मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में तीव्र उठापटक दर्ज की गई है, जहां यह मुद्रा जोड़ी 157.50 के निचले स्तर को छूने के बाद वापस अपने पुराने दायरे में लौट आई। बैंक ऑफ जापान के नीतिगत रुख और आगामी आर्थिक आंकड़ों को लेकर निवेशकों की सतर्कता के बीच यह उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बाजार सहभागी इस समय केंद्रीय बैंक की अगली चाल को समझने के लिए हर संकेत पर पैनी नजर रखे हुए हैं, विशेषकर तब जब ब्याज दरों में बढ़ोतरी की गति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
गवर्नर उएदा के संबोधन और अक्टूबर दर वृद्धि की संभावनाओं पर नजर
बैंक ऑफ जापान के गवर्नर उएदा मंगलवार को 06:35 GMT पर अपना संबोधन देने वाले हैं। 18 सितंबर को नीतिगत दर को बढ़ाकर 1.25% किए जाने के बाद यह उनकी पहली बड़ी सार्वजनिक टिप्पणी होगी। मुद्रा कारोबारी इस भाषण को 30 अक्टूबर की आगामी मौद्रिक नीति बैठक में संभावित दर वृद्धि के पैमाने के रूप में देख रहे हैं। वर्तमान में बाजार भागीदार अक्टूबर में दूसरी बार दरें बढ़ाए जाने की संभावना लगभग चार में से एक मान रहे हैं। पिछले तीन कारोबारी सत्रों के दौरान USD/JPY जोड़ी ने दोनों दिशाओं में 158.00 के स्तर को पार किया है और फिलहाल यह इसी स्तर के ठीक नीचे कारोबार कर रही है।
केंद्रीय बैंक ने इससे पहले जून में और फिर सितंबर में अपनी ब्याज दरें बढ़ाई थीं। वित्तीय बाजारों ने तीन महीने के इस अंतर को बैंक के नीतिगत बदलाव की रफ्तार के रूप में देखा है। सितंबर में हुई बढ़ोतरी के बाद गवर्नर उएदा ने स्पष्ट किया था कि बैंक का ध्यान अब मुद्रास्फीति को केवल 2% तक पहुंचाने के बजाय उसे अनियंत्रित होकर बहुत ऊपर जाने से रोकने पर केंद्रित हो गया है। महंगाई को सीमा से अधिक बढ़ने से पहले ही थामने का व्यावहारिक अर्थ यह होगा कि बैंक दिसंबर तक प्रतीक्षा करने के बजाय अक्टूबर में ही दरों में वृद्धि कर दे।
जापान के वेतन आंकड़े और तकनीकी स्तरों का विश्लेषण
जापान के अगस्त महीने के श्रम नकद आय आंकड़े मंगलवार को 23:30 GMT पर जारी होने वाले हैं। जुलाई में दर्ज 4.7% की वार्षिक वृद्धि के बाद अगस्त में इसके घटकर 3.7% रहने का अनुमान लगाया गया है। यदि वेतन वृद्धि में इतनी बड़ी गिरावट आती है, तो केंद्रीय बैंक के लिए अक्टूबर में ही दरें बढ़ाने के पक्ष में ठोस तर्क देना कठिन हो जाएगा। चूंकि गवर्नर उएदा का भाषण इन आधिकारिक आंकड़ों के आने से पहले निर्धारित है, इसलिए अक्टूबर के नीतिगत कदमों पर उनकी टिप्पणियां इन महत्वपूर्ण वेतन आंकड़ों के बिना ही सामने आएंगी।
तकनीकी स्तरों के लिहाज से, पिछले तीन सत्रों में तेजी का दायरा 158.50 से नीचे ही सीमित रहा है, जो कि 1 अक्टूबर की रैली का उच्चतम अवरोध बिंदु था। इसके पार 24 सितंबर का उच्च स्तर 159.00 अगला प्रमुख प्रतिरोध बनकर उभरेगा। नीचे की ओर, सोमवार का निचला स्तर जो कि 157.50 के ठीक नीचे था, पिछले चार सत्रों का उच्चतम निचला स्तर बना हुआ है। वहीं शुक्रवार को पेरोल आंकड़ों के समय दर्ज 157.00 से थोड़ा नीचे का स्तर महत्वपूर्ण समर्थन क्षेत्र बना हुआ है। जब तक दैनिक आधार पर 157.50 का स्तर सुरक्षित रहता है, तब तक खरीदारों का पलड़ा भारी रहेगा और उनका लक्ष्य पहले 158.50 और उसके बाद 159.00 होगा। दैनिक स्टोकेस्टिक रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी Stoch RSI 84 के निकट है और 80 के ऊपर स्थिर हो रहा है, जिसका अर्थ है कि गवर्नर का कड़ा रुख भी इस जोड़ी को बिना किसी बड़े तकनीकी नुकसान के 157.50 तक खींच सकता है, जबकि 157.00 के नीचे दैनिक बंदी इस परिदृश्य को समाप्त कर देगी।
