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मानसून में घर लाएं मधुकामिनी का पौधा, परफ्यूम जैसी खुशबू से महकेगा गार्डन और द्वारजीवनशैली
6 अग॰ 2026, 4:08 pm (46 दिन पहले)· 0

मानसून में घर लाएं मधुकामिनी का पौधा, परफ्यूम जैसी खुशबू से महकेगा गार्डन और द्वार

बारिश का मौसम मधुकामिनी का पौधा लगाने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। छतरपुर के नौगांव कृषि विज्ञान केंद्र के उद्यानिकी वैज्ञानिक डॉ कमलेश अहिरवार ने इसे रोपने का सही तरीका बताया है।

घर के मुख्य द्वार और बगीचे की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ प्राकृतिक सुगंध फैलाने के लिए मधुकामिनी का पौधा एक शानदार विकल्प माना जाता है। इस पौधे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके फूलों से निकलने वाली महक किसी बेहतरीन सेंट या परफ्यूम की तरह पूरे वातावरण को खुशनुमा बना देती है। मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित नौगांव कृषि विज्ञान केंद्र में कार्यरत उद्यानिकी वैज्ञानिक डॉ कमलेश अहिरवार का कहना है कि मानसून की शुरुआत और बारिश का मौसम इस सदाबहार पौधे को रोपने के लिए सबसे अनुकूल समय होता है। इस मौसम में सही तकनीक से लगाया गया पौधा तेजी से पनपता है और लंबे समय तक हरियाली बिखेरता रहता है।

आकर्षक छतरीनुमा आकार और मनमोहक सुगंध की खासियत

मधुकामिनी को एक बहुउपयोगी शो प्लांट के रूप में जाना जाता है। इसकी पत्तियों की बनावट और सघनता ऐसी होती है कि इसे काट-छांट कर मनचाहे आकार में ढाला जा सकता है। बड़े-बड़े होटलों, रिसॉर्ट्स, शहरी पार्कों और अस्पतालों के उद्यानों में आपने जो गोल या छतरीनुमा सुंदर पेड़ देखे होंगे, उनमें से अधिकांश मधुकामिनी के ही होते हैं। यह पौधा न केवल व्यावसायिक परिसरों बल्कि सामान्य घरों के गार्डन और प्रवेश द्वार की शोभा में भी चार चांद लगा देता है। इसके सफेद रंग के छोटे-छोटे फूल देखने में जितने खूबसूरत लगते हैं, उनसे उठने वाली भीनी-भीनी खुशबू उतनी ही तीव्र और सम्मोहक होती है।

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गड्ढा तैयार करने और पौधा रोपने का सटीक तरीका

उद्यानिकी वैज्ञानिक डॉ कमलेश अहिरवार ने मधुकामिनी के पौधे को सही ढंग से रोपने की पूरी प्रक्रिया साझा की है। पौधा लगाने से पहले सही आकार का गड्ढा तैयार करना बेहद आवश्यक होता है। सबसे पहले 2 फीट गहरा और 2 फीट चौड़ा गड्ढा खोदें। इस गड्ढे को भरने के लिए 50 प्रतिशत मिट्टी और 50 प्रतिशत पुरानी गोबर की खाद का मिश्रण तैयार करें। गड्ढे को इस मिश्रण से अच्छी तरह भरकर पानी डाल दें। पानी डालने के बाद जब मिट्टी नीचे बैठ जाए और गड्ढा आधा खाली नजर आने लगे, तब उसमें मधुकामिनी का पौधा लगाएं। ऐसा करने से पौधे की जड़ों को जरूरी नमी और पोषण तुरंत मिल जाता है।

पौधे की उपलब्धता और देखभाल से जुड़े सुझाव

बारिश के दिनों में मिट्टी में नमी बनी रहने के कारण पौधे की जड़ें आसानी से अपनी पकड़ बना लेती हैं। यदि नियमित सिंचाई और समय पर छंटाई की जाए तो मधुकामिनी का पौधा बहुत जल्दी एक सुंदर रूप ले लेता है। इस पौधे को प्राप्त करना बेहद आसान है। बागवानी के शौकीन लोग इसे अपनी नजदीकी स्थानीय नर्सरी से खरीद सकते हैं। इसके अलावा छतरपुर स्थित नौगांव कृषि विज्ञान केंद्र से भी इसके स्वस्थ पौधे प्राप्त किए जा सकते हैं। जो लोग डिजिटल माध्यम पसंद करते हैं, वे इसे ऑनलाइन पौधे बेचने वाली वेबसाइटों से भी आसानी से मंगवा सकते हैं।

सवाल-जवाब

मधुकामिनी का पौधा लगाने का सबसे अच्छा मौसम कौन सा है?
मधुकामिनी लगाने के लिए बारिश यानी मानसून का मौसम सबसे सही माना जाता है।
मधुकामिनी के पौधे के लिए गड्ढा कितना बड़ा होना चाहिए?
पौधा लगाने के लिए गड्ढा 2 फीट गहरा और 2 फीट चौड़ा खोदा जाना चाहिए।
गड्ढे में मिट्टी और खाद का क्या अनुपात होना चाहिए?
गड्ढे में आधी गोबर की खाद और आधी मिट्टी मिलाकर भरनी चाहिए।
मधुकामिनी के पौधे कहां से खरीदे जा सकते हैं?
इसे स्थानीय नर्सरी, नौगांव कृषि विज्ञान केंद्र या ऑनलाइन नर्सरी वेबसाइटों से खरीदा जा सकता है।
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