कर्जधारकों को एचडीएफसी बैंक का तोहफा, एमसीएलआर दरों में 15 बेसिस पॉइंट तक की राहतखाड़ी देशों से तेल निर्यात सुधरने से डब्ल्यूटीआई क्रूड में नरमी, पर तूफान और संघर्ष से जोखिम बरकरारअमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में उछाल से वायदा बाजार सुस्त, ब्याज दरों पर केंद्रीय बैंक के अगले कदम का इंतजारमतदाता सूची से 13.39 करोड़ नाम हटने पर निर्वाचन आयोग की सफाई, बताया सूची में दोबारा नाम शामिल कराने का तरीकापूर्णिया पॉलिटेक्निक के छात्रों ने तैयार किया स्मार्ट हेलमेट, शराब पीने या हेलमेट न पहनने पर स्टार्ट नहीं होगी बाइकबिना नीट क्वालिफाई किए भी बन सकते हैं प्राकृतिक चिकित्सा के डॉक्टर, पुणे स्थित एनआईएन ने बीएनवाईएस के लिए मांगे आवेदनअमेज़न सेल में लैपटॉप पर मिल रहा 63% तक का भारी डिस्काउंट, शुरुआती दाम ₹34,990अमेरिका के खान-पान और वेलनेस रूटीन में बढ़ी भारतीय मसालों की मांग, राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने रेखांकित किया सांस्कृतिक महत्वपुष्कर मेले में रेत पर सजेगा राजस्थान का गौरव, भगवान देवनारायण की भव्य सैंड आर्ट बनाएंगे अजय रावतमेघालय के तीन वैज्ञानिकों ने वैश्विक शोध सूची में बनाई जगह, दुनिया के शीर्ष 1,000 विद्वानों में हुए शामिल
सोने के महंगे भाव के बीच फिरोजाबाद की चूड़ी मार्केट में आई आर्टिफिशियल कंगनों की बहारजीवनशैली
7 अक्तू॰ 2026, 2:37 pm (33 मिनट पहले)· 0

सोने के महंगे भाव के बीच फिरोजाबाद की चूड़ी मार्केट में आई आर्टिफिशियल कंगनों की बहार

कीमती धातुओं के आसमान छूते दामों के बीच फिरोजाबाद के बाजार में सोने जैसी चमक वाले किफायती आर्टिफिशियल कंगन महिलाओं की पहली पसंद बन रहे हैं। मात्र 100 रुपये से 1,000 रुपये के दायरे में मिल रही इन डिजाइनों की चमक लंबे समय तक बरकरार रहती है।

सोने के लगातार बढ़ते दामों ने पारंपरिक गहनों की खरीदारी को आम बजट से काफी दूर कर दिया है। खासकर कंगन जैसे भारी गहनों को बनवाना अब जेब पर भारी पड़ रहा है, जिसकी वजह से आभूषण बाजार में खरीदारों का रुझान तेजी से कृत्रिम विकल्पों की ओर मुड़ा है। फिरोजाबाद के मशहूर चूड़ी बाजार में इन दिनों सोने की हूबहू नकल वाले गोल्डन कंगनों की जबरदस्त मांग देखी जा रही है। इन आभूषणों की कारीगरी और फिनिशिंग असली सोने के जेवरों की तरह तैयार की गई है, जिसके चलते सामान्य नजर से असली और नकली का फर्क भांप पाना बेहद मुश्किल हो जाता है। महिलाएं इन्हें पारंपरिक कांच की चूड़ियों के साथ मिलाकर आकर्षक सेट तैयार करवा रही हैं।

