वर्तमान समय में सौंदर्य प्रसाधनों और मेकअप का इस्तेमाल केवल महिलाएं ही नहीं, बल्कि पुरुष भी व्यापक स्तर पर कर रहे हैं। चेहरे को आकर्षक दिखाना हर किसी की चाहत होती है, लेकिन कई बार सही प्रक्रिया की जानकारी न होने के कारण स्थिति बिल्कुल उलट हो जाती है। अनुचित तरीके से कॉस्मेटिक्स का इस्तेमाल करने से त्वचा बुरी तरह प्रभावित हो सकती है, जिसके चलते लोगों को चर्म रोग विशेषज्ञों के चक्कर तक काटने पड़ जाते हैं। इसके साथ ही, गलत तकनीक के प्रयोग से चेहरा सुंदर दिखने के बजाय अस्वाभाविक और बिगड़ा हुआ नजर आने लगता है।
चांदनी चौक स्थित ओमेक्स चौक में आयोजित 'ब्यूटी लैंड' कार्यक्रम में दिल्ली-एनसीआर के जाने-माने स्किन केयर एक्सपर्ट नरेंद्र ने उपस्थित लोगों के साथ इस विषय पर महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। उन्होंने विस्तार से समझाया कि मेकअप लगाने की शुरुआत कैसे करनी चाहिए ताकि त्वचा स्वस्थ भी बनी रहे और रूप-रंग भी पूरी तरह प्राकृतिक दिखे।
सीटीएम फॉर्मूला अपनाकर करें त्वचा की तैयारी
स्किन केयर एक्सपर्ट नरेंद्र के मुताबिक किसी भी कॉस्मेटिक उत्पाद को लगाने से पहले हर व्यक्ति को 'सीटीएम' प्रक्रिया को अपनी आदत में शामिल करना चाहिए। इस फॉर्मूले का मूल आधार तीन महत्वपूर्ण चरणों पर टिका है, जिसे क्लींजिंग, टोनिंग और मॉइश्चराइजिंग कहा जाता है। इन तीनों कदमों को क्रमानुसार अपनाने से त्वचा को सुरक्षा कवच मिलता है।
- क्लींजिंग (सफाई): सीटीएम रूटीन की पहली और सबसे अनिवार्य कड़ी त्वचा की गहराई से सफाई करना है। पसीने से भीगे अथवा धूल-मिट्टी लगे चेहरे पर कभी भी सीधे मेकअप नहीं थोपना चाहिए। गंदी सतह पर प्रोडक्ट लगाने से छिद्र बंद हो जाते हैं, त्वचा क्षतिग्रस्त होती है और ऊपर से लगाया गया मेकअप भी पूरी तरह बेजान व खराब नजर आता है।
- टोनिंग (रंगत के अनुकूल चयन): इस प्रक्रिया में 'टी' का अर्थ टोनिंग से जुड़ा है। इसका सीधा संबंध अपनी स्वाभाविक त्वचा की रंगत के अनुसार सही सौंदर्य उत्पादों के चुनाव से है। यदि किसी व्यक्ति की त्वचा का रंग सांवला या गहरा है, तो उसे उसी टोन के शेड्स चुनने चाहिए। वहीं साफ या गोरी रंगत वाले लोगों को बहुत अधिक भारी और गहरे मेकअप से पूरी तरह परहेज करना चाहिए।
- मॉइश्चराइजिंग (नमी बनाए रखना): सीटीएम का तीसरा और अंतिम चरण मॉइश्चराइजिंग है। चेहरे को अच्छी तरह साफ करने और सही टोनर व उत्पादों का तालमेल बैठाने के बाद त्वचा पर उचित मात्रा में मॉइश्चराइजर लगाना बेहद जरूरी होता है। नमी की परत तैयार होने के बाद ही बेस या मेकअप लगाना चाहिए। इससे कॉस्मेटिक्स सीधे स्किन को नुकसान नहीं पहुंचाते और मेकअप भी लंबे समय तक टिका रहता है।
फाउंडेशन की अधिकता से बचें, पूरे हिस्से पर रखें एकरूपता
नरेंद्र ने लोगों द्वारा की जाने वाली एक आम गलती की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि लड़के हों या लड़कियां, ज्यादातर लोग आवश्यकता से अधिक फाउंडेशन चेहरे पर लगा लेते हैं। जरूरत से ज्यादा उत्पाद लगाने पर चेहरा स्वाभाविक नहीं दिखता, बल्कि ऐसा आभास होता है मानो चेहरे पर कोई भारी और मोटी परत पोत दी गई हो। जब कुछ समय बाद पसीना निकलता है, तो यह अतिरिक्त परत बहने लगती है और चेहरा अत्यंत भद्दा दिखने लगता है।
विशेषज्ञ ने सलाह दी कि हमेशा अपने स्किन टोन को ध्यान में रखते हुए सीमित मात्रा में ही फाउंडेशन का प्रयोग करें। इसके अलावा केवल चेहरे पर फाउंडेशन लगाकर रुक जाना भी बड़ी गलती है। चेहरे के साथ-साथ कान और गर्दन के हिस्से पर भी बराबर मात्रा में ब्लेंडिंग करनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति सिर्फ चेहरे पर उत्पाद लगाता है, तो उसका चेहरा तो अलग चमकता रहेगा, जबकि कान और गर्दन का रंग पूरी तरह अलग दिखाई देगा। चेहरे, कान और गर्दन तीनों हिस्सों पर एक समान बेस तैयार करके ही संतुलित, आकर्षक और स्वाभाविक निखार हासिल किया जा सकता है।


















