मूलांक 4 राशिफल 9 अक्टूबर 2026: अनूठे विचारों को दें ठोस दिशा और जल्दबाजी से बचेंकच्चे तेल में नरमी और भू-राजनीतिक तनाव घटने से चांदी में हलचल, 60 डॉलर के पार पहुंचा भावघड़साना में पंचायत मुख्यालय बदलने के प्रस्ताव पर फूटा गुस्सा, ग्रामीणों ने दी वोटिंग न करने की चेतावनीआरबीआई की व्यस्त नौकरी के बीच 5 घंटे की पढ़ाई, कुरुक्षेत्र के राहुल सैनी ने एचसीएस में हासिल की 7वीं रैंकराजस्थान में देवास परियोजना के तीसरे और चौथे चरण से उदयपुर को हर साल मिलेगा 1000 एमसीएफटी अतिरिक्त पानीआर्थिक राशिफल 9 अक्टूबर 2026: जानिए मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का धन, व्यापार और निवेश का पूरा लेखा-जोखाउदयपुर के आर्टिस्ट हर्षवर्धन सिंह ने तरबूज पर तराशी नाना पाटेकर की तस्वीरलाइव: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विवाद बढ़ा, विपक्षी गठबंधन का राष्ट्रपति भवन की ओर कूच संभवमकर राशिफल 9 अक्टूबर: वित्तीय मामलों में जल्दबाजी से बचें और उलझनों को नए नजरिए से सुलझाएंगोदावरी धाम में दीवारों पर उकेरा गया सुंदरकांड, कोटा में बना अनूठा मानस मंदिर
कसीडीह चौक पर साढ़े तीन दशकों से सज रही जगदीश की दुकान, स्वाद के दीवाने करा रहे पार्सल का इंतजारझारखंड
9 अक्तू॰ 2026, 9:08 am (53 मिनट पहले)· 0

कसीडीह चौक पर साढ़े तीन दशकों से सज रही जगदीश की दुकान, स्वाद के दीवाने करा रहे पार्सल का इंतजार

जमशेदपुर के कसीडीह चौक पर 35 वर्षों से मिल रहे गर्मागर्म आलू बोंडा और खास चटनियों का स्वाद चखने शाम 4 बजे से ही लोगों की कतार लग जाती है। कभी 2 रुपये से शुरू हुआ यह देसी नाश्ता आज भी अपनी ताजगी और लजीज जायके की बदौलत शहरवासियों का पसंदीदा ठिकाना बना हुआ है।

झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर में शाम ढलते ही चाय और नाश्ते की तलाश में निकलने वालों के लिए कसीडीह चौक एक खास पहचान रखता है। आमतौर पर लोग शाम के वक्त समोसा, कचौड़ी या आलू चॉप की तलाश करते हैं, मगर इस इलाके में शाम चार बजते ही कड़ाही से छनकर निकलने वाले आलू बोंडा की खुशबू दूर-दूर से लोगों को खींच लाती है। यहां मिलने वाला पारंपरिक देसी नाश्ता पिछले 35 वर्षों से लगातार लोगों के स्वाद की पहली पसंद बना हुआ है। न सिर्फ स्थानीय निवासी, बल्कि शहर के अलग-अलग कोनों से आने वाले लोग भी इस स्वाद के मुरीद हैं।

साढ़े तीन दशकों का सफर और तीन पारंपरिक पकवान

इस लोकप्रिय नाश्ते की दुकान का संचालन जगदीश करते हैं। वे बताते हैं कि पिछले 35 साल से वह कसीडीह चौक पर पूरी लगन से ग्राहकों के लिए नाश्ता तैयार कर रहे हैं। उनके मेन्यू में मुख्य रूप से तीन पारंपरिक पकवान शामिल हैं, जिनमें आलू बोंडा, उड़द दाल वड़ा और चना बड़ा प्रमुख हैं। जगदीश इन तीनों ही व्यंजनों को कड़ाही में लगातार ताजा तैयार करते हैं ताकि किसी भी ग्राहक को ठंडा या बासी नाश्ता न मिले। शाम ढलने के साथ ही जैसे-जैसे सड़क पर चहल-पहल बढ़ती है, वैसे-वैसे दुकान के सामने ग्राहकों का जमावड़ा भी बढ़ता चला जाता है।