त्योहारी मांग और बाजार में उपलब्ध पारंपरिक पैटर्न

गली बोहरान इलाके में चूड़ी का कारोबार करने वाले शिवांग गुप्ता ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि आगामी त्योहारों और उत्सवों को लेकर महिलाओं में आभूषणों की पारंपरिक खरीदारी जोर पकड़ती है। सोने की मौजूदा दरों के ऊंचे स्तर पर बने रहने के कारण ग्राहक अब ऐसे विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं जो दिखने में भव्य हों लेकिन जेब पर बोझ न डालें। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए बाजार में असली सोने की ढलाई जैसी दर्जनों डिजाइनों का भंडार उतारा गया है।

ये भी पढ़ें

बाजार में उपलब्ध वैरायटी की बात करें तो कारीगरों ने इनमें बारीक नक्काशी का काम किया है। शिवांग गुप्ता के पास इस समय करीब 30 अलग-अलग तरह की डिजाइन मौजूद हैं। इनमें प्रकृति से प्रेरित लोटस और पीकॉक पैटर्न्स को काफी पसंद किया जा रहा है। इन कंगनों की बनावट ऐसी है कि इन्हें किसी भी शादी, पार्टी अथवा घरेलू उत्सव में रंग-बिरंगी चूड़ियों के बीच रखकर आसानी से पहना जा सकता है। दूर से देखने पर इनकी चमक और बनावट बिल्कुल शुद्ध सोने के आभूषणों का अहसास कराती है।

100 रुपये से शुरुआत और टिकाऊ चमक की खूबियां

बाजार में केवल पारंपरिक रूप ही नहीं, बल्कि आधुनिक स्टाइल के शौकीनों के लिए भी विस्तृत रेंज उतारी गई है। दुकानों पर पंजाबी स्टाइल, डायमंड लुक और एडी वर्क यानी अमेरिकन डायमंड की नक्काशी वाले कंगन भी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। इन कंगनों की शुरुआती कीमत 100 रुपये रखी गई है, जबकि बेहद बारीक कारीगरी वाले प्रीमियम पीस करीब 1,000 रुपये तक आसानी से मिल जाते हैं।

किफायती दाम होने के कारण खरीदार एक ही बजट में अपनी पसंद की कई अलग-अलग डिजाइन चुन पा रहे हैं। इसके साथ ही इन आभूषणों की व्यावहारिकता को लेकर दुकानदार ने बताया कि इनकी सतह पर की गई विशेष कोटिंग के चलते ये जल्दी काले नहीं पड़ते। सामान्य इस्तेमाल में भी इनकी सुनहरी चमक लंबे समय तक बरकरार रहती है। शादियों और आने वाले त्योहारों के मौसम को देखते हुए चूड़ी बाजार में इन टिकाऊ और किफायती कंगनों की बिक्री में लगातार तेजी दर्ज की जा रही है।

सवाल-जवाब

फिरोजाबाद में इन आर्टिफिशियल कंगनों की शुरुआती कीमत क्या है?
इन कंगनों की कीमत 100 रुपये से शुरू होकर करीब 1,000 रुपये तक जाती है।
बाजार में इन गोल्डन कंगनों की कौन-कौन सी डिजाइन उपलब्ध हैं?
दुकानों पर लोटस, पीकॉक, पंजाबी स्टाइल, डायमंड और एडी वर्क वाली करीब 30 डिजाइन उपलब्ध हैं।
क्या ये आर्टिफिशियल कंगन जल्दी काले पड़ जाते हैं?
दुकानदार के अनुसार ये कंगन जल्दी काले नहीं पड़ते और लंबे समय तक अपनी चमक बनाए रखते हैं।
महिलाएं इन कंगनों को किस तरह पहनना पसंद कर रही हैं?
महिलाएं इन गोल्डन कंगनों को कांच की चूड़ियों के साथ मिलाकर सेट बनवाकर पहन रही हैं।
फिरोजाबाद में ये कंगन किस खास इलाके की दुकान पर मिल रहे हैं?
ये कंगन फिरोजाबाद के प्रसिद्ध चूड़ी बाजार में गली बोहरान स्थित शिवांग गुप्ता की दुकान पर उपलब्ध हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp