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घर की छत पर उगाएं हरी गोभी, गमले और खाद के सही तरीके से मिलेगी भरपूर ब्रोकलीजीवनशैली
20 सित॰ 2026, 1:32 am (17 मिनट पहले)· 0

घर की छत पर उगाएं हरी गोभी, गमले और खाद के सही तरीके से मिलेगी भरपूर ब्रोकली

सितंबर के मौसम में सही खाद, गमले के आकार और जैविक तरीकों को अपनाकर छत या बालकनी में बिना रसायनों के शानदार ब्रोकली तैयार की जा सकती है.

बाजार में बिकने वाली ब्रोकली पर अक्सर कीटनाशकों, रासायनिक उर्वरकों और चमक बरकरार रखने वाले कृत्रिम मोम या रंगों का असर देखा जाता है. गोभी वर्ग की यह पौष्टिक हरी सब्जी घर पर पूरी तरह शुद्ध और ताजी उगाई जा सकती है. बागवानी करने वाले लोगों के लिए सितंबर का समय इसकी नर्सरी तैयार करने का सबसे बेहतरीन दौर माना जाता है. सही बीजों के चयन से लेकर रोपाई और जैविक पोषण तक, कुछ जरूरी नियमों का पालन करके घर की छत या बालकनी में ही शानदार फसल हासिल की जा सकती है.

उन्नत किस्मों का चुनाव और मिट्टी तैयार करने की विधि

घर में ब्रोकली की अच्छी पैदावार लेने के लिए बीजों की गुणवत्ता पर ध्यान देना बहुत जरूरी है. बीजों की किस्मों में ग्रीन मैजिक, पूसा ब्रोकली 1, लकी और बेस्टी जैसी किस्में गमलों में उगाने के लिए काफी उपयुक्त मानी जाती हैं. नर्सरी तैयार करने के लिए सबसे पहले मिट्टी का संतुलन बनाना चाहिए. इसके लिए 50 प्रतिशत सामान्य बगीचे की मिट्टी और 50 प्रतिशत अच्छी तरह सड़ी हुई गाय के गोबर की खाद को आपस में अच्छी तरह मिला लें.

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इस तैयार मिश्रण को किसी चौड़े कंटेनर में भरें. इसके बाद ऊपर से ब्रोकली के बीज छिड़क दें. बीजों को मिट्टी में गहरा दबाने से बचना चाहिए, बल्कि बीजों के ऊपर मिट्टी की एक हल्की और पतली परत फैला देनी चाहिए. इसके तुरंत बाद वॉटरिंग स्प्रे की मदद से हल्का पानी दें. लगभग 7 से 10 दिनों के भीतर बीज अंकुरित होने लगते हैं. जब नन्हे पौधे बाहर निकल आएं, तब उन्हें शुरुआती देखभाल के लिए छोटे गमलों में स्थानांतरित कर देना चाहिए.

नर्सरी से बड़े ग्रो बैग में रोपाई के नियम

शुरुआती गमलों में पौधे लगाने के बाद उन्हें पर्याप्त धूप वाली जगह पर रखें और जरूरत के अनुसार नमी बनाए रखें. लगभग 25 दिनों में ब्रोकली की पौध बड़े पात्रों में लगाने लायक मजबूत हो जाती है. पौधों को अंतिम रोपाई के लिए कम से कम 12 इंच गहरे ग्रो बैग की जरूरत होती है. यदि आप 15 गुणा 15 इंच माप का बड़ा ग्रो बैग इस्तेमाल करते हैं, तो उसमें दो पौधे आसानी से लगाए जा सकते हैं.

ग्रो बैग में मिट्टी भरने के बाद बीच में छोटा गड्ढा तैयार करें. छोटे गमले को उल्टा करके पौधे को जड़ों सहित सुरक्षित निकालें और ग्रो बैग में रोप दें. पौधों को ट्रांसप्लांट शॉक से बचाने के लिए रोपाई का काम हमेशा शाम के समय करना चाहिए. पहली बार में अच्छी मात्रा में पानी दें ताकि पूरी मिट्टी गहराई तक नम हो जाए. इसके बाद दोबारा सिंचाई केवल तभी करें जब ग्रो बैग की ऊपरी सतह लगभग दो इंच तक सूख चुकी हो.

पोषण, निराई-गुड़ाई और सरसों की खली का प्रयोग

रोपाई के करीब डेढ़ महीने बाद पौधे तेजी से फैलने लगते हैं. इस दौरान समय-समय पर गमलों की निराई-गुड़ाई करते रहना चाहिए, जिससे जड़ों तक हवा का संचार बना रहे. हर 20 दिन के अंतराल पर पौधों को पोषक तत्व बदलते हुए देने चाहिए. गुड़ाई करने के बाद पौधे की जड़ों के पास वर्मी कंपोस्ट या गोबर की खाद डालें. इसके अलावा कैल्शियम फॉस्फेट और सरसों की खली देने से पौधों का विकास बहुत तेज होता है.

सरसों की खली का तरल खाद तैयार करने के लिए उसे 4 से 5 दिनों तक पानी में भिगोकर रखें. इसके बाद उसमें एक लीटर ताजा पानी मिलाकर गमलों में डालें. हर 15 से 20 दिनों में पोषण का रूप बदलने से ब्रोकली के फूलों का आकार बड़ा और सघन बनता है. जब पौधों में हेड या फूल बनने की शुरुआत हो जाए, तब वर्मी कंपोस्ट, गोबर की खाद और मिट्टी का संतुलित मिश्रण बनाकर गमले में डालना चाहिए. इससे पैदावार में उल्लेखनीय वृद्धि होती है.

कीट नियंत्रण और फूल न आने की समस्याओं का समाधान

ब्रोकली की जैविक खेती में हानिकारक रसायनों के स्थान पर प्राकृतिक कीटनाशकों का ही प्रयोग करें. यदि पौधों पर किसी भी प्रकार के कीटों या कीड़ों का प्रकोप दिखाई दे, तो तुरंत नीम ऑयल का छिड़काव करें. इसके अतिरिक्त जैविक फफूंदनाशी बूवेरिया बसियाना का उपयोग भी कीटों से बचाव में कारगर साबित होता है. लगातार ब्रोकली प्राप्त करने के लिए तीन-तीन माह के अंतराल पर नए पौधे लगाने चाहिए, जिससे हर महीने ताजा कटाई मिलती रहे.

कई बार पौधों में पत्तियां तो खूब आती हैं लेकिन फूल नहीं बनते. इसका मुख्य कारण पौधों को पर्याप्त धूप न मिलना होता है. ब्रोकली को प्रतिदिन कम से कम 8 घंटे की सीधी धूप मिलनी आवश्यक है. साथ ही गमले की मिट्टी अच्छी जल निकासी वाली होनी चाहिए और उसमें हमेशा हल्की नमी बनी रहनी चाहिए. समय पर अमीनो एसिड और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स युक्त खाद देने से फूलों की गुणवत्ता सुधरती है. ध्यान रखें कि ब्रोकली के हेड को अत्यधिक बड़ा होने तक रोके न रखें, बल्कि सही समय पर उसकी कटाई कर लें.

सवाल-जवाब

ब्रोकली की पौध तैयार करने के लिए सबसे अच्छा महीना कौन सा है?
ब्रोकली की पौध तैयार करने के लिए सितंबर का महीना सबसे उपयुक्त माना जाता है.
ब्रोकली के बीज अंकुरित होने में कितना समय लेते हैं?
सही नमी और मिट्टी मिलने पर बीज 7 से 10 दिनों के भीतर अंकुरित हो जाते हैं.
ब्रोकली लगाने के लिए ग्रो बैग का आकार कितना होना चाहिए?
ग्रो बैग कम से कम 12 इंच गहरा होना चाहिए, और 15 गुणा 15 इंच के ग्रो बैग में दो पौधे लगाए जा सकते हैं.
पौधे की रोपाई कितने दिनों बाद बड़े ग्रो बैग में करनी चाहिए?
नर्सरी में पौध तैयार होने के लगभग 25 दिनों बाद उसे बड़े ग्रो बैग में स्थानांतरित करना चाहिए.
ब्रोकली के पौधे में फूल न बनने का मुख्य कारण क्या है?
पौधे को पर्याप्त धूप न मिलना और मिट्टी में अच्छी जल निकासी न होना फूल न बनने की मुख्य वजहें हैं.
कीटों के प्रकोप से ब्रोकली को बचाने के लिए कौन से जैविक उपाय हैं?
कीटों से बचाव के लिए नीम ऑयल का स्प्रे या बूवेरिया बसियाना जैविक कीटनाशक का प्रयोग किया जा सकता है.
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टिप्पणियाँ 2

Nyra Kaif@nyra-kaif·2 मिनट पहले

शहरों में बढ़ती जैविक बागवानी और टेरेस फार्मिंग का यह रुझान सिर्फ खानपान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मेंटल वेलनेस और सस्टेनेबल लाइफस्टाइल का एक नया ट्रेंड बन गया है। सितंबर में ब्रोकली उगाने की यह प्रक्रिया दिखाती है कि कैसे युवा अपनी बालकनी को ऑर्गेनिक स्पेस में बदलकर तनाव भरी शहरी जिंदगी से राहत पा रहे हैं।

Pooja Bhatt@pooja-bhatt·1 मिनट पहले

शहरी इलाकों में रासायनिक प्रदूषण और कीटनाशकयुक्त सब्जियों के सेवन से क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन, हॉर्मोनल असंतुलन और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल संबंधी स्वास्थ्य जोखिम लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में, ब्रोकली जैसी क्रूसिफेरस सब्जियों को घर पर बिना रसायनों के उगाना न केवल पोषण संबंधी सुरक्षा देता है, बल्कि यह शरीर में एंटीऑक्सीडेंट्स और ग्लूकोसाइनोलेट्स की आपूर्ति को भी सुरक्षित बनाता है, जिससे दीर्घकालिक बीमारियो का खतरा कम होता है।

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