गर्मियों के मौसम में शरीर को ठंडक और ताजगी प्रदान करने वाली प्राकृतिक चीजों की मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे समय में पुदीना न केवल भोजन का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी अत्यंत गुणकारी माना जाता है। अच्छी बात यह है कि पुदीना उगाने के लिए किसी बड़े खेत, बगीचे या अत्यधिक जगह की जरूरत नहीं पड़ती है। यदि आपके घर में छोटी सी बालकनी, छत या किचन गार्डन की थोड़ी सी भी जगह है, तो आप वहां आसानी से गमले में पुदीना लगा सकते हैं। इससे आपको हर दिन रसोई के लिए बिल्कुल ताजा, खुशबूदार और केमिकल से पूरी तरह मुक्त पत्तियां इस्तेमाल करने के लिए मिलती रहेंगी।
सही गमला और मिट्टी का मिश्रण तैयार करने का तरीका
घर पर पुदीने का पौधा लगाने के लिए सबसे पहले एक उपयुक्त गमला या चौड़ा कंटेनर चुनना आवश्यक होता है। ध्यान रखें कि उस बर्तन या गमले के निचले हिस्से में पानी निकासी के लिए छोटा छेद बना होना चाहिए, ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके। इसके बाद पौधे की बेहतर वृद्धि के लिए एक विशेष मिट्टी का मिश्रण तैयार करें। इसमें सामान्य मिट्टी, गोबर की खाद और रेत को बिल्कुल बराबर मात्रा में मिलाकर भर दें। यह संतुलित मिश्रण मिट्टी को उपजाऊ और भुरभुरा बनाए रखता है, जिससे पौधे की जड़ों को फैलने में मदद मिलती है। इसके बाद बाजार से खरीदी गई पुदीने की जड़ वाली डंडी या कटिंग को मिट्टी में हल्के हाथों से दबाकर ऊपर से थोड़ा पानी छिड़क दें। कुछ ही दिनों में उसमें से नई पत्तियां निकलने लगती हैं।
घरेलू पुदीने के प्रयोग और स्वास्थ्य लाभ
रायबरेली जिले के एसबीवीपी इंटर कॉलेज में गृह विज्ञान के प्रवक्ता अरुण कुमार सिंह (एम ए बी एड, लखनऊ विश्वविद्यालय) के अनुसार घर की बालकनी में उगाया गया पुदीना शत प्रतिशत ताजा और किसी भी प्रकार के हानिकारक रसायनों से मुक्त होता है। इस ताजा पुदीने की पत्तियों का उपयोग दैनिक भोजन में कई प्रकार से किया जा सकता है। आप इसका इस्तेमाल स्वादिष्ट चटनी, रायता, ताजा शरबत, रंग बिरंगे सलाद और विभिन्न प्रकार के ठंडे पेय पदार्थों को तैयार करने में कर सकते हैं। सेहत के दृष्टिकोण से यह पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में बेहद मददगार साबित होता है और भयंकर गर्मी में शरीर को अंदरूनी ठंडक पहुंचाता है।
धूप, सिंचाई और जैविक खाद की सही देखभाल
पुदीने के पौधे को तेजी से बढ़ाने के लिए उसकी सही देखभाल करना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञ के अनुसार पुदीना तेज और चुभने वाली कड़ी धूप की तुलना में हल्की धूप और छांव के वातावरण को अधिक पसंद करता है। इसलिए गमले को ऐसी जगह पर रखना चाहिए जहां सुबह की हल्की धूप मिले और दोपहर के समय हल्की छाया बनी रहे। गर्मियों के दिनों में इस बात का विशेष ध्यान रखें कि गमले की मिट्टी पूरी तरह सूखने न पाए। हालांकि गमले में बहुत ज्यादा पानी डालने से भी बचें, क्योंकि अत्यधिक नमी के कारण पौधे की जड़ें सड़ सकती हैं। पौधे को तेजी से हरा भरा और पत्तियों को घना बनाने के लिए सप्ताह में एक बार जैविक खाद का प्रयोग करना फायदेमंद रहता है।
कटाई की तकनीक और पौधों का प्रसार
पुदीने की एक बड़ी खासियत यह है कि एक बार सही ढंग से लग जाने के बाद यह गमले में बहुत तेजी से फैलता है। इसकी पैदावार और घनेपन को बनाए रखने के लिए समय समय पर इसकी कटाई करते रहना चाहिए। पत्तियों की छंटाई करते समय हमेशा ऊपर की ओर से पत्तियां तोड़ें, जिससे पौधे की मुख्य संरचना कमजोर न पड़े और नीचे से नई नई शाखाएं निकल सकें। नियमित छंटाई से पौधे का उत्पादन लगातार बढ़ता रहता है। अगर समय के साथ पुदीने की बेल ज्यादा फैल जाती है, तो उसकी शाखाओं को निकालकर दूसरे गमलों में भी आसानी से रोपा जा सकता है। अरुण कुमार सिंह बताते हैं कि इस आसान तरीके से घर पर ही पुदीना उगाकर आप न केवल बाजार के खर्च बचा सकते हैं, बल्कि रोजाना सेहतमंद पत्तियों का आनंद ले सकते हैं।



















