सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस बल ने कर्नाटक के बीदर जिले में सीमा पार से संचालित होने वाले संदिग्ध आतंकी नेटवर्क के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत भालकी तालुक स्थित एनकूर गांव से 24 वर्षीय विशाल कुमार मैत्रे को हिरासत में लिया गया है। बाल्की रूरल सर्कल के सीपीआई की शिकायत के आधार पर पुलिस तंत्र ने इस पूरे प्रकरण में स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया और आरोपी को दबोच लिया।
कड़ी धाराओं में प्राथमिकी और व्हाट्सऐप का सुराग
बाल्की के खटक चिंचोली पुलिस स्टेशन में दर्ज इस मामले में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम यानी यूएपीए की धारा 18, 20 और 39 को शामिल किया गया है। अधिकारियों को छानबीन के दौरान सीमा पार स्थित एक प्रतिबंधित संगठन से जुड़ा व्हाट्सऐप लिंक हाथ लगा है। प्राथमिक छानबीन से सामने आया है कि यह समूची कार्रवाई विशेष खुफिया सूचनाओं के विश्लेषण के बाद अमल में लाई गई, जिसके आधार पर इस संदिग्ध डिजिटल गतिविधि की कड़ियां जोड़ी गईं।
दिसंबर 2025 से चल रहा था निगरानी अभियान
जांच अधिकारियों ने जब पकड़े गए युवक के मोबाइल हैंडसेट की पड़ताल की, तो उसमें आपत्तिजनक डिजिटल दस्तावेज और सामग्री बरामद हुई। आंतरिक विवरण के अनुसार, खुफिया सूचनाओं को आधार बनाकर दिसंबर 2025 से ही एक गोपनीय निगरानी अभियान चलाया जा रहा था। इसी निरंतर ट्रैकिंग के बाद पुलिस टीम संदिग्ध गतिविधियों तक पहुंचने और कार्रवाई करने में सफल रही। इस पूरे मामले की विस्तृत पड़ताल अभी जारी है ताकि अन्य संपर्कों को भी बेनकाब किया जा सके।
प्राथमिकी में सीमा पार और अंतरराज्यीय नाम
दर्ज की गई प्राथमिकी में न केवल स्थानीय स्तर के लोग शामिल हैं, बल्कि इसमें पाकिस्तान के रहने वाले शहजाद भट्टी, राणा हुसैन और नोमी खान को भी नामजद किया गया है। इसके अलावा देश के अन्य हिस्सों से जुड़े लोगों का ब्यौरा भी इसमें मौजूद है, जिनमें उत्तर प्रदेश के मैनपुरी निवासी आशू शर्मा और मध्य प्रदेश के खरगोन के रहने वाले राज भाई के नाम दर्ज हैं। इनके साथ ही कर्नाटक के बीदर जिले से ताल्लुक रखने वाले कुछ अज्ञात चेहरों को भी इस मामले में शामिल किया गया है।
मोतिहारी में पहले भी सामने आया था ऐसा ही मामला
सीमा पार के इसी नेटवर्क की सक्रियता इससे पहले बिहार राज्य में भी दर्ज की जा चुकी है, जहां पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी से एक संदिग्ध युवक पकड़ा गया था। उस मामले में ढाका पुलिस स्टेशन की टीम बिसरहिया गांव के समीप वाहनों की नियमित जांच कर रही थी। तभी पुलिस गश्ती दल को देखकर एक व्यक्ति ने भागने का प्रयास किया, जिसे सतर्क जवानों ने पीछा करके काबू में कर लिया था।
आपत्तिजनक सामग्री और डिजिटल संपर्क का खुलासा
मोतिहारी में पकड़े गए उस युवक के मोबाइल फोन से आतंकी हमलों से संबंधित कई वीडियो, तस्वीरें और देशविरोधी रील्स जब्त की गई थीं। पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया था कि वह पाकिस्तान के शहजाद भट्टी गिरोह से जुड़ा हुआ था और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से गिरोह के अली गुज्जर के संपर्क में पहुंचा था। उस खुलासे के बाद से ही डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया संपर्कों की गहन जांच पड़ताल की जा रही थी, जिसकी कड़ी अब कर्नाटक तक जुड़ती दिख रही है।



















