रसोई में गैस चूल्हे का प्रयोग दिनभर में कई मर्तबा होता है। लगातार खाना बनने, तेल के छींटे पड़ने, चाय या दूध के उफनने से चूल्हे के बर्नर पर चिकनाई और कार्बन की मोटी परत जमने लगती है। जब बर्नर के छिद्रों में मैल भर जाता है, तो गैस की लौ कमजोर होने लगती है और उसका रंग नीले से बदलकर पीला या लाल हो जाता है। यह स्थिति न सिर्फ खाना बनाने के समय को बढ़ा देती है, बल्कि रसोई गैस की भारी बर्बादी भी कराती है। इसके अलावा बर्तनों के निचले हिस्से पर कालिख जमने की समस्या भी पैदा हो जाती है।
लौ का रंग बदलने और धीमा होने का मुख्य कारण
तरल पेट्रोलियम गैस यानी एलपीजी को पूरी तरह जलने के लिए पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। जब बर्नर के छोटे-छोटे छेद भोजन के अवशेषों, ग्रीस या कालिख से अवरुद्ध हो जाते हैं, तब गैस को उचित ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। इस अधूरी दहन प्रक्रिया के कारण आग का रंग पीला या नारंगी दिखने लगता है। सही तकनीक और घर में मौजूद साधारण चीजों की सहायता से बर्नर को पूरी तरह साफ करके गैस के प्रवाह को फिर से दुरुस्त किया जा सकता है।
सिरका और बेकिंग सोडा का असरदार घोल
बर्नर की गहरी सफाई और उस पर चिपके जिद्दी कार्बन को हटाने के लिए सफेद सिरका और बेकिंग सोडा का मिश्रण बेहद कारगर उपाय है। इसके लिए एक गहरे बर्तन में आधा कप सफेद सिरका लें और उसमें दो चम्मच बेकिंग सोडा मिला दें। यह मिश्रण आपस में मिलते ही झाग बनाने लगता है। अब गंदे बर्नर को इस घोल में डालकर लगभग 15 से 20 मिनट के लिए छोड़ दें। समय पूरा होने के बाद बर्नर को निकालें और किसी पुराने टूथब्रश या हल्के तार वाले स्क्रबर से रगड़कर साफ करें। जमी हुई मैल फूलकर ढीली हो चुकी होती है, जिससे वह बिना मेहनत तुरंत बाहर निकल आती है।
नींबू और नमक से दूर करें कालापन
लंबे समय तक इस्तेमाल होने से पीतल या लोहे के बर्नर पर कालापन और जंग जैसी परत चढ़ जाती है। नींबू में मौजूद प्राकृतिक साइट्रिक एसिड इस कालेपन को काटने में बहुत मददगार साबित होता है। इस नुस्खे के लिए आधा कटोरी गुनगुना पानी लेकर उसमें एक पूरे नींबू का रस निचोड़ें और थोड़ा सा नमक मिला दें। बर्नर को इस नमकीन अम्लीय पानी में कुछ समय के लिए भिगोकर रखें। इसके बाद निचोड़े हुए नींबू के छिलके पर थोड़ा सूखा नमक छिड़कें और उससे बर्नर की सतह को अच्छी तरह घिसें। इससे धातु की पुरानी चमक वापस लौट आती है और सतह साफ हो जाती है।
सेफ्टी पिन या पतले तार से खोलें बंद छिद्र
कई बार रासायनिक घोल में भिगोने के बाद भी कुछ छिद्रों के भीतर का ठोस कचरा बाहर नहीं निकल पाता। इसके लिए बर्नर को पानी से धोकर कपड़े से अच्छी तरह सुखा लें। इसके बाद एक महीन सेफ्टी पिन, सामान्य सुई या किसी पतले तार की मदद लें। बर्नर के प्रत्येक छोटे छेद में सुई या तार डालकर अंदर फंसी गंदगी को खुरचकर बाहर निकालें। जब सभी छिद्र पूरी तरह खुल जाते हैं, तो गैस को बाहर निकलने का खुला रास्ता मिलता है और चूल्हा जलाते ही तेज नीली फ्लेम बहाल हो जाती है।



















