झारखंड के कोडरमा जिले में खुद का आशियाना खड़ा करने का सपना देख रहे लोगों के लिए निर्माण शुरू करने से पहले सटीक बजट का अनुमान लगाना बेहद आवश्यक होता है। यदि कोई व्यक्ति 1000 वर्गफीट के भूखंड पर तीन बेडरूम, एक हॉल, किचन, बाथरूम और छत तक सीढ़ी वाला 3BHK मकान तैयार करना चाहता है, तो निर्माण सामग्री और कामगारों की मजदूरी को जोड़कर कुल खर्च करीब 5.85 लाख से 6 लाख रुपये के आसपास बैठता है। यह बजट मुख्य ढांचे के निर्माण के लिए जरूरी बुनियादी सामान और श्रम लागत का वास्तविक आकलन प्रस्तुत करता है।
सीमेंट और सरिया की आवश्यकता एवं अनुमानित लागत
भवन निर्माण के क्षेत्र में 12 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले ठेकेदार कैलाश रविदास ने 1000 वर्गफीट के मकान के लिए लगने वाली जरूरी सामग्री का विस्तार से ब्योरा साझा किया है। उनके अनुसार, मकान की बुनियाद से लेकर टाई बीम, प्लिंथ और छत की ढलाई तक अलग-अलग मोटाई और आकार के सरिया का प्रयोग किया जाता है। पूरे ढांचे के निर्माण में लगभग 15 क्विंटल सरिया की आवश्यकता पड़ सकती है। वर्तमान समय में 65 रुपये प्रति किलोग्राम के बाजार भाव के आधार पर केवल सरिया खरीदने में करीब 97,500 रुपये का खर्च आएगा।
मकान की मजबूती में सीमेंट का सबसे बड़ा योगदान होता है। कैलाश रविदास के आकलन के अनुसार, नींव तैयार करने, पिलर खड़े करने, प्लिंथ बांधने और दीवारों की चुनाई करने में लगभग 160 बोरी सीमेंट की खपत होगी। इसके बाद छत की ढलाई के काम में करीब 90 बोरी सीमेंट अलग से लग सकता है। इस प्रकार कुल मिलाकर लगभग 250 बोरी सीमेंट की आवश्यकता पड़ेगी। बाजार में 360 रुपये प्रति बोरी की दर को देखते हुए सीमेंट पर लगभग 90 हजार रुपये का बजट निर्धारित करना होगा।
बालू, गिट्टी, रिंग और कांटी का जरूरी खर्च
मकान के बुनियादी निर्माण में रेत और पत्थर की गिट्टी की भी बड़ी भूमिका रहती है। कैलाश रविदास के अनुसार, 1000 वर्गफीट के आवासीय ढांचे के लिए लगभग 15 ट्रैक्टर ट्रॉली बालू की जरूरत होगी। फिलहाल 2,500 रुपये प्रति ट्रैक्टर ट्रॉली के हिसाब से बालू की कुल कीमत करीब 37,500 रुपये बैठेगी। वहीं कंक्रीट मिश्रण के लिए गिट्टी की करीब 10 ट्रैक्टर ट्रॉली लानी पड़ेंगी। गिट्टी का मौजूदा भाव 8,500 रुपये प्रति ट्रॉली चल रहा है, जिसके चलते इस मद में लगभग 85 हजार रुपये खर्च करने होंगे।
पिलर, प्लिंथ और छत के बीम के सरिया को आपस में बांधकर ढांचा बनाने के लिए करीब 1,000 रिंग की आवश्यकता होगी। 15 रुपये प्रति पीस के हिसाब से रिंग पर करीब 15 हजार रुपये की लागत आएगी। इसके साथ ही शटरिंग और अन्य छोटे-मोटे कार्यों के लिए करीब 25 किलोग्राम कांटी की जरूरत बताई गई है। 80 रुपये प्रति किलोग्राम की मौजूदा दर से कांटी खरीदने में करीब 2 हजार रुपये खर्च होंगे।
ईंट, तार, केमिकल और अन्य जरूरी सामग्री का ब्योरा
टाई बीम, प्लिंथ और छत के जाल में सरिया को सही जगह बांधे रखने के लिए लगभग 20 किलोग्राम तार की जरूरत पड़ती है। 80 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से तार पर करीब 1,600 रुपये का खर्च आएगा। वहीं, 1000 वर्गफीट के 3BHK मकान की सभी बाहरी और भीतरी दीवारों की चुनाई के लिए लगभग 12 हजार ईंटों की खपत का अनुमान लगाया गया है। स्थानीय स्तर पर नंबर दो ग्रेड की ईंट 8,500 रुपये प्रति हजार के भाव से उपलब्ध है, जिसके अनुसार 12 हजार ईंटों की कुल कीमत लगभग 1.02 लाख रुपये होगी।
छत और पिलर की ढलाई के समय कंक्रीट से पानी के रिसाव को रोकने और बेहतर फिनिशिंग के लिए करीब 10 किलोग्राम प्लास्टिक शीट की आवश्यकता हो सकती है, जिस पर लगभग 1,500 रुपये का व्यय होगा। साथ ही ढलाई के दौरान कंक्रीट की मजबूती और वाटरप्रूफिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले लिक्विड रसायन पर करीब 3 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान है।
मजदूरी, कुल बजट और निर्माण की समयसीमा
कैलाश रविदास ने स्पष्ट किया कि कच्ची निर्माण सामग्री के अलावा कुशल राजमिस्त्री और श्रमिकों की मजदूरी पर करीब 1.50 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस प्रकार सभी आवश्यक सामग्रियों पर लगभग 4.35 लाख रुपये और मजदूरी पर 1.50 लाख रुपये मिलाकर बुनियादी निर्माण की कुल लागत लगभग 5.85 लाख रुपये बनती है। स्थानीय बाजार में उतार-चढ़ाव और निर्माण से जुड़ी अन्य आकस्मिक जरूरतों को देखते हुए यह आंकड़ा लगभग 6 लाख रुपये तक पहुंच सकता है।
यदि निर्माण सामग्री की आपूर्ति बिना रुकावट नियमित रूप से जारी रहे और मौसम या अन्य कारणों से काम में कोई बाधा न आए, तो इस आकार का बुनियादी ढांचा लगभग डेढ़ महीने में बनकर तैयार हो सकता है। हालांकि, इस बजट में जमीन की खरीद लागत शामिल नहीं है। इसके अलावा संबंधित विभाग से नक्शा स्वीकृत कराने का शुल्क, बिजली और पानी का कनेक्शन लेने का खर्च, दरवाजे, खिड़कियां, फर्श की टाइल्स, दीवार का पेंट, सैनिटरी फिटिंग्स और इंटीरियर फिनिशिंग से जुड़े कार्य भी इस अनुमान में शामिल नहीं हैं। वास्तविक खर्च सामग्री की गुणवत्ता, स्थानीय बाजार के तात्कालिक भाव और मकान के वास्तुशिल्प डिजाइन पर निर्भर करेगा।



















