चश्मा पहनने वाले लोगों के लिए सबसे बड़ी चुनौती लेंस पर लगातार जमने वाली धूल, उंगलियों के निशान और चेहरे का तेल होती है। कई बार काम के दौरान या जल्दबाजी में लोग अपने चश्मे के कांच को साफ करने के लिए पहनी हुई टी-शर्ट, कमीज का कोना, रुमाल या टिशू पेपर का इस्तेमाल कर लेते हैं। हालांकि कपड़े से पोंछने के बाद तुरंत लेंस साफ नजर आ सकता है, लेकिन यह तरीका आपके चश्मे को धीरे-धीरे बर्बाद कर देता है। आम कपड़ों और टिशू पेपर के कड़े रेशे लेंस की नाजुक सतह पर बारीक खरोंचें डाल देते हैं। समय के साथ ये खरोंचें बढ़कर आंखों पर तनाव पैदा करने लगती हैं और चश्मे का धुंधलापन बढ़ जाता है। अपने नजर के चश्मे को सुरक्षित रखने, उसकी कोटिंग को बचाए रखने और लंबी उम्र देने के लिए 5 स्मार्ट सफाई तकनीकों और जरूरी सावधानियों का पालन करना बेहद आवश्यक है।
चश्मा साफ करने की शुरुआत: हाथों की सफाई और धूल हटाना
चश्मे की सफाई का पहला और सबसे महत्वपूर्ण चरण आपके हाथों से शुरू होता है। चश्मे को हाथ लगाने से पहले अपने हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। हमारे हाथों पर प्राकृतिक तेल, मॉइस्चराइजर क्रीम या अन्य चिकनाई लगी होती है। यदि आप बिना हाथ धोए चश्मे के लेंस को छुएंगे, तो यह चिकनाई कांच पर चिपक जाएगी और विजन को धुंधला कर देगी। हाथ धोने के बाद उन्हें किसी साफ और रोएंदार रहित तौलिए से अच्छी तरह सुखा लें। चश्मे को हमेशा फ्रेम या ब्रिज के हिस्से से पकड़ें और लेंस की सतह को बार-बार अपनी उंगलियों से छूने से बचें।
यदि आप हाल ही में बाहर से आए हैं या चश्मे पर बहुत अधिक धूल जमी हुई है, तो उसे सीधे किसी भी कपड़े से पोंछने की गलती बिल्कुल न करें। सूखे लेंस पर कपड़ा रगड़ने से उस पर मौजूद धूल के छोटे कण रेगमाल की तरह काम करते हैं और कांच पर खरोंच लगा देते हैं। इसके बजाय, चश्मे को साफ और बहते हुए पानी के नीचे रखें। सादे या हल्के गुनगुने पानी से चश्मे को धोने पर लेंस की सतह पर जमे हुए धूल के कण आसानी से बह जाते हैं। ध्यान रखें कि पानी बहुत अधिक गर्म नहीं होना चाहिए, क्योंकि अत्यधिक तेज गर्म पानी से लेंस की सुरक्षात्मक कोटिंग और प्लास्टिक फ्रेम को नुकसान पहुंच सकता है।
1. हमेशा माइक्रोफाइबर कपड़े का ही उपयोग करें
जब भी आप किसी ऑप्टिकल स्टोर से नया चश्मा खरीदते हैं, तो चश्मे के डिब्बे के साथ एक विशेष कपड़े का टुकड़ा मिलता है जिसे माइक्रोफाइबर कपड़ा कहा जाता है। हालांकि, अधिकांश लोग इस कपड़े को घर पर ही भूल जाते हैं और बाहर निकलने पर अपने कपड़ों से चश्मा साफ करने लगते हैं। टी-शर्ट या शर्ट के कोने, सूती रुमाल और टिशू पेपर के रेशे कांच के मुकाबले काफी कठोर होते हैं। इनके लगातार इस्तेमाल से लेंस की चमक खत्म हो जाती है।
