मिजोरम के लॉंगटलाई जिले के प्रशासन ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार करने और उन्हें अनधिकृत रूप से जारी करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का कड़ा फैसला लिया है। यह मामला तब सामने आया जब चल रही विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया की जांच के दौरान कई तरह की अनियमितताएं पाई गईं। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया है कि दस्तावेजों में इस तरह की धांधली जिले के लिए गंभीर चिंता का विषय है और इस पर तुरंत रोक लगानी जरूरी है।
इस अहम फैसले की घोषणा लॉंगटलाई में डिप्टी कमिश्नर के कार्यालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान की गई। इस बैठक की अध्यक्षता डिप्टी कमिश्नर डॉनी लालरुअतसांगा ने की, जिसमें जिले के कई प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय संगठन के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक के दौरान यह बात खुलकर सामने आई कि SIR अपील सुनवाई के ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल किया गया था।
डिप्टी कमिश्नर डॉनी लालरुअतसांगा ने बैठक को संबोधित करते हुए बताया कि CYLA के प्रयासों की बदौलत ही भारी मात्रा में फर्जी प्रमाण पत्रों का खुलासा हो सका है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि जिला प्रशासन इस तरह की अवैध गतिविधियों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा और इसमें संलिप्त पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही शुरू की जाएगी। उन्होंने जन्म और मृत्यु के सभी रजिस्ट्रार को निर्देश दिए कि वे भविष्य में ऐसे मामलों से बचने के लिए दस्तावेजों की जांच करते समय अत्यधिक सतर्कता बरतें।
बैठक में CYLA के अध्यक्ष एफ. लालरोथंगा ने भी अपनी बात रखी और SIR प्रक्रिया के दौरान पकड़े गए फर्जी दस्तावेजों पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका संगठन क्षेत्र और यहां के लोगों के कल्याण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है तथा आगे भी ऐसी अवैध गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने भी रजिस्ट्रार से अपने दायित्वों का निर्वहन करते समय अधिक सावधानी और चौकसी बरतने की अपील की ताकि कोई भी चूक न हो सके।
कड़े नियम और प्रशासनिक निर्देश
दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और पुख्ता बनाने के लिए इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया। जिला पंजीकरण अधिकारी कार्यालय और जन्म-मृत्यु के सभी रजिस्ट्रार को यह स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे नए जन्म प्रमाण पत्र आवेदनों की प्रक्रिया पूरी करते समय SIR 2005 और SIR 2026 के रिकॉर्ड को आधार बनाएं। इसके अलावा यह भी तय किया गया कि नवंबर के दूसरे सप्ताह से पहले सभी रजिस्ट्रार के लिए एक विशेष ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया जाएगा।
प्रशिक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद, इससे जुड़े अनुपालन और निर्देशों की एक विस्तृत रिपोर्ट डिप्टी कमिश्नर के कार्यालय में अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी। इसके साथ ही, बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि योजना विभाग के सचिव से अनुरोध किया जाए कि वे आठ गांवों के पूर्व जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करें।
फर्जी दस्तावेजों की जब्ती और आगे की रणनीति
प्रशासन ने फर्जी दस्तावेजों के प्रसार को रोकने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर भी कड़े कदम उठाने का निर्देश दिया है। इसके तहत अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशक से यह आग्रह करने का निर्णय लिया गया कि वे सभी रजिस्ट्रार को निर्देश दें कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों को तुरंत इकट्ठा करें और उन्हें जब्त करें। इस पूरी कवायद का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में प्रशासनिक प्रणालियों का इस तरह से दुरुपयोग न हो सके और प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह से सुरक्षित बनी रहे।


















