त्योहारों के मौसम में पारम्परिक मिठाइयों में नए प्रयोग हमेशा से लोगों को लुभाते रहे हैं। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में इस बार दीपावली के अवसर पर एक विशेष मिठाई की जबरदस्त मांग देखने को मिल रही है, जिसे गुलाबी छेना रसगुल्ला नाम दिया गया है। साधारण छेना रसगुल्ले से अलग, इस मिठाई को न केवल एक नया रूप दिया गया है, बल्कि इसे तैयार करने की विधि में भी बारीक कारीगरी शामिल है। गुलाब के फूल जैसी बनावट और मनमोहक सजावट के कारण यह मिठाई स्थानीय खरीदारों के बीच आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन चुकी है।
मलाई की क्रीम और कारीगरी से निखरता रूप
छतरपुर के पुराने मिष्ठान निर्माता और प्रेम पैलेस होटल के संचालक बब्बी चौरसिया पूरे साल विभिन्न प्रकार के मिष्ठान तैयार करते हैं, लेकिन दीपावली जैसे बड़े पर्व पर कुछ अनूठी पेशकश की जाती है। उनके अनुसार, यह गुलाबी छेना मिठाई पारंपरिक बंगाली मिठाई की श्रेणी में आती है। हालांकि इसका मूल आधार पारंपरिक छेना रसगुल्ले जैसा ही होता है, परंतु इसे विशिष्ट बनाने के लिए शुद्ध दूध की गाढ़ी मलाई से तैयार क्रीम का उपयोग किया जाता है। मिठाई को अंतिम रूप देने और उस पर फूल की महीन पंखुड़ियों जैसी डिजाइन उकेरने का काम उनके अनुभवी कारीगर अरविंद करते हैं, जिनकी कुशलता से यह मिठाई पूरी तरह खिल उठती है।
केसर और पिस्ते से बढ़ता स्वाद
इस मिठाई की विशेषता केवल इसकी बनावट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके स्वाद पर भी खास ध्यान दिया गया है। दूध की मलाई वाली क्रीम से गुलाब की सुंदर आकृति गढ़ने के बाद इसके ऊपर बारीक कटा पिस्ता और असली केसर की पत्तियां डाली जाती हैं। केसर की प्राकृतिक सुगंध और पिस्ते का कुरकुरापन मिलकर इसके स्वाद को बेहद खास बना देते हैं। बब्बी चौरसिया का मानना है कि पारंपरिक मिठाइयों में लगातार कुछ नया जोड़ना और रचनात्मकता दिखाना ही उनके प्रतिष्ठान की पहचान है। यही वजह है कि आकर्षक रंग-रूप और बेहतरीन स्वाद का यह मेल ग्राहकों को पहली नजर में ही पसंद आ जाता है।
कीमत और बिक्री का आलम
मिष्ठान बाजार में साधारण छेना रसगुल्ला जहां 300 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध है, वहीं अतिरिक्त श्रम और समृद्ध सामग्रियों से तैयार यह विशेष गुलाबी छेना रसगुल्ला 350 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बेचा जा रहा है। कीमत में मात्र 50 रुपये का अंतर होने और उत्सव की विशेष बनावट के चलते दुकान पर आते ही यह मिठाई कुछ ही घंटों में पूरी तरह बिक जाती है। मिष्ठान भंडार के अनुसार, ग्राहकों के भारी रुझान को देखते हुए यह खास मिठाई दीपावली के पूरे त्योहार तक लगातार बनाई और बेची जाती रहेगी।

















