बाइक या स्कूटर से रोज ऑफिस या कॉलेज जाने वाले लोगों के लिए हेलमेट पहनना सुरक्षा के लिहाज से जरूरी है, लेकिन घंटों हेलमेट पहने रहने से बालों में पसीना, चिपचिपापन, खुजली, बदबू और कई बार हेयर फॉल जैसी दिक्कतें भी सामने आती हैं। ध्यान रहे कि सिर्फ हेलमेट को बाल झड़ने की इकलौती वजह मान लेना सही नहीं है, क्योंकि खानपान, तनाव, हार्मोनल बदलाव, मौसम और स्कैल्प की सफाई जैसी कई चीजें भी इसमें भूमिका निभाती हैं। बावजूद इसके, हेलमेट पहनने के तरीके में कुछ छोटे बदलाव किए जाएं तो स्कैल्प को हेल्दी और साफ-सुथरा बनाए रखना आसान हो सकता है, और बाल भी लंबे समय तक मजबूत बने रह सकते हैं।
निकलने से पहले बालों को अच्छी तरह सुखाएं
शैंपू करने के तुरंत बाद अगर आप हेलमेट पहनकर निकल जाते हैं, तो नम बालों की वजह से स्कैल्प के अंदर उमस और पसीना ज्यादा जमा हो जाता है, जिससे खुजली या रूसी की शिकायत बढ़ सकती है। इसलिए घर से निकलने से पहले बालों को पूरी तरह सूखने का समय दें, भले ही इसके लिए घर से थोड़ा देर से क्यों न निकलना पड़े।
हेलमेट के अंदर की पैडिंग को नजरअंदाज न करें
हेलमेट के भीतर लगी फोम पैडिंग और कपड़े में रोज का पसीना, धूल और स्किन का तेल जमा होता रहता है। इसे अगर काफी दिनों तक साफ न किया जाए, तो यही जमा हुई गंदगी बार-बार स्कैल्प और बालों की जड़ों तक पहुंचती रहती है, जिससे इंफेक्शन या बदबू की शिकायत हो सकती है। जिन हेलमेट में हटाने लायक लाइनिंग आती है, उसे नियमित रूप से धोना चाहिए, वरना कम से कम कपड़े से पोंछकर उसे साफ रखना चाहिए ताकि गंदगी जमने न पाए।
घर पहुंचते ही बालों को खुला छोड़ें
दफ्तर या घर पहुंचते ही हेलमेट उतारने के बाद कुछ मिनट के लिए बालों को बांधने या ढकने से बचें, इससे स्कैल्प पर जमा नमी हवा में स्वाभाविक रूप से सूख जाती है। इसके उलट, हेलमेट हटाते ही बाल बांध लिए जाएं या सिर पर कुछ ढक लिया जाए, तो पसीना काफी देर तक सिर पर टिका रह सकता है, जिससे दिनभर चिपचिपापन और बदबू की समस्या बनी रहती है।
ज्यादा पसीना आए तो स्कैल्प को तुरंत धो लें
अगर गर्मी या उमस के चलते सफर के दौरान सिर बुरी तरह पसीने से भीग जाता है, तो घर आकर सादे पानी से बाल धोए जा सकते हैं। रोज शैंपू करना जरूरी नहीं माना जाता, कई बार सिर्फ पानी से धोने पर भी स्कैल्प तरोताजा महसूस हो सकता है, और असली जरूरत होने पर ही माइल्ड शैंपू लगाना चाहिए।
हेलमेट पहनने से ठीक पहले बाल बहुत ज्यादा कसी हुई पोनीटेल या जूड़े में न बांधें, क्योंकि इससे जड़ों पर अनावश्यक खिंचाव पड़ता है। बालों को ढीले और हल्के ढंग से बांधना ज्यादा आरामदायक रहता है, हेयरलाइन पर कम खिंचाव डालता है और लंबे सफर में भी जड़ों के लिए आसान रहता है।
हेलमेट हटाने के बाद बाल अक्सर चपटे और उलझे हुए महसूस होते हैं। ऐसे में उलझे बालों को जोर लगाकर सुलझाने की बजाय चौड़े दांतों वाली कंघी से हल्के हाथों से सुलझाना बेहतर रहता है, इससे सिरों और जड़ों दोनों जगह बाल टूटने से बचा जा सकता है।
स्कैल्प की सफाई और सही डाइट, दोनों जरूरी
अगर स्कैल्प पर लगातार तेल, पसीना या धूल-मिट्टी जमा रहने दी जाए, तो बालों से जुड़ी कई परेशानियां बढ़ सकती हैं, इसलिए अपने बालों की किस्म के हिसाब से एक तय अंतराल पर बाल धोना जरूरी है। जरूरत से ज्यादा शैंपू करना और बहुत कम शैंपू करना, दोनों ही आदतें ठीक नहीं मानी जातीं। इसके साथ ही बालों को मजबूत बनाने के लिए शरीर को अंदर से भी सही पोषण मिलना उतना ही जरूरी है। रोजाना के खानपान में प्रोटीन, आयरन, जरूरी विटामिन्स और भरपूर मात्रा में पानी शामिल करना फायदेमंद माना जाता है, साथ ही अच्छी नींद लेना और तनाव को काबू में रखना भी समग्र रूप से बालों की सेहत के लिए उतना ही जरूरी बताया जाता है।
बाल ज्यादा झड़ें तो डॉक्टर से मिलने में देर न करें
अगर सामान्य से कहीं ज्यादा बाल झड़ रहे हों, स्कैल्प में बार-बार खुजली, रेडनेस या किसी तरह का इंफेक्शन नजर आ रहा हो, तो सिर्फ घरेलू तरीकों के भरोसे न बैठें। ऐसे मामलों में डर्मेटोलॉजिस्ट या हेयर एक्सपर्ट को दिखाना ज्यादा सही कदम माना जाता है, क्योंकि हर बार हेयर फॉल की अकेली वजह हेलमेट ही नहीं होती।



















