फल खाने के बाद अक्सर छिलकों को बेकार समझकर कचरे के डिब्बे में डाल दिया जाता है। हाल के दिनों में इंटरनेट पर केले के छिलके को लेकर एक नया चलन काफी देखा जा रहा है, जिसमें इसे बालों की देखभाल का कारगर घरेलू उपाय बताया जा रहा है। कई लोग यह दावा कर रहे हैं कि केले के छिलकों को पानी में अच्छी तरह उबालकर तैयार किया गया तरल बालों को कुदरती चमक और कोमलता दे सकता है। कुछ चर्चाओं में तो इसे बाल झड़ने की समस्या से राहत दिलाने और बालों की लंबाई बढ़ाने वाला टॉनिक तक करार दिया जा रहा है।
इन तमाम लुभावने दावों के बीच इस बात को समझना भी जरूरी है कि केले के छिलके के पानी से जुड़े फायदों को लेकर फिलहाल कोई पुख्ता वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। यदि कोई व्यक्ति इस घरेलू उपाय को आजमाने की योजना बना रहा है, तो इसके सही उपयोग और इससे जुड़ी बुनियादी सावधानियों की पूरी जानकारी रखना बेहद आवश्यक है।
केले के छिलके से हेयर रिंस तैयार करने का पूरा तरीका
घर पर यह तरल मिश्रण तैयार करने के लिए बहुत अधिक सामग्रियों की आवश्यकता नहीं होती। सबसे पहले ताजे केले के छिलकों को नल के बहते पानी में अच्छी तरह धो लेना चाहिए, जिससे उन पर चिपकी धूल, गंदगी या अन्य कण पूरी तरह साफ हो जाएं। इसके बाद छिलकों को चाकू की मदद से छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।
एक बर्तन में 2 कप साफ पानी लेकर उसे मध्यम आंच पर गर्म होने के लिए रखें। जब पानी हल्का गर्म हो जाए, तब उसमें कटे हुए छिलके डाल दें। इन छिलकों को लगभग 10 से 15 मिनट तक धीमी आंच पर उबलने दें। जब पानी का रंग हल्का बदल जाए, तब आंच बंद कर दें। इस उबले हुए पानी को कमरे के सामान्य तापमान पर पूरी तरह ठंडा होने दें। ठंडा होने के बाद किसी साफ कपड़े या महीन छन्नी की सहायता से पानी को छानकर अलग कर लें। इस प्रकार बालों के लिए घरेलू रिंस तैयार हो जाता है।
बाल धोने के बाद इस तरह करें इसका प्रयोग
इस तैयार तरल का इस्तेमाल बाल धोने की सामान्य प्रक्रिया के अंत में किया जाता है। सबसे पहले अपने नियमित शैम्पू की मदद से बालों को हमेशा की तरह धोकर साफ कर लें। शैम्पू का झाग पूरी तरह निकल जाने के बाद, तैयार किए गए इस पानी की थोड़ी सी मात्रा हाथों में लेकर बालों की पूरी लंबाई पर हल्के हाथों से लगाएं।
कुछ देर तक इसे बालों पर लगा रहने दें और फिर साफ सादे पानी से बालों को अच्छी तरह खंगाल लें। यदि कोई व्यक्ति पहली बार इसका उपयोग कर रहा है, तो शुरुआत में बहुत ही सीमित मात्रा लगानी चाहिए। पूरे सिर की त्वचा पर इसे सीधे लगाने से पहले त्वचा के एक छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना समझदारी है। यदि उपयोग के बाद सिर में खुजली, जलन या त्वचा लाल पड़ने जैसी कोई भी परेशानी दिखाई दे, तो तुरंत इसका प्रयोग रोक देना चाहिए।
दही और एलोवेरा के साथ बनाएं कंडीशनिंग मिश्रण
जिन लोगों के बाल बहुत अधिक रूखे या उलझे रहते हैं, वे इस पानी की मदद से एक गाढ़ा हेयर मास्क भी तैयार कर सकते हैं। इसके लिए तैयार किए गए केले के छिलके के पानी में आवश्यकतानुसार थोड़ा सा एलोवेरा जेल या ताजा दही मिला लें। इन दोनों चीजों को मिलाकर एक चिकना पेस्ट बना लें।
इस मिश्रण को बालों की लंबाई पर अच्छी तरह लगाएं। लगभग 10 से 15 मिनट तक इस लेप को बालों पर लगा रहने दें और फिर सामान्य पानी से बालों को पूरी तरह धोकर साफ कर लें। ध्यान रखें कि इस तरह के मिश्रण को लगाने से पहले भी पैच टेस्ट अवश्य करना चाहिए। जिन लोगों की सिर की त्वचा बेहद संवेदनशील है या जिन्हें किसी प्रकार की एलर्जी की शिकायत रहती है, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
क्या सच में लंबे होते हैं बाल, जानिए वैज्ञानिक हकीकत
इस घरेलू नुस्खे को लेकर सबसे बड़ा संशय यही रहता है कि क्या यह वास्तव में नए बाल उगाने या बालों की लंबाई बढ़ाने में सक्षम है। हालांकि केले के छिलकों में कुछ खास पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं, लेकिन इसका अर्थ यह कतई नहीं है कि पानी में उबालकर लगाने से वे सभी तत्व बालों की जड़ों तक आसानी से पहुंच जाते हैं।
वर्तमान समय में ऐसा कोई भी वैज्ञानिक शोध मौजूद नहीं है जो यह साबित करता हो कि इस पानी के इस्तेमाल से नए बाल उगते हैं, बालों की लंबाई तेज होती है या अत्यधिक बाल झड़ना बंद हो जाता है। इसलिए इसे किसी चिकित्सीय उपचार या बाल बढ़ाने की अचूक दवा के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
स्टोरेज से जुड़े नियम और विशेषज्ञ परामर्श
इस तरह के घरेलू मिश्रणों को तैयार करते समय किसी भी प्रकार के प्रिजर्वेटिव या रासायनिक तत्वों का उपयोग नहीं किया जाता। यही कारण है कि यह पानी बहुत जल्दी खराब हो सकता है। इसे लंबे समय तक बोतलों में भरकर रखने से बचना चाहिए और हमेशा ताजा बनाकर ही इस्तेमाल करना सबसे सुरक्षित माना जाता है। यदि किसी व्यक्ति के बाल असामान्य रूप से तेजी से झड़ रहे हों, सिर की त्वचा में लगातार खारिश की समस्या बनी रहे या बालों के विकास में अचानक कोई नकारात्मक बदलाव आए, तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय किसी प्रमाणित त्वचा विशेषज्ञ से जांच करवानी चाहिए।


