लाइव बाजार रुझान और येन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, USD/JPY वर्तमान में 157.88 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर 157.73 के मुकाबले 0.09% की बढ़त दर्शाता है। इस मुद्रा जोड़ी का 52-सप्ताह का दायरा 149.41 से 163.98 के बीच रहा है, जबकि ट्रेडिंग वॉल्यूम 20-दिन के औसत के 1.00 गुना पर सामान्य बना हुआ है। लाइव गणनाओं के तहत 14-दिवसीय RSI 53 पर संतुलित है, जबकि MACD 0.06 पर और इसका सिग्नल -0.19 पर है, जो 0.25 के हिस्टोग्राम के साथ सकारात्मक गति प्रदर्शित कर रहा है। मूविंग एवरेज में 20-दिवसीय EMA 157.33, 50-दिवसीय EMA 157.98 और 200-दिवसीय EMA 157.73 पर स्थित हैं, जहां 50-दिवसीय EMA का 200-दिवसीय EMA से ऊपर होना दीर्घकालिक अपट्रेंड और गोल्डन क्रॉस की पुष्टि करता है। बॉलिंगर बैंड्स 153.07 से 159.83 के दायरे में हैं, 14-दिवसीय ADX 20 के साथ सीमित दायरे का संकेत दे रहा है, तथा 14-दिवसीय ATR 1.29 पर दैनिक उतार-चढ़ाव का दायरा तय करता है। तात्कालिक स्तरों में पिवट 157.89, प्रतिरोध R1 157.97, R2 158.07 तथा समर्थन S1 157.79 और S2 157.71 पर आंका गया है।
जापानी येन दुनिया की सबसे अधिक कारोबार वाली मुद्राओं में से एक है। इसका मूल्य मुख्य रूप से जापान के आर्थिक प्रदर्शन, बैंक ऑफ जापान की नीतियों, अमेरिकी और जापानी बॉन्ड प्रतिफल के अंतर तथा वैश्विक जोखिम धारणा पर निर्भर करता है। 2013 से 2024 के बीच बैंक ऑफ जापान की अति-ढीली मौद्रिक नीति ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व के साथ भारी नीतिगत अंतर पैदा किया था, जिससे 10-वर्षीय अमेरिकी और जापानी सरकारी बॉन्ड प्रतिफल में भारी अंतर आया और डॉलर मजबूत हुआ। हालांकि 2024 में इस ढीली नीति को वापस लेने के फैसले और अन्य वैश्विक बैंकों द्वारा दर कटौती से यह अंतर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है। इसके साथ ही, येन को पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश का साधन भी माना जाता है, जिससे तनाव के समय पूंजी प्रवाह येन की ओर बढ़ता है।
वैश्विक मुद्राओं और जिंस बाजार में हलचल
व्यापक मुद्रा और जिंस बाजारों में भी अमेरिकी डॉलर की मजबूती का प्रभाव देखा गया है। AUD/USD जोड़ी मंगलवार को एशियाई बाजार खुलने से पहले 0.6970 के आसपास अपनी सकारात्मक बढ़त बनाए रखने में सफल रही और 0.7000 के स्तर को दोबारा हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रही है, जहां ऑस्ट्रेलिया के घरेलू कैलेंडर पर वेस्टपैक उपभोक्ता विश्वास सूचकांक पर ध्यान रहेगा। दूसरी ओर, सोने की कीमतों में भी कुछ स्थिरता लौटी है और यह सोमवार देर रात 4,150 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के स्तर के करीब पहुंच गया। अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिफल में आई तेजी और मजबूत डॉलर के बावजूद बहुमूल्य धातु का यह लचीलापन उल्लेखनीय रहा है।
यूरोपीय मोर्चे पर, यूरोपीय सेंट्रल बैंक यानी ECB एक जटिल स्थिति का सामना कर रहा है। मुद्रास्फीति केंद्रीय बैंक के लक्ष्य से लगभग दोगुनी रहने पर सामान्य तौर पर दरों में तत्काल वृद्धि की आवश्यकता होती है, लेकिन मौजूदा असामान्य परिस्थितियों में बॉन्ड बाजार पहले ही वित्तीय स्थितियों को सख्त कर रहा है, जिससे नीति निर्माताओं के समक्ष एक गंभीर असमंजस पैदा हो गया है।
















