बिहार में राजनीतिक घमासान, प्रशांत किशोर पर सम्राट चौधरी को गोली मारने की धमकी देने का बीजेपी ने लगाया आरोपउत्तराखंड की लोक परंपरा में रचा-बसा हुड़का, जानिए क्यों माना जाता है यह भगवान शिव का प्रिय वाद्यत्योहारी सीजन में नहीं बढ़ेगी चीनी की कीमत, सरकार ने सप्लाई बढ़ाने के लिए उठाया बड़ा कदमबिना आधार कार्ड के भी मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ, सामाजिक न्याय मंत्रालय ने जारी किए नए नियमजमुई के खैरा बाजार में फेस्टिव सीजन की धूम, महिलाओं के लिए साड़ियों और सलवार सूट का बेहतरीन कलेक्शनअमित शाह ने पंजाब सरकार से मांगी ड्रग्स मामलों की रिपोर्ट, गुरदासपुर हमले और मानसा हत्या पर उठे गंभीर सवालभीलवाड़ा के भदाली खेड़ा में खुला राज सखी मार्ट, महिलाओं के हुनर को मिला नया बाजारभीलवाड़ा में खुला राज सखी मार्ट, महिलाओं के हाथों से बने उत्पादों को मिला एक नया बाजारकर्क राशिफल 17 अक्टूबर 2026: अटके काम पूरे करने पर रहेगा फोकस, सेहत और बजट को लेकर बरतें सावधानीबिहार के एनएच 80 पर टोल टैक्स महंगा, बालगुदर टोल प्लाजा पर इस साल तीसरी बार बढ़ी दरें
मकान बनाते समय अपनाएं ये तरीके, फर्नीचर और दीवारों से कोसों दूर रहेगी दीमकजीवनशैली
15 अक्तू॰ 2026, 7:32 pm (1 दिन पहले)· 0

मकान बनाते समय अपनाएं ये तरीके, फर्नीचर और दीवारों से कोसों दूर रहेगी दीमक

नया मकान तैयार करते वक्त सही वाटरप्रूफिंग, प्लंबिंग जांच और लकड़ी पर सुरक्षात्मक कोटिंग अपनाकर दीमक के भारी नुकसान से बचा जा सकता है। इंटीरियर डिजाइनर अभिषेक अग्रवाल ने निर्माण के दौरान बरती जाने वाली जरूरी सावधानियों के बारे में बताया है।

अपना नया आशियाना तैयार करते समय लोग अक्सर फर्श की चमक, आकर्षक डिजाइन और बाहरी खूबसूरती पर तो पूरा ध्यान देते हैं, लेकिन बुनियादी सुरक्षा से जुड़े कई अहम कदमों को नजरअंदाज कर देते हैं। यही अनदेखी आगे चलकर परिवार के लिए सिरदर्द बन जाती है। दीमक एक ऐसा ही खामोश कीट है, जो पलंग, सोफा, अलमारी, कपड़ों और यहां तक कि घर में रखे जरूरी कागजात को भी धीरे-धीरे पूरी तरह बर्बाद कर देता है। आमतौर पर लोग मानते हैं कि दीमक केवल पुराने मकानों में ही लगती है, जबकि हकीकत यह है कि थोड़ी सी नमी मिलने पर यह नए निर्माण को भी अपनी चपेट में ले लेती है। मोतिहारी के निवासी और लगभग 10 वर्षों से इंटीरियर डिजाइनिंग का काम देख रहे अभिषेक अग्रवाल के मुताबिक, यदि निर्माण कार्य के दौरान ही सही कदम उठा लिए जाएं तो इस समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा मिल सकता है।

दीवारों की नमी और पानी के लीकेज पर रखें कड़ी नजर

मकान की बनावट में दीमक के पनपने की सबसे बड़ी वजह लगातार बनी रहने वाली सीलन और नलों या पाइपों से होने वाला पानी का रिसाव है। जिस जगह भी ईंटों या प्लास्टर को लगातार पानी मिलता रहता है, वहां दीमक बहुत तेजी से अपना घर बना लेती है। अभिषेक अग्रवाल का कहना है कि प्लंबिंग फिटिंग का काम पूरा होते ही पूरे पाइप नेटवर्क की वाटर टेस्टिंग अनिवार्य रूप से करानी चाहिए। रिसाव की बारीक से बारीक जगह पकड़ने के लिए पानी में रंग मिलाकर पाइपलाइनों की जांच करने का नुस्खा बेहद कारगर साबित होता है। रंगीन पानी की मदद से लीकेज वाले सटीक बिंदु को तुरंत चिन्हित कर लिया जाता है, जिससे दीवार पर प्लास्टर या रंग-रोगन होने से पहले ही मरम्मत का काम पूरा हो जाता है।

