गणेशोत्सव के पावन पर्व पर इस बार तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में अनूठा देशप्रेम देखने को मिल रहा है। शहर के उप्पुगुडा क्षेत्र में स्थापित एक विशेष पूजा पंडाल में भगवान गणेश की प्रतिमा को आधुनिक सैन्य अवतार में प्रस्तुत किया गया है। श्री मल्लिकार्जुन नगर युवा कल्याण संघ की ओर से इस बार 'ऑपरेशन सिंदूर' पर आधारित भव्य पंडाल और प्रतिमा तैयार करवाई गई है। इस अलौकिक दृश्य में विघ्नहर्ता भगवान गणेश के साथ उनका वाहन मूषक भी शक्तिशाली बंदूकों से लैस दिखाई दे रहा है, जो श्रद्धालुओं के बीच भारी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
सैन्य हथियारों और मिसाइलों का भव्य मॉडल
पंडाल में स्थापित इस अद्वितीय प्रतिमा को तैयार करने में स्थानीय शिल्पकारों की कला देखते ही बनती है। संघ के अनुसार, इस पूरे निर्माण पर लगभग 6 लाख रुपये की लागत आई है। भगवान गणेश के विग्रह के साथ देश की सुरक्षा पंक्ति को दर्शाने वाले कई आधुनिक रक्षा उपकरण भी प्रदर्शित किए गए हैं। इसमें ब्रह्मोस मिसाइल, एस-400 प्रणाली और भारतीय सेना के विशेष मॉडल शामिल किए गए हैं, जो भारत की निरंतर बढ़ती रक्षा ताकत और आत्मनिर्भरता का प्रतीक हैं।
इतिहास के गौरवशाली पलों का प्रदर्शन
आयोजन समिति से जुड़े श्रीकांत ने इस आयोजन के उद्देश्य पर रोशनी डाली। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस थीम का चयन भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस, पराक्रम और राष्ट्र के प्रति उनके अटूट समर्पण को नमन करने के लिए किया गया है। पूजा स्थल पर प्रतिमा के साथ कई ऐतिहासिक सैन्य अभियानों की झांकियां और पोस्टर भी लगाए जा रहे हैं। इनमें 1947 और 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध, 1971 का ऐतिहासिक बांग्लादेश मुक्ति संग्राम, 1999 का कारगिल संघर्ष, 2016 की उरी सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 का पुलवामा हमला और वर्ष 2025 का ऑपरेशन सिंदूर प्रमुखता से शामिल हैं।
नारी शक्ति की प्रेरणा और निर्माण का सफर
थीम के चयन पर बात करते हुए श्रीकांत ने कहा, "हमने ऑपरेशन सिंदूर इसलिए चुना क्योंकि यह नारी शक्ति को दर्शाता है, जहां दो वीरांगनाएं मात्र 45 मिनट में दुश्मन को जवाब देने तैयार थीं।" इस विशाल और विस्तृत प्रतिमा को आकार देने में लगभग 10 कलाकारों के दल ने दिन-रात परिश्रम किया, जिसमें 50 से 55 दिनों का समय लगा।
लगातार 49 वर्षों की परंपरा और डिजिटल नवाचार
श्री मल्लिकार्जुन नगर युवा कल्याण संघ बीते 49 वर्षों से लगातार सार्वजनिक गणेशोत्सव का आयोजन कर रहा है। पिछले साल समिति ने अंतरिक्ष अभियान चंद्रयान पर आधारित थीम तैयार की थी। अपनी इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार ऑपरेशन सिंदूर को केंद्र में रखा गया है। इसके अलावा, आगामी नवरात्रि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं के लिए 20 मिनट की एक एआई-जनित लघु फिल्म भी प्रदर्शित की जाएगी, जिसमें भारतीय सेना की वीरता और इस पूरे अभियान के रोमांचक पलों को जीवंत रूप में दिखाया जाएगा।



















