अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन के जरिए होने वाली घातक तस्करी के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने एक अभूतपूर्व कानूनी कदम उठाया है। बीकानेर पुलिस ने सीमा पार से मादक पदार्थों और अवैध हथियारों की खेप गिराने वाले तीन प्रमुख पाकिस्तानी सरगनाओं की आधिकारिक शिनाख्त कर उनके खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस महानिरीक्षक स्तर के अधिकारियों के दिशा-निर्देशन और एसपी मृदुल कच्छावा के नेतृत्व में हुई इस जांच के बाद अब आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र पेश करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके साथ ही इस पूरे सीमा पार नेटवर्क को अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी बेनकाब करने की योजना पर काम चल रहा है।
ऑपरेशन शॉक वेव के तहत बरामद हुई थी भारी खेप
इस पूरे मामले की जड़ें अगस्त के महीने में सीमावर्ती इलाके में चलाए गए एक विशेष अभियान से जुड़ी हैं। अंतरराष्ट्रीय सीमा के बेहद नजदीक स्थित खाजूवाला क्षेत्र के 8 KYD इलाके में पुलिस ने ऑपरेशन 'शॉक वेव' के तहत सुनियोजित दबिश दी थी। इस सटीक कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने 10 किलोग्राम हेरोइन, 11 विदेशी हथियार, 22 मैगजीन और 100 जिंदा कारतूस अपने कब्जे में लिए थे। मौके पर की गई घेराबंदी में स्थानीय स्तर पर खेप प्राप्त करने वाले दो तस्करों राकेश प्रजापत और वीरेंद्र राजपुरोहित को गिरफ्तार किया गया था।
पंजाब जेल से जुड़े तार और तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी
गिरफ्तार किए गए दोनों स्थानीय तस्करों से शुरुआती पूछताछ के बाद इस पूरे रैकेट की कड़ियां पंजाब तक जुड़ती चली गईं। पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए पंजाब की जेल में बंद विक्रम उर्फ विक्की को भी इस प्रकरण में गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद हिरासत में मौजूद तीनों आरोपियों को आमने-सामने बिठाकर विस्तृत पूछताछ की गई और तकनीकी एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य एकत्र किए गए। लगातार हुई छानबीन और बयानों के मिलान से यह स्पष्ट हो गया कि भारत की जमीन पर ड्रोन से घातक खेप गिराने के पीछे पाकिस्तान में बैठे किन ऑपरेटरों का हाथ था।
चिह्नित हुए सीमा पार बैठे तीन पाकिस्तानी आका
जांच में जुटाए गए पुख्ता सबूतों के आधार पर पुलिस ने पाकिस्तान के तीन मुख्य साजिशकर्ताओं की पहचान स्थापित कर ली है। इनमें पाकिस्तान के फोर्ट अब्बास का रहने वाला चीता उर्फ डोगर, बहावलपुर का निवासी अली खां और बहावलपुर का ही रहने वाला बिल्ला खान शामिल हैं। पुलिस ने इन तीनों को मामले में बाकायदा नामजद किया है और अब इनके विरुद्ध अदालत में चार्जशीट दायर की जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मामला उठाने की तैयारी
राजस्थान में हाल के वर्षों का यह पहला मामला माना जा रहा है जिसमें सीमा पार बैठे पाकिस्तानी सरगनाओं को किसी राज्य पुलिस ने आधिकारिक रूप से नामजद किया हो। ड्रोन के माध्यम से मादक पदार्थ और विदेशी हथियार भेजकर देश की सुरक्षा को चोट पहुंचाने वाले इस गिरोह के खिलाफ यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस अब अदालती आरोप पत्र के साथ-साथ इस पूरे मामले के तथ्य और साक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने की तैयारी में जुटी है।


















