भागदौड़ भरी शहरी जिंदगी, रोज के शोर-शराबे और भारी भीड़भाड़ से दूर अगर आप किसी शांत ठिकाने की तलाश में हैं, जहां चारों ओर फैली हरियाली, चलती ठंडी हवा और पानी के बहने की आवाज के बीच कुछ पल सुकून से बिताए जा सकें, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। जमशेदपुर से मात्र 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पोटका प्रखंड के अंतर्गत आने वाले कलयमगोचा गांव में एक बेहद खूबसूरत छिपा हुआ वॉटरफॉल मौजूद है, जिसके बारे में अभी बहुत कम लोगों को ही पता चल पाया है। इस जगह पर कदम रखते ही प्रकृति का ऐसा विहंगम रूप देखने को मिलता है, जिसे देखते ही मन पूरी तरह से तरोताजा हो जाता है।
प्रकृति की गोद में बसा शांत माहौल
इस झरने की सबसे बड़ी खूबी यहां का बेहद शांत वातावरण और इसके चारों ओर फैली बेदाग प्राकृतिक सुंदरता है। महानगरों के कोलाहल से कोसों दूर कल-कल बहते पानी का संगीत, हर तरफ छाई हरियाली और बदन को छूती ठंडी बयार पर्यटकों को अपनी ओर खींचती है। जो लोग अपने परिवार या दोस्तों के साथ किसी नए और शांत वीकेंड डेस्टिनेशन पर जाने का मन बना रहे हैं, उनके लिए यह जगह एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। यहां पहुंचने वाले लोग न सिर्फ इन प्राकृतिक नजारों के बीच समय बिताना पसंद करते हैं, बल्कि अपनी यादों को कैद करने के लिए खूबसूरत तस्वीरें भी क्लिक करते हैं।
बेहद कम खर्च में घूमने का शानदार मौका
इस पर्यटन स्थल की एक और खास बात यह है कि यहां आने वाले सैलानियों से स्थानीय ग्रामीणों द्वारा केवल ₹20 की मेंटेनेंस फीस वसूली जाती है। इस छोटी सी राशि का उपयोग इलाके की साफ-सफाई बनाए रखने और सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए किया जाता है। इस तरह बेहद कम बजट में प्रकृति के इतने करीब वक्त गुजारने का सुनहरा अवसर मिल जाता है। हालांकि, यहां आने वाले सभी पर्यटकों की यह नैतिक जिम्मेदारी भी बनती है कि वे इस जगह की पवित्रता और सुंदरता को बनाए रखें, इधर-उधर कचरा न फैलाएं और स्थानीय निवासियों द्वारा बनाए गए नियमों का पूरी सख्ती से पालन करें।
इस तरह पहुंचे कलयमगोचा के इस झरने तक
जमशेदपुर से इस गुप्त झरने तक पहुंचने के लिए आपको सबसे पहले हाता की तरफ प्रस्थान करना होगा। इसके पश्चात हरिना मंदिर की दिशा में आगे बढ़ते हुए लगभग 15 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। गंतव्य तक पहुंचने के लिए रास्ते में कई जगहों पर बोर्ड और साइनबोर्ड की मदद मिल सकती है। फिर भी, अपनी यात्रा शुरू करने से पहले स्थानीय लोगों से सही रास्ते की जानकारी जुटा लेना ज्यादा समझदारी होगी। पर्यटकों के अनुभवों के मुताबिक, गांव तक पहुंचने वाले मार्ग के अंतिम 2 से 3 किलोमीटर का हिस्सा कच्चा होने के कारण थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसलिए गाड़ी चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहद जरूरी है.
रास्ते की कठिनाइयों के बाद मिलता है असली सुकून
यहाँ की यात्रा करने वाले पर्यटकों का ऐसा मानना है कि रास्ते में थोड़ी बहुत मुश्किलें जरूर उठानी पड़ती हैं, लेकिन झरने के पास पहुंचते ही वहाँ का मनमोहक नजारा रास्ते की सारी थकान पल भर में छूमंतर कर देता है। बहते हुए पानी की फुहारें, ठंडी हवा और शांत प्राकृतिक परिवेश के बीच वक्त बिताना एक बिल्कुल अलग ही अहसास कराता है। यदि आप इस सप्ताह के अंत में किसी ऐसी जगह जाने की योजना बना रहे हैं जहाँ भारी भीड़भाड़ न हो और प्रकृति की आगोश में कुछ सुकून के पल बिताए जा सकें, तो कलयमगोचा गांव का यह हिडन वॉटरफॉल आपकी घूमने वाली सूची में जरूर शामिल होना चाहिए। बस इस बात का विशेष ध्यान रखें कि पानी के पास मौजूद फिसलन भरी चट्टानों से हमेशा उचित दूरी बनाए रखें और अपनी सुरक्षा का पूरा ख्याल रखें।



















