हर युवती के जीवन में विवाह का दिन बेहद यादगार और भावुक अवसर होता है। जीवन के इस सबसे महत्वपूर्ण मोड़ पर हर कोई यही चाहता है कि उसका परिधान सबसे अलग दिखे और सालों-साल लोग उसकी सुंदरता की मिसाल दें। यही वजह है कि आज के दौर में ब्राइडल लहंगा पहनना केवल एक सामान्य चलन ही नहीं रहा, बल्कि यह एक तरह का सामाजिक दबाव भी बन चुका है। लेकिन चमक-दमक के पीछे भागने से पहले यह सोचना बेहद जरूरी है कि क्या सच में अपनी शादी के लिए एक नया ब्राइडल लहंगा खरीदना एक व्यावहारिक फैसला है? यदि आप इस सवाल की गंभीरता पर विचार नहीं कर पा रही हैं, तो खरीदारी करने से पहले लहंगे से जुड़े कुछ कड़वे यथार्थ को समझना बेहद आवश्यक है।
जेब पर पड़ता है भारी आर्थिक बोझ
ब्राइडल लहंगों को खास बनाने के लिए उन पर बारीक और बेहद भारी कारीगरी की जाती है, जिसकी वजह से इनकी कीमतें आसमान छूती हैं। वर्तमान समय में बाजार में 25,000 रुपये से कम कीमत में कोई भी बढ़िया ब्राइडल परिधान मिलना लगभग नामुमकिन है। वहीं अगर आप किसी बड़े और नामी डिजाइनर का लहंगा पहनने की ख्वाहिश रखती हैं, तो इसके लिए आपको अपनी जेब से कम से कम 1 से 2 लाख रुपये खर्च करने पड़ जाते हैं। विवाह के दिन सबसे अलग दिखने के उत्साह में यह रकम उस वक्त भले ही भारी न लगे, परंतु समारोह बीत जाने के कुछ समय बाद अक्सर यह अहसास होता है कि यह एक गैर-जरूरी खर्च था।
वजन और असहजता से भरा परिधान
दुकान के शोकेस में सजी डमी पर लगा लहंगा जब तक दिखता है, तब तक उसे पहनने का ख्याल बहुत आकर्षक और सुकून भरा लगता है। हकीकत यह है कि शादी की लंबी रस्मों के दौरान उस अत्यधिक वजनी परिधान को पहनकर कई घंटों तक लगातार बैठना कितना थका देने वाला होता है, यह केवल वही दुल्हन जानती है जो इस दौर से गुजरती है। खरीदारी का फैसला लेने से पहले खुद से यह पूछना बेहद जरूरी है कि जिस दिन आपकी जिंदगी का सबसे बड़ा पल हो और मन में ढेरों भावनाएं उमड़ रही हों, क्या उस दिन आप केवल भारी कपड़े के वजन के कारण थकावट और बेचैनी महसूस करना चाहेंगी?
दोबारा उपयोग करने के बेहद सीमित मौके
विवाह संपन्न होने के बाद जरा व्यावहारिक होकर सोचिए कि आप उस लहंगे को अपने पूरे जीवन में कितनी बार दोबारा पहन पाएंगी। अगर आपके मन में यह विचार आ रहा है कि शायद करवाचौथ जैसे किसी त्योहार पर इसे दोबारा पहन लिया जाएगा, तो ऐसी सोच के साथ लहंगे पर मोटी रकम लगाना समझदारी नहीं है। लहंगे के बदले यदि उतनी ही कीमत में कोई कीमती और खूबसूरत साड़ी खरीदी जाए, तो वह शादी में भी एक शाही अंदाज देगी। सबसे बड़ी बात यह है कि साड़ी को जीवन में कई मौकों पर दोबारा पहना जा सकता है, और जब उससे मन भर जाए तो उसे किसी कॉरसेट अथवा स्टाइलिश ड्रेस में भी तब्दील करवाया जा सकता है।
सीमित बजट वालों के लिए पैसे की बर्बादी
यदि आपके पास बेहिसाब दौलत है और आपको यह सोचना पड़ता है कि पैसे को कहां खर्च किया जाए, तब तो लहंगा खरीदना कोई समस्या नहीं है। महज चंद घंटों के लिए किसी कपड़े पर लाखों रुपये खर्च करना केवल बेहद रईस तबके के लोगों के लिए ही सहज हो सकता है। यदि आप एक तय बजट में अपनी गृहस्थी और खर्चों को संभालते हैं, तो ऐसा महंगा परिधान कुछ समय बीतने के बाद सिर्फ और सिर्फ आर्थिक अफसोस की वजह बनकर रह जाता है।
सहेज कर रखना और देखभाल करना बेहद जटिल
एक ब्राइडल लहंगे की कहानी उसे खरीदने के साथ खत्म नहीं होती, बल्कि उसे सुरक्षित संभालकर रखना भी एक बेहद खर्चीला और झंझट भरा काम है। भले ही आप उसे दोबारा कभी न पहनें, फिर भी कपड़े की चमक और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए वर्ष में एक बार उसकी ड्राई क्लीनिंग कराना अनिवार्य हो जाता है। इसके अलावा अलमारी में रखे लहंगे की हर वक्त यह चिंता बनी रहती है कि कहीं चूहे या कीड़े उस कीमती कपड़े को काटकर नष्ट न कर दें।



















