सिर से मैल, धूल और अतिरिक्त चिकनाई साफ करने के लिए शैंपू का इस्तेमाल तो हर कोई करता है, लेकिन इसके तुरंत बाद बालों को कंडीशन करना भी उतना ही जरूरी कदम माना जाता है। जब बालों को शैंपू से धोया जाता है, तो सफाई की प्रक्रिया के दौरान बालों की सबसे बाहरी सुरक्षा परत, जिसे क्यूटिकल कहा जाता है, हल्की सी खुरदरी हो जाती है। इसी कारण धुलाई के तुरंत बाद बाल अक्सर उलझे हुए, बेजान और बेहद रूखे नजर आने लगते हैं। ऐसे में कंडीशनर इस रूखेपन और नुकसान की भरपाई करने के लिए सबसे प्रभावी उपाय साबित होता है।
बालों की बनावट सुधारने में कंडीशनर की भूमिका
कंडीशनर बालों की बाहरी सतह पर एक सुरक्षात्मक आवरण तैयार कर देता है, जिससे बालों के भीतर की प्राकृतिक नमी बाहर नहीं निकल पाती। नमी बने रहने से बाल छूने में बेहद मुलायम, देखने में चमकदार और संभालने में काफी आसान हो जाते हैं। हेयर केयर विशेषज्ञों का मानना है कि बाल धोने के बाद नियम से कंडीशनर का उपयोग करने पर बालों का टूटना, कंघी करते समय उलझना और दोमुंहे बालों की परेशानी काफी हद तक कम हो जाती है। हालांकि, यह तभी संभव है जब इसे सही तकनीक और सही हिस्से पर लगाया जाए।
कंडीशनर का सबसे अहम काम बालों में नमी को पूरी तरह लॉक करना है, जिससे बाल सूखे नजर नहीं आते। इसके अलावा यह क्यूटिकल्स को समतल और चिकना बनाता है, जिससे बालों की चमक तुरंत बढ़ जाती है। कंडीशनिंग के बाद बाल बिना किसी खिंचाव के आसानी से सुलझ जाते हैं, जिससे बालों के झड़ने की आशंका घट जाती है। घुंघराले अथवा लंबे बालों वाले लोगों के लिए यह फ्रिज़ यानी अनचाहे रूखे फैलाव को काबू में रखने का एक बेहतरीन जरिया है।
सिर की त्वचा पर कंडीशनर लगाने से क्यों किया जाता है मना
बालों के विशेषज्ञ हमेशा सिर की त्वचा यानी स्कैल्प पर कंडीशनर लगाने से सख्त परहेज करने की हिदायत देते हैं। इसका मुख्य तकनीकी कारण यह है कि कंडीशनर का फॉर्मूला केवल बालों की लंबाई और उनके अंतिम सिरों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है, न कि सिर की त्वचा के लिए। जब कंडीशनर को स्कैल्प पर लगा दिया जाता है, तो इससे सिर के बाल चिपचिपे, भारी और बेजान महसूस होने लगते हैं।
विशेष रूप से जिन लोगों की सिर की त्वचा पहले से ऑयली होती है, उनके बाल कंडीशनर के संपर्क में आते ही बेहद तेजी से तैलीय और गंदे दिखने लगते हैं। सिर की त्वचा स्वाभाविक रूप से सीबम यानी प्राकृतिक तेल बनाती है, लेकिन बालों के निचले सिरों तक यह तेल नहीं पहुंच पाता। इसलिए जब कंडीशनर को केवल निचले हिस्से में लगाया जाता है, तो यह उस सूखे हिस्से को पर्याप्त नमी प्रदान करता है बिना किसी अतिरिक्त चिपचिपाहट के।
कंडीशनर इस्तेमाल करने का सही और चरणबद्ध तरीका
बालों को सही पोषण देने के लिए इसे सही ढंग से लगाना आवश्यक है
- सबसे पहले अपने बालों को किसी अच्छे शैंपू से धोकर अच्छी तरह साफ कर लें।
- धोने के बाद बालों में मौजूद अतिरिक्त पानी को हाथों से हल्के दबाव के साथ निचोड़कर बाहर निकाल दें।
- अब अपनी हथेली में कंडीशनर की जरूरत अनुसार थोड़ी सी मात्रा लें।
- इसे कभी भी जड़ों में न लगाएं, बल्कि बालों की आधी लंबाई यानी मिड-लेंथ से शुरू करते हुए बिल्कुल सिरों तक लगाएं।
- कंडीशनर को बालों पर लगभग 2 से 5 मिनट तक लगा रहने दें ताकि इसके मॉइस्चराइजिंग तत्व गहराई से काम कर सकें।
- निर्धारित समय पूरा होने के बाद बालों को साफ और ताजे पानी से तब तक धोएं जब तक कंडीशनर पूरी तरह निकल न जाए।



















