बेंगलुरु में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की कर्मचारी मेधा आकर्ष की एक सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई। मेधा अपने घर से ऑफिस के लिए टू-व्हीलर पर निकली थीं, तभी घर से लगभग 3 किलोमीटर दूर सड़क पर बने गड्ढों और जल-जमाव के कारण उनका वाहन अनियंत्रित हो गया और वह नीचे गिर गईं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस सड़क की लंबे समय से ठीक से मरम्मत नहीं की गई थी, जिससे यहां से रोज गुजरना वाहन चालकों के लिए खतरनाक बना हुआ था।
इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी के पास कैंडललाइट मार्च
इस हादसे की खबर सामने आने के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बुधवार शाम को इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी फेज II के पास अनंत नगर में सैकड़ों की संख्या में लोग एकत्र हुए और उन्होंने एक शांतिपूर्ण कैंडललाइट मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों की जर्जर हालत को लेकर जोरदार नारेबाजी की और प्रशासन से तुरंत कदम उठाने की मांग की।
चंदापुरा नगर परिषद पर लापरवाही का आरोप
मार्च में शामिल लोगों ने चंदापुरा नगर परिषद के अधिकारियों को इस दुर्घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नगर परिषद की घोर लापरवाही और रखरखाव की अनदेखी के कारण एक होनहार कर्मचारी की जान चली गई। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि हादसे के जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और क्षेत्र की सभी खराब सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए।



