चश्मे के लेंस को पोंछने के लिए हमेशा सिर्फ माइक्रोफाइबर कपड़े का ही उपयोग करना चाहिए। इस कपड़े के रेशे बेहद बारीक, मुलायम और धूल को आसानी से सोखने वाले होते हैं। यह कपड़ा लेंस पर बिना किसी दबाव के चिकनाई और उंगलियों के निशानों को पोंछ देता है। अपने माइक्रोफाइबर कपड़े को हमेशा अपने बैग, पर्स या जेब में साथ रखें। समय-समय पर इस कपड़े की सफाई भी जरूरी है। इसे माइल्ड डिटर्जेंट से धोकर सुखाएं और इसे धोते समय फैब्रिक सॉफ्टनर का उपयोग न करें, क्योंकि सॉफ्टनर कपड़े पर एक परत छोड़ देता है जो बाद में लेंस को धुंधला कर सकती है।
2. स्पेशल लेंस क्लीनिंग स्प्रे का इस्तेमाल करें
आजकल ज्यादातर चश्मों में एंटी-रिफ्लेक्टिव कोटिंग, यूवी प्रोटेक्शन, ब्लू लाइट फिल्टर या स्क्रैच-रेजिस्टेंट कोटिंग जैसी आधुनिक तकनीकें मौजूद होती हैं। इन विशेष कोटिंग वाले लेंसों को साफ करने के लिए केवल सादा पानी या साधारण कपड़ा हमेशा पर्याप्त नहीं होता। तेल और जिद्दी निशानों को हटाने के लिए चश्मे के साथ मिलने वाले स्पेशल लेंस क्लीनिंग स्प्रे का उपयोग करना चाहिए।
यदि आपके चश्मे का इस्तेमाल दिन भर बहुत ज्यादा रहता है, तो घर से निकलने से पहले या ऑफिस में काम शुरू करने से पहले लेंस क्लीनर का छिड़काव जरूर करें। चश्मे के दोनों तरफ हल्का स्प्रे करें और फिर माइक्रोफाइबर कपड़े से हल्के हाथों से गोल घुमाते हुए पोंछें। यह स्प्रे लेंस पर एक पारदर्शी सुरक्षात्मक परत बनाता है और जिद्दी चिकनाई को तुरंत पिघलाकर साफ कर देता है, जिससे आपको एकदम साफ और स्पष्ट विजन मिलता है।
3. माइल्ड लिक्विड डिश सोप से करें गहरी सफाई
लगातार पहनने से चश्मे के लेंस ही नहीं, बल्कि उसके फ्रेम, नोज पैड और हिंज पर भी पसीना, धूल और तेल जमा हो जाता है। इसलिए सप्ताह में कम से कम एक बार अपने चश्मे की गहरी सफाई करना बहुत जरूरी है। इस सफाई के लिए घर में मौजूद माइल्ड लिक्विड डिश वॉशिंग सोप का इस्तेमाल किया जा सकता है।
चश्मे पर थोड़ा सा गुनगुना पानी डालें। इसके बाद अपनी उंगलियों पर माइल्ड डिशवॉशिंग लिक्विड की एक छोटी बूंद लें और इसे हल्के हाथों से लेंस के दोनों तरफ, नोज पैड और फ्रेम के चारों ओर मलें। ध्यान रखें कि डिश सोप में कोई कठोर रसायन, नींबू का अर्क या स्क्रबिंग कण नहीं होने चाहिए। इसके बाद चश्मे को साफ बहते पानी से तब तक धोएं जब तक कि सारा साबुन पूरी तरह से निकल न जाए। धोने के बाद चश्मे को सुखाने के लिए किसी भी आम तौलिए का इस्तेमाल न करें, बल्कि सूखे और साफ माइक्रोफाइबर कपड़े से ही पानी की बूंदों को हल्के से सुखाएं।
4. सफर के लिए प्री-मोइस्टेंड लेंस वाइप्स रखें साथ
यात्रा के दौरान, गाड़ियों में सफर करते समय या ऑफिस में काम के बीच में हमेशा पानी और साबुन की सुविधा मिलना संभव नहीं होता। ऐसे समय में त्वरित और सुरक्षित सफाई के लिए प्री-मोइस्टेंड डिस्पोजेबल लेंस वाइप्स एक बेहतरीन विकल्प साबित होते हैं। ये वाइप्स विशेष रूप से ऑप्टिकल लेंसों की सफाई के लिए तैयार किए जाते हैं।
