सावन का पवित्र महीना शुरू हो चुका है और इस दौरान श्रद्धालुओं द्वारा व्रत तथा उपवास रखने की परंपरा रहती है। फलाहार के रूप में सिंघाड़े का आटा एक बेहद लोकप्रिय विकल्प माना जाता है। हालांकि, त्योहारों और उपवास के सीजन में बाजार में बिकने वाले पैकेटबंद या खुले सिंघाड़े के आटे में अक्सर मिलावट की शिकायतें सामने आती हैं। ऐसे में सेहत और धार्मिक शुद्धता को ध्यान में रखते हुए आप घर पर ही बहुत कम मेहनत में पूरी तरह मिलावट रहित और एकदम बारीक सिंघाड़ा आटा तैयार कर सकते हैं। कुछ साधारण टिप्स को अपनाकर आप बाजार जैसा गुणवत्तापूर्ण आटा बना सकते हैं।
घर पर आटा बनाने के लिए जरूरी सामान
घर में शुद्ध सिंघाड़ा आटा तैयार करने के लिए सबसे प्राथमिक आवश्यकता अच्छी गुणवत्ता वाले सूखे सिंघाड़ों की होती है। बाजार से सिंघाड़े खरीदते समय यह सुनिश्चित करें कि वे पूरी तरह सूखे, साफ और कीट-रहित हों। इसके अलावा आपको कुछ बुनियादी रसोई उपकरणों की जरूरत होगी, जिनमें एक मजबूत खल-बट्टा या भारी बेलन, एक हाई-पावर मिक्सी या ग्राइंडर और छानने के लिए एक महीन छलनी शामिल है। अगर आप बेहद बारीक आटा चाहते हैं तो एक साफ सूती कपड़ा भी रख लें।
सिंघाड़ों की सफाई और धूप में सुखाना
आटा पीसने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले सूखे सिंघाड़ों को एक साफ कपड़े से अच्छी तरह पोछ लें ताकि उन पर जमी धूल और गंदगी हट जाए। यदि सिंघाड़ों में हल्की सी भी नमी महसूस होती है, तो उन्हें कड़क धूप में लगभग 1 से 2 घंटे के लिए सुखा लेना चाहिए। धूप में सुखाने से सिंघाड़े पूरी तरह से कुरकुरे हो जाते हैं, जिससे उन्हें पीसना बेहद आसान हो जाता है और आटे की शेल्फ लाइफ भी बढ़ जाती है।
कूटने और ग्राइंड करने की सही विधि
सूखे सिंघाड़े काफी सख्त और कठोर संरचना वाले होते हैं। यदि इन्हें सीधे मिक्सी के जार में डालकर पीसने का प्रयास किया जाएगा, तो मिक्सी के ब्लेड टूटने या मोटर पर अत्यधिक दबाव पड़ने का खतरा रहता है। इससे बचने के लिए सबसे पहले सूखे सिंघाड़ों को खल-बट्टे या किसी भारी बेलन की मदद से छोटे-छोटे टुकड़ों में कूट लें। जब ये छोटे टुकड़ों में बंट जाएं, तब इन्हें मिक्सी के बिल्कुल सूखे जार में डालें। मिक्सी को लगातार चलाने के बजाय पल्स मोड पर यानी थोड़ा चलाकर फिर रोककर पीसें। ऐसा करने से जार और मिश्रण ज्यादा गर्म नहीं होता और आटा बहुत ही बारीक पिसता है।
छानने का तरीका और बारीक आटा पाने के टिप्स
मिक्सी में पीसने के बाद तैयार मिश्रण को एक महीन छलनी की मदद से छान लें। छलनी के ऊपर जो मोटे कण या टुकड़े बच जाएं, उन्हें अलग निकालकर दोबारा मिक्सी के जार में डालें और फिर से बारीक पीस लें। यदि आप व्रत के लिए पूरियां या हलवा बनाने हेतु मैदा जैसा बिल्कुल बारीक और मुलायम आटा चाहते हैं, तो छलनी के बजाय मिश्रण को किसी पतले सूती कपड़े से छानें। इससे आपको एकदम महीन और चिकना आटा प्राप्त होगा।
स्टोर करने और फ्रेश रखने के आसान नियम
घर में तैयार किए गए इस शुद्ध सिंघाड़ा आटे को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए सही स्टोरेज बहुत आवश्यक है। आटे को हमेशा एक साफ और सूखे एयरटाइट कांच के जार में भरकर रखें। इसे नमी, पानी के छींटों और सीधी धूप से दूर किसी ठंडी तथा सूखी जगह पर रखना चाहिए। यदि आप इस आटे को 3 से 4 महीने तक एकदम ताजा और खुशबूदार बनाए रखना चाहते हैं, तो एयरटाइट जार को फ्रिज के अंदर स्टोर करना सबसे बेहतर विकल्प है।



















