झारखंड की राजधानी रांची की रहने वाली परिणीता ने अपनी कानूनी प्रैक्टिस छोड़कर खानपान के क्षेत्र में एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने मोटे अनाजों यानी मिलेट्स को केंद्र में रखकर 'बियाना' नाम से एक खास फूड ब्रांड की नींव रखी। आज उनका यह उद्यम स्थानीय स्तर पर काफी लोकप्रिय हो चुका है और लोग उनके तैयार किए गए उत्पादों को बेहद पसंद कर रहे हैं। उनका पूरा काम केवल और केवल मिलेट्स के पौष्टिक विकल्पों को आम लोगों की थाली तक पहुंचाने पर केंद्रित है।
कानूनी करियर से उद्यमिता की ओर कदम
परिणीता ने अपनी उच्च शिक्षा बेंगलुरु से पूरी की थी और वह पेशे से एक वकील के तौर पर काम कर रही थीं। इसी दौरान उन्होंने अपने छोटे भाई को कारोबार करते देखा, जिससे उनके मन में भी खुद का उद्यम शुरू करने की प्रेरणा जागी। बाजार में लोगों की सेहतमंद खानपान की जरूरत को समझते हुए उन्होंने मोटे अनाजों को अपने काम का मुख्य आधार चुना। उनका मकसद लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में बिना किसी मिलावट के पौष्टिक नाश्ता और स्नैक्स उपलब्ध कराना था। इस नए सफर में उनके पति भी लगातार उनके साथ कदम से कदम मिलाकर पूरा सहयोग दे रहे हैं।
पूरी तरह शुगर-फ्री उत्पाद और 25 से अधिक वैरायटी
बियाना के कारखाने में रागी, ज्वार और बाजरा जैसे अनाजों से 25 से ज्यादा तरह के उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इनमें मल्टीग्रेन आटा, सुबह के नाश्ते के लिए विभिन्न प्रकार के मिलेट फ्लेक्स, बच्चों के लिए खास कुकीज, बिस्कुट, रागी के लड्डू और ज्वार के लड्डू प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन सभी खाद्य पदार्थों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें चीनी का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं किया जाता। सभी उत्पाद पूरी तरह शुगर-फ्री हैं ताकि लोग बिना किसी संकोच के पौष्टिक तत्वों का लाभ ले सकें। उनके पास मल्टीग्रेन ब्रेड भी उपलब्ध है, जिसकी एक ब्रेड की कीमत ₹300 तक होती है और भारी मांग के चलते यह अक्सर आउट ऑफ स्टॉक हो जाती है।
किसानों से सीधी खरीद और 50 से ज्यादा महिलाओं को काम
यह उद्यम झारखंड और छत्तीसगढ़ के इलाकों में सक्रिय रूप से काम कर रहा है। अनाजों की शुद्धता बनाए रखने के लिए परिणीता किसानों से सीधे संपर्क स्थापित करती हैं और उनसे रागी सहित अन्य सभी मोटे अनाज खरीदती हैं। कुछ अनाज वे अपने निजी खेतों से भी लाती हैं, जिससे उनके अपने खेतों की उपज की भी बेहतर ब्रांडिंग हो जाती है। इस पूरे काम में सामाजिक सशक्तिकरण का भी विशेष ध्यान रखा गया है। उन्होंने अपने कारखाने में मुख्य रूप से महिलाओं को रोजगार दिया है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। वर्तमान में 50 से अधिक महिलाएं इस संस्थान से जुड़कर काम कर रही हैं।
बच्चों की सेहत और गट हेल्थ का रखा ख्याल
बाजार में उपलब्ध जंक फूड बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालते हैं, इसलिए परिणीता ने बच्चों के लिए पौष्टिक कुकीज और रागी बिस्किट का विकल्प पेश किया। मोटे अनाजों में उच्च मात्रा में फाइबर और जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो पाचन तंत्र और गट सिस्टम को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। रांची में अशोकनगर के रोड नंबर 4 पर उनका कार्यालय स्थित है, जहां ग्राहक व्यक्तिगत रूप से पहुंचकर सीधे इन उत्पादों की खरीदारी कर सकते हैं।
























