गांवों के अलावा अब शहरों में भी घर के आसपास सुखद और शांत माहौल बनाने के लिए बागवानी का चलन तेजी से बढ़ रहा है। सर्दियों में अपने आंगन या छत को फूलों से सजाने के लिए सितंबर का समय सबसे अहम माना जाता है। यदि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएं, तो ठंड की शुरुआत होते ही पौधे पूरी मजबूती से पनपने लगते हैं और बगिया रंग-बिरंगे फूलों से भर जाती है। इसके लिए गमलों अथवा क्यारियों में बेहतर जल निकासी वाली मिट्टी का इंतजाम करना और पौधों को समुचित धूप मिलने वाले स्थान पर रखना जरूरी होता है।
डहेलिया, गुलदाउदी और गेंदे की कटिंग लगाने का सही तरीका
पलामू जिले के बागवानी विशेषज्ञ डी.एस. श्रीवास्तव के अनुसार, सितंबर में डहेलिया और गुलदाउदी (क्रिसेंथेमम) जैसे सर्दियों में खिलने वाले पौधों की कटिंग तैयार करना सबसे मुफीद रहता है। इसके लिए इन पौधों की तंदुरुस्त शाखाओं को काटकर उपयुक्त मिट्टी में रोपा जाता है। कुछ हफ्तों के भीतर इनमें जड़ें फूटने लगती हैं और ठंड आते-आते पौधे कलियों और फूलों से लद जाते हैं। इसी अवधि में गेंदे की विभिन्न किस्मों की बुवाई या रोपाई भी की जा सकती है। पीले, नारंगी और गहरे रंगों वाले गेंदे के फूल किसी भी बगीचे की बनावट को जीवंत बना देते हैं।
सर्दियों में महक बिखेरने वाली खास किस्में
शीत ऋतु में न केवल चटख रंग बल्कि मनमोहक सुगंध देने वाले पौधे भी बगीचे का आकर्षण बढ़ाते हैं। बेला और चमेली की कुछ चुनिंदा किस्मों से इस दौरान नई कटिंग बनाई जा सकती है। इसके अतिरिक्त स्टॉक, स्वीट एलिसम, डायन्थस, स्वीट पी और नाइट-फ्लॉक्स जैसे पुष्प पौधे खुशबू के साथ-साथ मनभावन रंगों के लिए पहचाने जाते हैं। अगर इन्हें सितंबर के सही तापमान में लगा दिया जाए, तो पूरी सर्दियों के दौरान परिसर में भीनी-भीनी खुशबू का अहसास बना रहता है।
रंग-बिरंगे मौसमी फूलों से सजाएं क्यारियां
विंटर गार्डन को अलग स्वरूप देने के लिए एस्टर और फ्लॉक्स की तैयारी भी इसी महीने में की जाती है। एस्टर के चटख फूल बगीचे को बहुत खूबसूरत रूप देते हैं, वहीं फ्लॉक्स अपनी कोमल आभा और महक के कारण लोकप्रिय है। इनके साथ क्यारियों और गमलों में कैलेंडुला, पिटूनिया और पैंसी जैसे मौसमी पौधे शामिल किए जा सकते हैं। जब विभिन्न आकारों और रंगों के इन फूलों को एक साथ क्रमबद्ध तरीके से लगाया जाता है, तो पूरे बगीचे का स्वरूप एकदम नया और आकर्षक नजर आने लगता है।
तितलियों को आकर्षित करता है विंटर गार्डन
विविध प्रकार के फूलों से सजा विंटर गार्डन प्राकृतिक सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ तितलियों को भी अपनी ओर खींचता है। गेंदा, एस्टर और अन्य खिलने वाले पौधों के पराग से आकर्षित होकर तितलियां बगीचे में डेरा डालती हैं। यदि अलग-अलग रंगों वाले फूलों का संयोजन योजनाबद्ध ढंग से किया जाए, तो यह स्थान न केवल आंखों को सुकून देता है बल्कि आसपास के पर्यावरण को भी जीवंत और प्राकृतिक बना देता है।



















