अर्जेंटीना सरकार ने घोषणा की है कि वह फॉकलैंड द्वीप समूह के आसपास के समुद्रों में तेल संचालन करने वाली नवितास पेट्रोलियम कंपनी के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज करने जा रही है। यह कानूनी कार्रवाई राष्ट्रपति जेवियर माइली के उस हालिया बयान के कुछ ही दिनों बाद सामने आई है, जिसमें उन्होंने दक्षिण-पश्चिम अटलांटिक महासागर में स्थित इस ब्रिटिश अधिकृत विदेशी क्षेत्र में ड्रिलिंग गतिविधियों में लिप्त तेल कंपनियों के खिलाफ प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी थी।
ब्रिटेन और अर्जेंटीना के बीच इस द्वीप समूह की संप्रभुता को लेकर विवाद चार दशक से भी अधिक पुराना है। साल 1982 में अर्जेंटीना की सेनाओं ने इस क्षेत्र पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद एक ब्रिटिश सैन्य कार्यबल ने उन्हें वहां से खदेड़ दिया था। तब से यह भू-राजनीतिक मुद्दा दोनों देशों के बीच लगातार बना हुआ है और समय-समय पर इसमें तनाव और अधिक बढ़ जाता है।
राष्ट्रपति माइली का कड़ा रुख और ऐतिहासिक दावा
पिछले हफ्ते राष्ट्र के नाम अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रपति जेवियर माइली ने इस विवाद को फिर से गरमा दिया था। उन्होंने अपने भाषण में कहा था कि अब परिवर्तन की बयार बह रही है और यह अनुकूल माहौल अर्जेंटीना के फॉकलैंड पर हक के दावे को मजबूती देता है। स्थानीय समयानुसार गुरुवार शाम को दिए गए अपने संबोधन में उन्होंने इस क्षेत्र पर अपने देश के रुख को दोहराते हुए साफ किया कि मालविनास ऐतिहासिक और कानूनी रूप से अर्जेंटीना का हिस्सा है और इस बात पर किसी भी तरह की बहस की कोई गुंजाइश नहीं है।
माइली ने द्वीप समूह में तेल के लिए ड्रिलिंग करने को अर्जेंटीना की संप्रभुता के लिए एक स्पष्ट और गंभीर खतरा बताया। इसके साथ ही उन्होंने साल 2013 में हुए उस जनमत संग्रह के नतीजों को भी सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें इस द्वीप के 99.8 प्रतिशत निवासियों ने फॉकलैंड के ब्रिटिश अधिकृत क्षेत्र बने रहने के पक्ष में मतदान किया था। माइली का तर्क था कि ये लोग ब्रिटिश शासन द्वारा हड़पी गई भूमि पर रह रहे हैं और इसलिए उन्हें आत्मनिर्णय का कोई वैध अधिकार प्राप्त नहीं है।
ब्रिटेन की प्रतिक्रिया और कंपनियों की स्थिति
ब्रिटिश सरकार ने राष्ट्रपति माइली के इस भाषण को पूरी तरह खारिज कर दिया और इस बात पर जोर दिया कि फॉकलैंड को लेकर उनका रुख अटूट और अडिग है। इससे पहले ऐसी उम्मीदें जताई जा रही थीं कि माइली का यह भाषण शायद एक क्षणिक बात थी और वे ब्रिटेन के साथ कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने वाले अपने पुराने रुख पर लौट आएंगे। हालांकि सोमवार को इन सारी उम्मीदों पर उस वक्त पानी फेर दिया गया जब राष्ट्रपति कार्यालय ने आधिकारिक रूप से यह घोषणा की कि वह नवितास पेट्रोलियम, उसकी कई सहायक कंपनियों और उनके वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज कर रहा है।
तेल कंपनी नवितास, जो तेल अवीव स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध है, नॉर्थ फॉकलैंड बेसिन में साल 2028 से तेल उत्पादन शुरू करने वाली एक अपतटीय परियोजना यानी सी लायन प्रोजेक्ट में 65 प्रतिशत हिस्सेदारी रखती है। यह सी लायन तेल क्षेत्र फॉकलैंड द्वीप से लगभग 130 मील यानी 209 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और इसमें अनुमानित तौर पर 1.7 अरब बैरल तेल का विशाल भंडार मौजूद है।
कानूनी उल्लंघन के आरोप और कंपनियों का जवाब
सोमवार को जारी किए गए अपने बयान में राष्ट्रपति माइली की सरकार ने आरोप लगाया कि इस क्षेत्र में ड्रिलिंग करना अर्जेंटीना के उस कानून का सीधा उल्लंघन है जो देश के संबंधित अधिकारियों की पूर्व अनुमति के बिना प्राकृतिक संसाधनों के दोहन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाता है। बयान में इस बात पर भी जोर दिया गया कि अर्जेंटीना गणराज्य के संप्रभु अधिकारों का उल्लंघन करने वाले किसी भी कृत्य का मुकाबला करने के लिए राज्य आवश्यक कानूनी कदम उठाना जारी रखेगा।
इस नवीनतम बयान पर नवितास की तरफ से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन कंपनी ने पिछले हफ्ते यह जरूर कहा था कि माइली की टिप्पणियों से सी लायन प्रोजेक्ट की विकास गतिविधियों और उसकी समय सीमा पर कोई खास और बुरा असर पड़ने की उम्मीद नहीं है। इसके अलावा, सी लायन परियोजना में आंशिक हिस्सेदारी रखने वाली रॉकहॉप्टल कंपनी ने भी इस ताजा बयान पर अभी तक अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। दोनों कंपनियों ने अपने बयानों में पहले भी यह बात कही है कि सी लायन प्रोजेक्ट के पास फॉकलैंड द्वीप अधिकारियों से वैध लाइसेंस मौजूद हैं।


















