सुबह की भागदौड़ के दौरान अक्सर नाश्ते की तैयारी के लिए रसोई में अधिक समय निकालना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में कम मेहनत और साधारण रसोई सामग्रियों के इस्तेमाल से एक पौष्टिक विकल्प तैयार किया जा सकता है। रांची की रहने वाली गृहणी उषा ने आटा और सूजी के पतले घोल से बनने वाले एक बेहद आसान पराठे की विधि साझा की है, जिसके साथ अलग से किसी सब्जी को पकाने की भी आवश्यकता नहीं पड़ती है।
सामग्री और घोल तैयार करने का तरीका
इस व्यंजन को शुरू करने के लिए सबसे पहले एक बड़े बर्तन में थोड़ा सा आटा निकाल लें। इसके बाद उसी बर्तन में थोड़ी सी सूजी मिलाएं। स्वाद और महक बढ़ाने के लिए बारीक कटा हुआ प्याज, बारीक कटी मिर्च, कुटी हुई काली मिर्च, चुटकी भर हल्दी, धनिया पाउडर और आवश्यकतानुसार नमक मिलाया जाता है। इन सभी सूखे तत्वों और कटी सब्जियों को बर्तन में एक साथ अच्छी तरह मिलाना जरूरी है।
मसाले मिल जाने के बाद मिश्रण को तरल रूप देने के लिए दूध अथवा सादे पानी का उपयोग किया जाता है। जिन लोगों को दूध से किसी तरह की एलर्जी या परहेज है, वे केवल पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं, जबकि अन्य लोग इसमें दूध मिला सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि तैयार होने वाला बैटर गाढ़ा न होकर पानी की तरह एकदम पतला होना चाहिए। पूरे मिश्रण को एकसार कर लेने के बाद गैस चूल्हे पर एक बड़ा तवा चढ़ाकर गर्म होने के लिए रख दें।
धीमी आंच पर पकाने की विधि
तवा गर्म होने पर उस पर एक चम्मच तेल डालें और तेल को अच्छी तरह गर्म होने दें। गर्म तेल के ऊपर तैयार किए गए पतले घोल को फैलाकर डाल दिया जाता है। घोल डालते ही तवे को किसी ढक्कन से ढक दें और गैस की आंच को पूरी तरह धीमा कर दें। धीमी आंच पर पकने के कारण भीतर तक सिकाई होती है। लगभग 10 मिनट बीतने के बाद पराठा किनारे से तवा अपने आप छोड़ने लगता है।
किनारे छूटने के बाद पराठे को सावधानी से दूसरी तरफ पलट दें ताकि दोनों तरफ से अच्छी तरह पक सके। जब दोनों सतहें पूरी तरह सिक जाएं, तो इसे तवे से उतार लें। इस गरमा-गरम पराठे को थोड़े से अचार के साथ परोसा जाता है, जिससे इसका स्वाद काफी बढ़ जाता है।
व्यस्त दिनचर्या वाले कामकाजी लोगों के लिए सुविधा
इस पूरी विधि की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आटा गूंधने या बेलने जैसी कोई मशक्कत नहीं करनी पड़ती। बस कुछ बुनियादी चीजें मिलाकर पतला घोल तैयार करना होता है। एक बार तवे पर घोल डालकर ढक देने के बाद 10 से 15 मिनट तक लगातार तवे के पास खड़े रहने की जरूरत नहीं होती, जिससे लोग सुबह के समय अपने दफ्तर की तैयारी या अन्य जरूरी काम निपटा सकते हैं। इसी वजह से यह उन लोगों के लिए बेहद मुफीद है जिन्हें सुबह घर से निकलने की हड़बड़ी रहती है।



















