बरसात के महीने आते ही रसोई में रखी सब्जियों की देखभाल करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो जाता है। हवा में छाई अत्यधिक नमी के कारण आलू बहुत तेजी से खराब होने लगते हैं। अक्सर देखा जाता है कि नमी से आलू गल जाते हैं, उन पर फंगस लग जाती है या फिर उनमें अंकुर फूटने लगते हैं। ऐसे प्रभावित आलू का सेवन शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। थोड़ी सी सावधानी रखकर और कुछ बेहद कारगर घरेलू तरीकों को अपनाकर इस मौसम में भी आलू को लंबे समय तक पूरी तरह ताजा रखा जा सकता है।
खराब टुकड़ों की पहचान करके उन्हें तुरंत अलग करें
बाजार से आलू खरीदकर लाते ही सबसे पहला काम उनकी छंटाई करना है। आलू के ढेर में यदि एक भी आलू सड़ा हुआ, कटा हुआ या दागदार हो, तो उसे तुरंत बाकी सब्जियों से अलग कर देना चाहिए। एक सड़ा हुआ हिस्सा आसपास मौजूद अन्य सभी स्वस्थ आलूओं को भी तेजी से खराब कर देता है। इसीलिए स्टोरेज के दौरान नियमित अंतराल पर आलू की जांच करते रहना बेहद जरूरी है। समय-समय पर खराब हो रहे हिस्सों को हटा देने से पूरे स्टॉक को सड़ने से बचाया जा सकता है।
सुखाने के बाद हवादार और ठंडी जगह पर रखें
आलू को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए उन्हें नमी से बचाना सबसे बुनियादी नियम है। खरीद के तुरंत बाद आलू को कुछ समय के लिए किसी खुली जगह पर फैलाकर पूरी तरह से सुखा लेना चाहिए। इसके बाद ही उन्हें अंतिम रूप से स्टोर करें। आलू रखने के लिए हमेशा ऐसी जगह का चयन करें जहां हवा का आवागमन लगातार होता रहे और तापमान ठंडा हो। कम नमी वाली और हवादार जगह पर रखने से आलू की ताजगी हफ्तों तक बनी रहती है।
प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल बंद करें और सही विकल्प चुनें
कई लोग आलू को पॉलीथीन या प्लास्टिक की थैलियों में ही छोड़ देते हैं, जो उनके जल्दी सड़ने की मुख्य वजह बनती है। प्लास्टिक के अंदर हवा की निकासी नहीं हो पाती, जिससे भीतर नमी जमा हो जाती है और आलू तेजी से खराब होते हैं। इसकी जगह हमेशा हवादार सामग्रियों का उपयोग करें। आलू को स्टोर करने के लिए जूट की बोरी, कागज के थैले या फिर बांस व जालीदार टोकरी सबसे बेहतर माध्यम माने जाते हैं। इनमें आलू को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती रहती है।
प्याज़ और अन्य सब्जियों से दूरी बनाकर रखें
रसोई में अक्सर आलू और प्याज को एक साथ रख दिया जाता है, लेकिन यह तरीका स्टोरेज के लिहाज से बिल्कुल गलत है। प्याज से प्राकृतिक रूप से कुछ ऐसी गैसेस निकलती हैं जो आलू में अंकुरण की प्रक्रिया को काफी तेज कर देती हैं। इससे आलू समय से पहले ही अंकुरित होकर नरम पड़ने लगते हैं। इस समस्या से बचने के लिए आलू को प्याज या किसी भी अन्य गीली सब्जी के साथ न रखें, बल्कि उनका अलग से कंटेनर या स्टैंड तय करें।
अंधेरी जगह पर स्टोरेज और सोलनिन के खतरे से बचाव
आलू को सीधी धूप या तेज रोशनी के संपर्क में रखने से भी वे तेजी से अंकुरित होते हैं। अत्यधिक रोशनी के कारण आलू की त्वचा का रंग हरा पड़ने लगता है। हरे रंग के इस बदलाव से आलू में सोलनिन नामक एक जहरीला और नुकसानदायक तत्व विकसित हो जाता है, जो सेहत के लिए हानिकारक होता है। यदि आलू में हल्का हरापन दिखे, तो उस हिस्से को काटकर हटा देना चाहिए। हालांकि, यदि आलू का बड़ा हिस्सा हरा हो चुका हो, तो उसे इस्तेमाल करने के बजाय फेंक देना ही सुरक्षित रहता है।



















