चेहरे की चमक बढ़ाने के लिए हर कोई महंगे प्रोडक्ट्स की तलाश में रहता है, लेकिन रसोई में रखा कच्चा दूध भी यह काम आसानी से कर सकता है. पुराने समय में लोग त्वचा की देखभाल के लिए घर में मौजूद प्राकृतिक चीजों का ही इस्तेमाल करते थे, और कच्चा दूध उन्हीं घरेलू नुस्खों में से एक है. आज भी बड़ी संख्या में लोग चेहरे को साफ करने और उसमें निखार लाने के लिए इसका उपयोग करते हैं. प्रयागराज की जानी मानी ब्यूटी एक्सपर्ट संजना ने इस नुस्खे को आसान शब्दों में समझाया है.
कच्चे दूध में ऐसा क्या है जो त्वचा को फायदा पहुंचाता है
कच्चे दूध में लैक्टिक एसिड पाया जाता है, जो त्वचा की ऊपरी परत पर जमी मृत कोशिकाओं को धीरे धीरे हटाने में मदद कर सकता है. इस वजह से चेहरा साफ और तरोताजा नजर आने लगता है. इसके अलावा दूध में मौजूद प्राकृतिक वसा और कुछ विटामिन त्वचा को मुलायम बनाए रखने में सहायक माने जाते हैं. हालांकि इसके फायदों को लेकर वैज्ञानिक शोध सीमित हैं, और यह जरूरी नहीं कि यह हर किसी की त्वचा पर एक जैसा असर दिखाए.
चेहरे पर कच्चा दूध लगाने का सही तरीका
इस उपाय को आजमाने के लिए सबसे पहले चेहरे को साफ पानी से धो लेना चाहिए. इसके बाद रुई की मदद से थोड़ी मात्रा में कच्चा दूध चेहरे और गर्दन पर हल्के हाथों से लगाया जा सकता है. करीब 10 से 15 मिनट बाद चेहरे को सामान्य पानी से धो लें. कुछ लोग रात को सोने से पहले इसे लगाना पसंद करते हैं, लेकिन इसे पूरी रात चेहरे पर छोड़ने के बजाय थोड़ी देर बाद धो लेना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है, खासतौर पर उन लोगों के लिए जिनकी त्वचा संवेदनशील है.
नियमित इस्तेमाल से क्या बदलाव दिख सकते हैं
कच्चे दूध में मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा को हल्का सा एक्सफोलिएट करता है, जिससे चेहरा पहले की तुलना में ज्यादा चमकदार दिख सकता है. सीमित मात्रा में और नियमित रूप से इसका इस्तेमाल करने पर त्वचा की बनावट में सुधार, रूखेपन में कमी और नमी बरकरार रहने में मदद मिल सकती है. यही कारण है कि कई स्किन केयर प्रोडक्ट्स में भी लैक्टिक एसिड का इस्तेमाल किया जाता है.
इस्तेमाल से पहले क्यों जरूरी है पैच टेस्ट
हर किसी की त्वचा एक जैसी नहीं होती, इसलिए यह नुस्खा सभी के लिए सुरक्षित नहीं है. जिन लोगों की त्वचा बहुत संवेदनशील है, बार बार मुंहासे निकलते हैं या दूध से एलर्जी है, उन्हें कच्चा दूध लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर कर लेना चाहिए. बिना पाश्चुरीकृत यानी कच्चे दूध में बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं, जिसकी वजह से कुछ लोगों को चेहरे पर जलन, लालिमा या संक्रमण जैसी दिक्कत हो सकती है. अगर लगाने के बाद जलन, खुजली या रैशेज महसूस हों, तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर देना चाहिए और जरूरत पड़ने पर त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए.
सिर्फ घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहना काफी नहीं
विशेषज्ञों के मुताबिक अकेले घरेलू नुस्खों के भरोसे त्वचा की सभी समस्याओं को दूर करना संभव नहीं है. स्वस्थ और चमकदार त्वचा पाने के लिए पर्याप्त पानी पीना, संतुलित आहार लेना, अच्छी नींद पूरी करना और रोजाना सनस्क्रीन लगाना भी उतना ही जरूरी है. अगर पिग्मेंटेशन, मुंहासे या त्वचा से जुड़ी कोई और परेशानी लंबे समय तक बनी रहे, तो घरेलू उपायों पर ही टिके रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर विकल्प है.