इन वाइप्स में आइसोप्रोपिल अल्कोहल का हल्का घोल होता है जो धूल, उंगलियों के ग्रीसी निशान और मेकअप के दागों को सेकंडों में साफ कर देता है। अल्कोहल की मौजूदगी के कारण ये वाइप्स बिना कोई निशान या धब्बा छोड़े तुरंत सूख जाते हैं। आप अपने बैग, कार के डैशबोर्ड या लैपटॉप बैग में इन प्री-मोइस्टेंड लेंस वाइप्स के छोटे पैकेट रख सकते हैं, जिससे जरूरत पड़ने पर कहीं भी चश्मे को तुरंत साफ किया जा सके।
5. पानी उपलब्ध न होने पर फूंक मारकर धूल हटाएं
कई बार आप ऐसी स्थिति में होते हैं जहां पानी उपलब्ध नहीं होता और लेंस पर धूल जम जाती है। ऐसी स्थिति में सीधे कपड़े से चश्मे को रगड़ने के बजाय पहले मुंह से हल्की फूंक मारकर या एयर ब्लोअर की मदद से लेंस पर मौजूद सूखे धूल कणों को उड़ा दें।
फूंक मारने से धूल के बड़े और कठोर कण लेंस की सतह से हट जाते हैं। इसके बाद जब आप माइक्रोफाइबर कपड़े से हल्के हाथ से पोंछते हैं, तो खरोंच लगने का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। हालांकि, यह तरीका केवल आपातकालीन स्थिति के लिए है और बहते पानी से धोना ही सबसे सुरक्षित उपाय माना जाता है।
चश्मा साफ करते समय किन गलतियों से बचना जरूरी है?
चश्मा साफ करने के सही तरीकों को जानने के साथ-साथ यह जानना भी उतना ही जरूरी है कि कौन सी आदतें आपके चश्मे को नुकसान पहुंचाती हैं। लोग अक्सर अनजाने में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिससे महंगे से महंगा चश्मा भी कुछ ही महीनों में खराब हो जाता है।
सबसे बड़ी गलती यह है कि लोग चश्मे को पोंछने के लिए शर्ट का कोना, रुमाल, तौलिया या टिशू पेपर का इस्तेमाल करते हैं। टिशू पेपर और किचन टॉवल लकड़ी के पल्प से बनते हैं, जिसके कारण इनके रेशे कांच पर बहुत बारीक खरोंचें छोड़ देते हैं जो शुरुआत में आंखों से नहीं दिखतीं लेकिन धीरे-धीरे लेंस को धुंधला कर देती हैं। इसके अलावा, अपने चश्मे को सूखे कपड़े से बार-बार रगड़ने से बचें, क्योंकि बिना पानी या क्लीनर के रगड़ने पर धूल के कण ही स्क्रैच का मुख्य कारण बनते हैं।
केमिकल और घरेलू क्लीनर का कभी न करें इस्तेमाल
बहुत से लोग चश्मे को चमकाने के लिए घर में इस्तेमाल होने वाले ग्लास क्लीनर जैसे कि कोलिन, थिनर, पेंट रिमूवर, नेल पॉलिश रिमूवर या डिटर्जेंट पाउडर का इस्तेमाल करने लगते हैं। यह गलती आपके चश्मे के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। इन घरेलू क्लीनर्स में अमोनिया और कठोर केमिकल मौजूद होते हैं जो लेंस पर चढ़ी एंटी-ग्लेयर और एंटी-रिफ्लेक्टिव कोटिंग को पूरी तरह से जला देते हैं और उन्हें नष्ट कर देते हैं।
इसी तरह कुछ लोग लेंस को साफ करने के लिए थूक का इस्तेमाल करते हैं। यह तरीका न केवल बेहद गैर-स्वास्थ्यप्रद और असुरक्षित है, बल्कि थूक में मौजूद एसिडिक तत्व और बैक्टीरिया भी लेंस की कोटिंग और फ्रेम की धातु को नुकसान पहुंचा सकते हैं। हमेशा केवल पानी, स्पेशल लेंस स्प्रे या माइल्ड डिश सोप का ही उपयोग करें ताकि आपका चश्मा लंबे समय तक बिल्कुल नया और खरोंच-मुक्त बना रहे।



