ये भी पढ़ें

चना दाल और हरी मिर्च-टमाटर की दोहरी चटनी

दुकान की लोकप्रियता की एक बड़ी वजह यहां नाश्ते के साथ परोसी जाने वाली खास चटनियां भी हैं। आमतौर पर मिलने वाली साधारण चटनी के उलट, यहां ग्राहकों को दो अलग-अलग तरह के स्वाद दिए जाते हैं। पहली चटनी चना दाल से तैयार की जाती है, जबकि दूसरी चटनी ताजी हरी धनिया, टमाटर और तीखी मिर्च के मेल से बनाई जाती है। गर्मागर्म कुरकुरे आलू बोंडा के साथ जब ये दोनों चटनियां थाली में आती हैं, तो स्वाद का अनुभव बेहद खास बन जाता है। इस नाश्ते का स्वाद चखने के बाद लोग अक्सर अपने परिजनों और दोस्तों को भी इस दुकान पर आने की सलाह देते हैं।

पार्सल के लिए भी करना पड़ता है इंतजार

दुकान पर ग्राहकों की मांग का आलम यह रहता है कि दुकान पर खड़े होकर खाने वालों के साथ-साथ घर के लिए पार्सल ले जाने वाले लोगों को भी अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। कड़ाही से छनकर निकलते ही सारा नाश्ता चंद मिनटों में बिक जाता है। जगदीश के अनुसार, लोग हमेशा गर्मागर्म और ताजा नाश्ता खाना पसंद करते हैं, इसलिए वह पहले से नाश्ता बनाकर रखने के बजाय मांग के अनुसार लगातार ताजा बैच तैयार करते रहते हैं। शुरुआती दौर में जब इस दुकान की शुरुआत हुई थी, तब यहां एक पीस नाश्ते की कीमत मात्र 2 रुपये हुआ करती थी। आज भी यहां बेहद किफायती दाम पर नाश्ता उपलब्ध है, जो ग्राहकों को नियमित रूप से यहां खींच लाता है।

स्थानीय ग्राहकों की जुबानी स्वाद का अनुभव

कसीडीह चौक पर नियमित रूप से नाश्ता करने पहुंचने वाले ग्राहक राहुल बताते हैं कि इस दुकान का आलू बोंडा और दोनों चटनियों का मेल उन्हें बेहद पसंद है। उनके मुताबिक, गर्म नाश्ते के साथ जब तीखी और जायकेदार चटनी मिलती है, तो शाम की भूख मिटाने का आनंद दोगुना हो जाता है। यही कारण है कि वह अक्सर शाम के समय नाश्ते के लिए यहीं आना पसंद करते हैं। जमशेदपुर में शाम के वक्त पारंपरिक और किफायती नाश्ते का लुत्फ उठाने की इच्छा रखने वालों के लिए कसीडीह चौक की यह 35 साल पुरानी दुकान एक बेहतरीन विकल्प बनी हुई है।

सवाल-जवाब

जमशेदपुर में यह प्रसिद्ध आलू बोंडा की दुकान कहां स्थित है?
यह दुकान जमशेदपुर शहर के कसीडीह चौक पर स्थित है।
दुकान शाम को कितने बजे खुलती है?
दुकान पर शाम 4 बजे से गर्मागर्म नाश्ता मिलना शुरू हो जाता है।
इस दुकान के संचालक कौन हैं और यह कितने साल पुरानी है?
दुकान का संचालन जगदीश करते हैं और वह पिछले 35 वर्षों से यहां नाश्ता तैयार कर रहे हैं।
यहां आलू बोंडा के अलावा और कौन से नाश्ते मिलते हैं?
दुकान पर आलू बोंडा के साथ-साथ उड़द दाल वड़ा और चना बड़ा भी तैयार किया जाता है।
नाश्ते के साथ कौन सी विशेष चटनियां परोसी जाती हैं?
ग्राहकों को चना दाल की चटनी और धनिया, टमाटर व मिर्च से तैयार तीखी चटनी दी जाती है।
शुरुआती दिनों में यहां एक पीस नाश्ते की कीमत क्या थी?
दुकान के शुरुआती दिनों में एक पीस नाश्ते की कीमत मात्र 2 रुपये थी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp