोन भी बरामद किए गए, जिनमें दो और तीन मोबाइल फोन की बरामदगी दर्ज की गई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उसके पास अलग-अलग मुल्कों की मुद्रा पाई गई। इन रुपयों में भारतीय मुद्रा, बांग्लादेशी टका, नेपाली करेंसी और पाकिस्तान का 100 रुपये का नोट शामिल था। इतनी अलग-अलग देशों की नकदी मिलने से सुरक्षा अधिकारियों के कान खड़े हो गए और मामले को बेहद संवेदनशील मानते हुए उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया।
श्रीनगर में कबाड़ के काम से लेकर घुसपैठ का खुलासा
पूछताछ के दौरान पकड़े गए युवक ने बताया कि वह जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर इलाके में अपने अन्य साथियों के साथ कबाड़ बीनने और बेचने का काम करता था। काम खत्म करने के बाद वह दिल्ली पहुंचा और वहां से ब्रह्मपुत्र मेल पकड़कर असम के गुवाहाटी जा रहा था। गुवाहाटी पहुंचने के बाद उसका इरादा सीमा पार करके वापस बांग्लादेश जाने का था। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि लगभग तीन महीने पहले उसने सीमा पार कराने वाले एक दलाल को 10,000 रुपये दिए थे और अवैध रास्ते से भारत की सीमा में दाखिल हुआ था।
बरहरवा से साहिबगंज तक पूछताछ और साथियों की तलाश
कार्रवाई के दौरान उसके साथ मौजूद तीन अन्य साथी सुरक्षाकर्मियों की हलचल देखकर भीड़ का फायदा उठाकर फरार हो गए। आरपीएफ की टीम आरोपी को पहले बरहरवा ले गई, जहां प्राथमिक पूछताछ के बाद उसे वापस साहिबगंज लाया गया। आरपीएफ इंस्पेक्टर समीरण चौधरी ने घटना की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि आरोपी से लगातार पूछताछ चल रही है। जांच अधिकारी उसके पास से मिले दस्तावेजों की सत्यता परख रहे हैं, उसके वास्तविक मकसद की पड़ताल कर रहे हैं और फरार हुए तीनों साथियों के संभावित ठिकानों पर दबिश देने की रणनीति बना रहे हैं।



