ये भी पढ़ें

बाथरूम और टाइल्स के काम में वाटरप्रूफिंग की अहमियत

फर्श या दीवारों पर टाइल्स बिठाते वक्त वाटरप्रूफिंग का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी है। खासकर स्नानघर, वॉश एरिया और लगातार पानी के संपर्क में रहने वाले हिस्सों में यदि वाटरप्रूफिंग का काम सही ढंग से न किया जाए, तो पानी धीरे-धीरे रिसकर दीवारों की गहराई तक पहुंच जाता है। सही रासायनिक घोल और वाटरप्रूफिंग तकनीक के इस्तेमाल से पानी का नीचे या आसपास की दीवारों में उतरना रुक जाता है। जब तक नमी की मौजूदगी पूरी तरह खत्म नहीं होगी, तब तक दीमक के हमले के खतरे को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सकता।

लकड़ी के सामान पर केमिकल ट्रीटमेंट और सुरक्षा कवच

घर के भीतर दीमक का सबसे पहला और आसान शिकार लकड़ी से बने उत्पाद होते हैं। मेज, कुर्सी, पलंग, दरवाजे और आलमारियों को सुरक्षित बनाए रखने के लिए केवल अच्छी लकड़ी चुनना ही काफी नहीं होता, बल्कि निर्माण और इंस्टॉलेशन के वक्त उन पर केमिकल आधारित एंटी-टर्माइट ट्रीटमेंट किया जाना चाहिए। इसके साथ ही लकड़ी की सतहों पर टिकाऊ प्रोटेक्टिव कोटिंग लगाई जानी चाहिए। अभिषेक अग्रवाल दीवारों और कीमती लकड़ी के साजो-सामान को दीमक के सीधे हमले से बचाने के लिए वॉल गार्ड जैसी आधुनिक सुरक्षात्मक तकनीकों को अपनाने पर जोर देते हैं, जिससे लकड़ी सीधे दीवार की नमी के संपर्क में नहीं आती।

चींटियों और अन्य कीटों की आवाजाही को न करें नजरअंदाज

घरों में दिखने वाली चींटियां भी दीमक के विस्तार में मददगार साबित हो सकती हैं। कई बार चींटियां लकड़ी के भीतरी हिस्सों को खोखला कर अपने आने-जाने का रास्ता या घोंसला तैयार कर लेती हैं। चींटियों द्वारा बनाए गए इन सुराखों और खाली जगहों का फायदा उठाकर दीमक और दूसरे विनाशकारी कीट लकड़ी के बिल्कुल अंदर तक पैठ बना लेते हैं। इसके बाद वे अंदर ही अंदर सामान को पाउडर में बदलना शुरू कर देते हैं। इसलिए जैसे ही मकान में चींटियों या किसी भी कीड़े की हलचल दिखाई दे, उसे सामान्य समझकर टालने के बजाय तुरंत जरूरी कदम उठाने चाहिए।

समस्या आने के बाद नहीं, निर्माण के समय ही करें पूरा बंदोबस्त

एक बार अगर पूरे मकान में दीमक का जाल फैल जाए, तो उसके बाद दवाइयों का छिड़काव या इलाज कराना काफी महंगा और झंझट भरा साबित होता है। इसलिए समझदारी इसी में है कि जब नींव रखी जा रही हो और निर्माण चल रहा हो, तभी सीलन से बचाव और एंटी-टर्माइट के पुख्ता इंतजाम कर लिए जाएं। नियमित प्लंबिंग निरीक्षण, सटीक वाटरप्रूफिंग और लकड़ी के सामान की सही सुरक्षा को अपनी निर्माण योजना में शामिल करके नए मकान को दशकों तक दीमक के खतरे से महफूज रखा जा सकता है।

सवाल-जवाब

क्या बिल्कुल नए मकान में भी दीमक लग सकती है?
हां, अगर नए मकान की दीवारों में सीलन या पाइप लीकेज से नमी बनी रहे, तो दीमक नए घर को भी अपनी चपेट में ले सकती है।
प्लंबिंग में लीकेज की पहचान करने का क्या तरीका है?
प्लंबिंग का काम पूरा होने के बाद पानी में रंग मिलाकर पाइपलाइन की टेस्टिंग की जा सकती है, जिससे रिसाव वाली जगह तुरंत दिख जाती है।
लकड़ी के फर्नीचर को दीमक से कैसे बचाया जा सकता है?
फर्नीचर के निर्माण और फिटिंग के समय केमिकल एंटी-टर्माइट ट्रीटमेंट, प्रोटेक्टिव कोटिंग और वॉल गार्ड का इस्तेमाल करना चाहिए।
घर में चींटियों का दिखना दीमक के लिए कैसे खतरनाक है?
चींटियां लकड़ी में अपने आने-जाने के रास्ते और छेद बना लेती हैं, जिनका उपयोग करके दीमक लकड़ी के भीतर आसानी से घुस जाती है।
वाटरप्रूफिंग किन जगहों पर सबसे ज्यादा जरूरी होती है?
बाथरूम, वॉश एरिया और लगातार पानी के संपर्क में आने वाली जगहों पर टाइल्स लगाते समय वाटरप्रूफिंग सबसे जरूरी होती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp