सौंदर्य और फैशन की दुनिया में इन दिनों एक बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। दिल्ली एनसीआर के ब्यूटी पार्लरों और पेशेवर सैलूनों में पारंपरिक भारी कॉस्मेटिक परतों की जगह अब ग्लास जैसी चमकती त्वचा की मांग तेजी से बढ़ी है। लंबे समय तक लोकप्रिय रहे न्यूड मेकअप का दौर भी अब धीरे-धीरे पीछे छूट रहा है। सोशल मीडिया पर एशियाई कलाकारों की बेदाग, फ्रेश और चमकदार त्वचा देखने के बाद भारतीय युवतियां और महिलाएं अब बड़े पैमाने पर कोरियन ब्यूटी तकनीकों की ओर आकर्षित हो रही हैं। इंस्टाग्राम और यूट्यूब की रील्स से निकलकर यह चलन अब रोजमर्रा की शादियों, पार्टियों और सामान्य आउटिंग के लिए पहली पसंद बन चुका है।
सैलूनों में दो वर्षों के दौरान बदला ट्रेंड
राजधानी दिल्ली के चांदनी चौक स्थित ओमेक्स मॉल के ड्यूटी लैंड आयोजन में सौंदर्य विशेषज्ञों ने इस उभरती शैली पर विस्तार से चर्चा की। नायका ब्यूटी स्टोर की प्रबंधक और सौंदर्य विशेषज्ञ दिव्या ने साझा किया कि बीते 2 वर्षों में जिस शैली की लोकप्रियता में सबसे तेज उछाल आया है, वह कोरियन स्टाइल ही है। उनके अनुसार पहले महिलाएं शादी या विशेष अवसरों पर भारी बेस और गहरे रंगों का इस्तेमाल करवाती थीं, लेकिन अब वे ऐसा निखार चाहती हैं जिसमें चेहरा स्वाभाविक, साफ और अंदरूनी चमक से भरा दिखे। यह ट्रेंड त्वचा को ढंकने के बजाय उसकी सेहत और ताजगी को उभारने पर केंद्रित रहता है।
कोरियन लुक का मूल दर्शन और तैयारी
इस सौंदर्य शैली की बुनियादी विशेषता चेहरे को भारी या जरूरत से ज्यादा मैट दिखाने से बचाना है। पूरा ध्यान त्वचा की नमी, हल्के गुलाबी ब्लश और आंखों की सौम्यता पर केंद्रित रहता है। यह प्रक्रिया कुल 8 से 10 अलग-अलग चरणों में पूरी की जाती है और इसे किसी भी स्किन टाइप पर आसानी से अपनाया जा सकता है। सबसे पहला और आवश्यक कदम त्वचा को पूरी तरह साफ करके उस पर गहरा मॉइस्चराइजर लगाना है। यदि दिन का समय हो तो सनस्क्रीन का उपयोग अनिवार्य माना जाता है, क्योंकि पर्याप्त नमी और हाइड्रेटेड त्वचा ही इस पूरे लुक की रीढ़ होती है।
फाउंडेशन की मोटी परत से परहेज
पारंपरिक शैली के विपरीत यहां चेहरे पर फाउंडेशन की मोटी परतें नहीं चढ़ाई जाती हैं। इसकी जगह बहुत हल्का फाउंडेशन या टिंटेड बेस इस्तेमाल किया जाता है, ताकि त्वचा की वास्तविक बनावट दिखती रहे। यदि चेहरे पर कहीं कोई दाग या धब्बा नजर आ रहा हो, तो केवल उसी विशेष हिस्से पर हल्का सा कंसीलर लगाकर उसे संतुलित किया जाता है। इससे चेहरा किसी मुखौटे जैसा नहीं लगता बल्कि बेहद फ्रेश और स्वाभाविक रूप से दमकता हुआ दिखाई देता है।
गालों पर ब्लश और प्राकृतिक भौंहें
गालों और नाक के ऊपर हल्का सा ब्लश लगाना इस शैली का प्रमुख आकर्षण है। इसके लिए आमतौर पर गुलाबी, पीच या कोरल शेड्स चुने जाते हैं। इस हल्के रंग को गालों के बीच वाले हिस्से से शुरू करके ऊपर की ओर धीरे-धीरे फैलाया जाता है, जिससे चेहरे पर एक मासूम ताजगी आ जाती है। इसके साथ ही भौंहों को नुकीला या अत्यधिक गहरा बनाने के बजाय उनके प्राकृतिक आकार को ही बनाए रखा जाता है। जहां भौंहों के बाल विरल हों, उन्हें हल्के भूरे रंग के पाउडर या पेंसिल से बहुत करीने से भर दिया जाता है।
सॉफ्ट आई मेकअप और टिंटेड होंठ
आंखों के लिए हल्के भूरे, गुलाबी या पीच शेड्स वाले आईशैडो का चयन किया जाता है। ऊपरी पलकों पर एक बहुत ही महीन लाइनर लगाया जाता है और किसी भी प्रकार के भारी या तीखे विंग बनाने से बचा जाता है। कोरियन स्टाइल में निचली पलकों के बीच हल्की चमक को सौंदर्य का प्रतीक माना जाता है, इसलिए वहां थोड़ा सा शिमर लगाया जाता है। होंठों के लिए किसी सख्त लिपस्टिक के बजाय गुलाबी, पीच या लाल रंग का हल्का टिंट इस्तेमाल किया जाता है। इस टिंट को होंठों के मध्य हिस्से में थोड़ा गाढ़ा रखकर बाहर की ओर फैला दिया जाता है, जिससे होंठ बेहद कोमल और स्वाभाविक दिखते हैं।
अंतिम फिनिशिंग और प्राकृतिक चमक
मेकअप को लॉक करते समय पूरे चेहरे पर भारी कॉम्पैक्ट या पाउडर की परतें थोपने से बचा जाता है। इसका उद्देश्य त्वचा की प्राकृतिक नमी और शीशे जैसी चमक को बरकरार रखना है। चेहरे की हड्डियों को उभारने के लिए केवल गालों के ऊपरी हिस्से पर बेहद हल्का सा हाइलाइटर लगाया जाता है। संक्षेप में कहें तो भरपूर हाइड्रेशन, हल्का बेस, पीच ब्लश, प्राकृतिक भौंहें, सौम्य आंखें और टिंटेड होंठ ही इस पूरे कोरियन लुक का मूल मंत्र हैं।























