घरों में किसी उत्सव, पारिवारिक दावत या सामान्य डिनर के बाद अक्सर आवश्यकता से अधिक भोजन बच जाता है। पके हुए अन्न की बर्बादी रोकने के लिए ज्यादातर लोग या तो इसे अन्य लोगों में बांटते हैं अथवा अगले समय के उपयोग के लिए फ्रिज में सहेज कर रख देते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में एक बड़ा सवाल यह उठता है कि गर्म भोजन को कितनी देर बाहर रखकर सामान्य तापमान पर लाया जाए और कब उसे फ्रिज के भीतर रखा जाए। बहुत से लोग यह मान बैठते हैं कि जब तक भोजन पूरी तरह से ठंडा न हो जाए, उसे फ्रिज में नहीं डालना चाहिए, जबकि फूड सेफ्टी से जुड़े तय नियम इसके बिल्कुल विपरीत सावधानी बरतने की सलाह देते हैं।
कमरे के तापमान पर भोजन छोड़ने का जोखिम
पके हुए पकवानों को घंटों तक किचन काउंटर या मेज पर खुला छोड़ देना जीवाणुओं के विकास के लिहाज से बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। जैसे ही पके हुए खाद्य पदार्थ सामान्य वातावरण में लंबे समय तक रखे रहते हैं, उनमें हानिकारक बैक्टीरिया बेहद तेज गति से अपनी संख्या बढ़ाने लगते हैं। इस प्रकार की लापरवाही से पेट की बीमारियां और विषाक्तता का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। खाद्य सुरक्षा के मानकों का पालन करते हुए बचे हुए भोजन को सही तकनीक से और सही समयसीमा के भीतर ही शीतलक उपकरण में स्थानांतरित करना अनिवार्य होता है।
अमेरिकी एफडीए की दो घंटे वाली समयसीमा क्या है?
अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) के स्थापित दिशा-निर्देशों के मुताबिक, जल्द खराब होने वाले किसी भी पके खाद्य पदार्थ और बचे हुए भोजन को तैयार होने के दो घंटे के भीतर फ्रिज या फ्रीजर में रख देना जरूरी है। यदि परिवेश का तापमान 90°F यानी लगभग 32°C से अधिक हो, तो यह समयसीमा सिमटकर सिर्फ एक घंटा रह जाती है। गर्म मौसम या तेज गर्मी वाले दिनों में भोजन के भीतर रोगाणुओं के पनपने की रफ्तार बहुत बढ़ जाती है। इसलिए पूरे भोजन के पूरी तरह से सामान्य तापमान पर आने का घंटों तक इंतजार करना एक गंभीर भूल साबित हो सकता है। हल्का ठंडा होते ही भोजन को सीधे सुरक्षित भंडारण के लिए फ्रिज में रख देना चाहिए।
भोजन को तेजी से ठंडा कर सुरक्षित रखने के चार व्यावहारिक तरीके
अधिक मात्रा में बने भोजन को अगर सही ढंग से फ्रिज में न रखा जाए, तो उसके खराब होने की आशंका बनी रहती है। निम्नलिखित चार उपायों को अपनाकर भोजन को तेजी से सुरक्षित तापमान तक लाया जा सकता है
- भोजन को छोटे हिस्सों में बांटना: यदि किसी बड़े बर्तन में भारी मात्रा में खाना तैयार किया गया है, तो उसे एक ही बड़े पात्र में रखकर ठंडा करने का प्रयास न करें। दाल, गाढ़ी करी, सूप और चिली जैसे घने खाद्य पदार्थों को अलग-अलग छोटे डिब्बों में बांट दें। छोटी मात्रा होने से भोजन के केंद्र की ऊष्मा बहुत जल्दी बाहर निकल जाती है और वह तेजी से सुरक्षित तापमान पर आ जाता है।
- उथले और चौड़े बर्तनों का चयन: अधिक गहराई वाले और संकरे कंटेनरों की जगह हमेशा चौड़े व कम गहराई वाले बर्तनों का उपयोग करना चाहिए। उथले बर्तनों में सतह का क्षेत्रफल बढ़ जाता है, जिससे भाप और भीतरी गर्मी कुछ ही मिनटों में वातावरण में विसर्जित हो जाती है, जिससे खाना बहुत जल्द ठंडा हो जाता है।
- आइस वॉटर बाथ का सहारा लेना: यदि पका हुआ व्यंजन बहुत अधिक खौलता हुआ या अत्यधिक गर्म है और उसे जल्द फ्रिज में रखना आवश्यक है, तो आइस वॉटर बाथ सबसे प्रभावी उपाय है। एक बड़े खुले बर्तन में बर्फ और ठंडा पानी भरें, फिर खाने वाले पात्र को उस बर्फीले पानी के बीच रख दें। इस दौरान चम्मच से खाने को बीच-बीच में हिलाते रहें, जिससे भोजन के बीच में फंसी अतिरिक्त गर्मी तुरंत बाहर निकल जाएगी।
- तय समयसीमा के भीतर फ्रिज में सुरक्षित रखना: इस बात का विशेष ध्यान रखें कि खाना न तो खौलता हुआ फ्रिज में जाए और न ही उसे दो घंटे से अधिक समय तक किचन में खुला छोड़ा जाए। समय की सही गणना करके भोजन को नियंत्रित तापमान वाले फ्रिज में पहुंचाना ही उसकी ताजगी और पोषक तत्वों को सुरक्षित रखने का एकमात्र वैज्ञानिक उपाय है।


















