राजस्थान के जालोर जिले में बागरा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मां ने अपने छह माह के दुधमुंहे बच्चे को नीम के पेड़ की छांव में बैठाकर खुद चलती पैसेंजर ट्रेन के आगे छलांग लगा दी। ट्रेन की चपेट में आने से महिला के शरीर के कई अंगों पर गंभीर चोटें आईं और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, पटरी से सुरक्षित दूरी पर बैठा मासूम बच्चा बिल्कुल महफूज पाया गया। यह दर्दनाक हादसा दोपहर के वक्त बागरा और जागनाथ रेलवे स्टेशनों के बीच घटित हुआ।
इलाज का बहाना बनाकर घर से निकली थी महिला
प्राप्त विवरण के अनुसार, भागली सिंघलान गांव की रहने वाली भावना, जिनकी शादी डूंगाराम मेघवाल से हुई थी, की तबीयत कुछ दिनों से खराब चल रही थी। सुबह के समय उन्होंने घर के सदस्यों से कहा कि वह अपने छह महीने के बेटे आर्यन को साथ ले जाकर अस्पताल में अपना इलाज कराने जा रही हैं। परिवार के लोगों को इस बात की जरा भी भनक नहीं थी कि वह अस्पताल जाने के बजाय इतना खौफनाक कदम उठाने जा रही हैं। घर से रवाना होने के बाद वह सीधे रेलवे लाइन की दिशा में चली गईं।
पटरी से दूर नीम के नीचे छोड़ा मासूम, फिर आई ट्रेन की जद में
बागरा और जागनाथ रेलवे स्टेशन के मध्य पहुंचने के बाद भावना ने अपने लाडले आर्यन को पटरी से कुछ फासले पर स्थित एक नीम के पेड़ के नीचे सुरक्षित छांव में बैठा दिया। इसके तुरंत बाद वह खुद रेल पटरियों पर पहुंच गईं। उसी दौरान साबरमती से जोधपुर की ओर जा रही पैसेंजर ट्रेन वहां से गुजर रही थी। भावना ट्रेन के सामने आ गईं। ट्रेन की जबरदस्त टक्कर से उनके सिर, हाथ और पैरों समेत पूरे जिस्म पर घातक चोटें आईं और क्षण भर में ही उनकी जान चली गई।
शव को पहुंचाया गया अस्पताल, पुलिस ने शुरू की पड़ताल
दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद स्थानीय बाशिंदों और रेलवे कर्मियों को इस घटना का पता चला। घटनास्थल पर पेड़ के नीचे छह माह का आर्यन सुरक्षित खेलता मिला। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) मांगीलाल के अनुसार, शव को ट्रेन के जरिए जागनाथ रेलवे स्टेशन तक लाया गया, जहां रेलवे कर्मियों ने कागजी प्रक्रिया के बाद शव को कोतवाली पुलिस की सुपुर्दगी में दे दिया। इसके बाद पुलिस ने मृतका के शव को जालोर के सामान्य चिकित्सालय की मॉर्च्यूरी में रखवा दिया और परिजनों को घटना की सूचना दी।
पारिवारिक तनाव, आटा-साटा प्रथा और घरेलू विवाद की चर्चा
पुलिस की शुरुआती जांच में मृतका के पारिवारिक जीवन में गंभीर तनाव की बातें सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि भावना और उनके पति व ससुराल वालों के बीच लंबे समय से मनमुटाव चल रहा था। उनकी शादी आटा-साटा प्रथा के तहत संपन्न हुई थी। चर्चा यह भी है कि पति द्वारा उनके साथ मारपीट की जाती थी और भावना ने इस पूरे विवाद और मारपीट के संबंध में अपने भाई को फोन करके जानकारी भी दी थी। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने अभी इन तमाम आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। आत्महत्या की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए पुलिस कॉल डिटेल्स, परिजनों के बयानों और पारिवारिक विवादों के सभी पहलुओं की गहन तफ्तीश कर रही है। पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के उपरांत शव परिजनों को सौंपा जाएगा।























