रोशनी और उमंग के पर्व पर घर की साज-सज्जा हर परिवार की प्राथमिकता होती है। बैठक या हॉल घर का वह केंद्र बिंदु होता है जहां मेहमान बैठते हैं और सभी सदस्य मिलकर त्योहार का आनंद लेते हैं। इस मुख्य स्थान को उत्सव के अनुकूल बनाने के लिए बहुत अधिक पैसे खर्च करने की आवश्यकता नहीं होती। थोड़ी सी कल्पनाशीलता और घर में पहले से मौजूद चीजों के सही इस्तेमाल से बैठक का पूरा माहौल बदला जा सकता है। सुनियोजित तरीके से की गई साधारण सजावट भी पूरे लिविंग स्पेस को भव्य बना देती है।
दीयों और वॉर्म लाइट्स से सजाएं खास कोना
हॉल के किसी शांत या खाली कोने को रोशनी के एक सुंदर केंद्र में बदला जा सकता है। इसके लिए लकड़ी की एक छोटी चौकी या कोई सजावटी स्टैंड रखें और उस पर अलग-अलग आकार के मिट्टी अथवा धातु के दीये व्यवस्थित करें। इन दीयों के चारों तरफ ताजे फूलों की पंखुड़ियों से नाजुक पैटर्न तैयार करें। खिड़कियों, पर्दों के बॉर्डर और दीवारों के किनारों पर फेयरी लाइट्स लगाएं। वॉर्म या पीली रोशनी वाली लड़ियां हॉल को उत्सव के अनुकूल आरामदायक अहसास कराती हैं।
ताजे फूलों और तोरण से प्राकृतिक आकर्षण
प्राकृतिक फूलों का उपयोग सजावट को ताजगी और भीनी खुशबू से भर देता है। गेंदे और गुलाब के फूलों की लड़ियों से मुख्य द्वार पर तोरण तैयार करें और हॉल की किसी प्रमुख दीवार पर इन्हें लटकाएं। इसके अलावा, एक पीतल या कांच के बड़े बर्तन में पानी भरकर उसमें गुलाब की ताजी पंखुड़ियां और कुछ फ्लोटिंग मोमबत्तियां रखें। पानी की सतह पर तैरती मोमबत्तियों की हल्की रोशनी लिविंग रूम को बेहद खूबसूरत और शांत रूप प्रदान करती है।
कुशन कवर, थ्रो और पर्दों से तुरंत नयापन
फर्नीचर को बदले बिना हॉल का लुक बदलने का सबसे तेज तरीका फैब्रिक का बदलाव है। सोफे के कुशन कवर बदलकर आप पूरे कमरे की थीम नया रूप दे सकते हैं। दिवाली के मौके पर सुनहरे, मैरून, रस्ट ऑरेंज या गहरे नीले जैसे समृद्ध रंगों का चयन करें। एथनिक प्रिंट या हल्की कढ़ाई वाले फैब्रिक त्योहार के माहौल से मेल खाते हैं। सोफे के एक कोने पर सुंदर थ्रो बिछाने से बैठक की व्यवस्था में अतिरिक्त गहराई आ जाती है।
खाली दीवारों को दें पारंपरिक टच
हॉल की खाली दीवारों को कलात्मक रूप देने के लिए पारंपरिक सजावटी चीजों का सहारा लिया जा सकता है। मिरर वर्क, कपड़े की वॉल हैंगिंग, पारंपरिक पेंटिंग या सजावटी प्लेट्स दीवार पर लगाई जा सकती हैं। पीतल के हैंगिंग दीये या हस्तशिल्प के शोपीस भी बेहतरीन विकल्प हैं। घर में पहले से मौजूद कलाकृतियों या फोटो फ्रेम का स्थान बदलकर भी नयापन लाया जा सकता है। दीवार पर बहुत अधिक वस्तुएं एक साथ टांगने से बचें ताकि कमरा व्यवस्थित दिखे।
प्रवेश द्वार पर रंगोली और कलाकारी
हॉल के प्रवेश मार्ग या केंद्र में बनी रंगोली सजावट को पूर्णता प्रदान करती है। रंगों और फूलों की पंखुड़ियों के मेल से सुंदर आकृतियां बनाई जा सकती हैं। यदि हाथ से बारीक डिजाइन बनाना कठिन लगे, तो बाजार में उपलब्ध स्टेंसिल का उपयोग किया जा सकता है। फूलों की पंखुड़ियों से तैयार रंगोली के किनारों पर छोटे मिट्टी के दीये रखने से इसका आकर्षण दोगुना हो जाता है और कमरे में प्रवेश करते ही उत्सव का अहसास होता है।



















