करियर की भागदौड़ में छूटा सेहत का साथ
पायल एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं जिन्होंने हैदराबाद स्थित इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए की पढ़ाई पूरी की है। इसके बाद उन्होंने करीब 15 वर्षों तक कॉरपोरेट सेक्टर में अपनी सेवाएं दीं। इस लंबी अवधि के दौरान उन्होंने अपने परिवार और करियर को तो पूरी शिद्दत से संभाला, लेकिन इस आपाधापी में वह अपनी खुद की सेहत पर ध्यान देना भूल गईं।
बेटी के जन्म के बाद मिला लाइफ का टर्निंग पॉइंट
पायल की जिंदगी में बदलाव का क्षण तब आया जब करीब साढ़े सात साल पहले उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया। उस समय उनका वजन बढ़कर 76 किलो तक पहुंच चुका था। बेहद कम उम्र में ही वह पीठ के गंभीर दर्द से जूझने लगी थीं। पायल बताती हैं कि वह अपने परिवार और बच्ची की देखभाल में इस कदर मग्न थीं कि खुद को पूरी तरह नजरअंदाज कर चुकी थीं। लेकिन जब दर्द इतना बढ़ गया कि वह अपनी नन्हीं बेटी को गोद में उठाने में भी लाचार महसूस करने लगीं, तब उन्हें सेहत की असली कीमत समझ आई। उन्हें महसूस हुआ कि खुद स्वस्थ रहे बिना वह परिवार का ख्याल कभी नहीं रख पाएंगी।
योग साधना से घटाया 26 किलो वजन
इसी मोड़ से पायल ने योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाया। कड़े अनुशासन और नियमित योग के बल पर उन्होंने अपनी काया पलट दी। उन्होंने न केवल अपना वजन 76 किलो से घटाकर 50 किलो से कम कर लिया, बल्कि सालों पुराने पीठ दर्द और लगातार रहने वाली थकान को भी हमेशा के लिए अलविदा कह दिया।
बीमारियों को उम्र का तकाजा मान लेना गलत
TrendKia से बात करते हुए पायल ने देश में पैर पसार रही बीमारियों पर चिंता जताई। उनका मानना है कि आज भारत बहुत तेजी से डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों की चपेट में आ रहा है। लोग अक्सर 40 वर्ष की आयु पार करते ही मधुमेह, हाइपरटेंशन और पीठ दर्द को उम्र का सामान्य असर मानकर स्वीकार कर लेते हैं, जो कि बिल्कुल गलत सोच है। उनके अनुसार, साल में सिर्फ एक दिन योग दिवस मनाना काफी नहीं है। सेहत की देखभाल 365 दिन की जिम्मेदारी है। अगर ज्यादा वक्त न मिले, तो रोजाना केवल 15 मिनट का समय योग के लिए जरूर निकालना चाहिए।
माताओं और महिलाओं के लिए विशेष संदेश
पायल का मुख्य उद्देश्य अब महिलाओं और खासकर माताओं को जागरूक करना है। महिलाएं अक्सर बच्चों और पति की देखभाल में खुद को सबसे पीछे छोड़ देती हैं। पायल कहती हैं कि जब एक मां सेहतमंद रहेगी, तभी पूरा परिवार स्वस्थ रह पाएगा। इसलिए महिलाओं को अपनी सेहत को प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर रखना चाहिए।
ऑनलाइन माध्यम से जगा रहीं अलख
अपनी जिंदगी में आए इस क्रांतिकारी बदलाव के बाद पायल अब शांत नहीं बैठी हैं। वह डिजिटल और ऑनलाइन माध्यमों के जरिए लाखों महिलाओं से जुड़कर उन्हें योग और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनका मिशन हर महिला को अपनी सेहत के प्रति जागरूक बनाना है। पायल के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग आज देश के कोने-कोने में और हर घर तक पहुंच गया है। इससे लोगों में स्वास्थ्य को लेकर समझ बढ़ी है। योग केवल शारीरिक कसरत नहीं बल्कि जीवन को संतुलित और सुंदर बनाने का मार्ग है।













