त्योहारों के मौसम में अपने पैतृक घर न जा पाने वाले लोगों के लिए राष्ट्रीय राजधानी में उत्सव मनाने के कई आकर्षक विकल्प उपलब्ध हैं। अगर आप इस बार अपने शहर में ही रहकर दोस्तों और प्रियजनों के साथ उत्सव का माहौल साझा करना चाहते हैं, तो राजधानी के अलग-अलग कोनों में रोशनी, संगीत, नृत्य, उत्सव बाजार और खान-पान के विशेष प्रबंध किए गए हैं। इन आयोजनों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि कई प्रमुख स्थानों पर दर्शकों और आगंतुकों के लिए प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है, जिससे लोग बिना किसी वित्तीय दबाव के उत्सव की रौनक का अनुभव कर सकें।
कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में जगमग दिवाली और भजन क्लबिंग की धूम
राजधानी के दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में 6 और 7 नवंबर को विशेष सांस्कृतिक व आध्यात्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित हो रही है। इस उत्सव के पहले दिन यानी 6 नवंबर को शाम 6 बजे से 'जगमग दिवाली' नामक भव्य कार्यक्रम शुरू होगा। इसके अगले दिन, 7 नवंबर को दोपहर 12 बजे से लेकर रात 10 बजे तक 'भजन क्लबिंग' का अनूठा सत्र चलेगा, जिसमें पारंपरिक भजनों को आधुनिक संगीत और नृत्य की ऊर्जा के साथ प्रस्तुत किया जाएगा।
सेंट्रल पार्क के इस भव्य उत्सव में संगीत और नृत्य के अलावा भक्ति भाव से भरपूर महाआरती और आसमान को रोशन करने वाला शानदार ड्रोन शो भी शामिल रहेगा। बच्चों के मनोरंजन को ध्यान में रखते हुए यहां कई मजेदार और रचनात्मक गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं। इस पूरे कार्यक्रम की सबसे बड़ी सुविधा यह है कि इसमें शामिल होने के लिए किसी भी तरह का टिकट या शुल्क नहीं देना होगा, यहां हर आम और खास के लिए प्रवेश पूरी तरह मुफ्त रखा गया है।
ब्लाइंड स्कूल दिवाली बाजार में हस्तनिर्मित सामानों की खरीदारी
पारंपरिक खरीदारी और हस्तशिल्प में रुचि रखने वाले लोगों के लिए लाल बहादुर शास्त्री मार्ग पर ओबेरॉय होटल के निकट स्थित ब्लाइंड रिलीफ एसोसिएशन का दिवाली बाजार खुला हुआ है। यह लोकप्रिय उत्सव बाजार 5 नवंबर 2026 तक रोजाना सुबह 10:30 बजे से रात 8 बजे तक आगंतुकों का स्वागत कर रहा है। यहां आने वाले खरीदारों के लिए निकटतम मेट्रो स्टेशन जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम है, जिससे यहां पहुंचना बेहद सुगम हो जाता है।
इस मेले के विशाल लॉन में 250 से ज्यादा स्टॉल लगाए गए हैं, जहां पारंपरिक और हस्तनिर्मित वस्तुओं की विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध है। खरीदार यहां से सुंदर मोमबत्तियां, मिट्टी के दीये, हाथ से बने कागज के सजावटी उत्पाद, परिधान और विभिन्न प्रकार के लजीज व्यंजन खरीद सकते हैं। इस बाजार की सबसे अहम और मानवीय बात यह है कि यहां बिक्री के लिए रखे गए अधिकांश सजावटी उत्पाद संस्था के प्रशिक्षित प्रशिक्षुओं द्वारा खुद तैयार किए गए हैं। परिसर में घूमने और हस्तनिर्मित कलाकृतियों को निहारने के लिए किसी प्रवेश टिकट की आवश्यकता नहीं है।
राजधानी के प्रमुख शॉपिंग मॉल में उत्सव की अनूठी सजावट
यदि आप किसी बड़े मेले अथवा खुले मंच के कार्यक्रमों से इतर शांत और आधुनिक परिवेश में घूमना पसंद करते हैं, तो दिल्ली और एनसीआर के नामी शॉपिंग मॉल भी बेहतरीन विकल्प हैं। साकेत स्थित सेलेक्ट सिटीवॉक, वसंत कुंज स्थित डीएलएफ एम्पोरियो, नोएडा स्थित डीएलएफ मॉल ऑफ इंडिया तथा एंबिएंस मॉल जैसे बड़े केंद्रों में त्योहार को ध्यान में रखकर भव्य सजावट और मनमोहक रोशनी की गई है।
इन शॉपिंग सेंटरों में भव्य फेस्टिव इंस्टॉलेशन लगाए गए हैं, जो तस्वीरें खिंचवाने और यादगार पल सहेजने के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बने हुए हैं। परिवार के सदस्यों या दोस्तों के साथ इन वातानुकूलित और भव्य परिसरों में जाकर आप सजावट का आनंद ले सकते हैं और खरीदारी कर सकते हैं। इन सभी मॉल में उत्सव की विशेष रोशनी और स्थापत्यों को देखने के लिए कोई अलग से प्रवेश शुल्क निर्धारित नहीं किया गया है।
घर से बाहर निकलकर उत्सव के माहौल को जीने का अवसर
त्योहार केवल चारदीवारी के भीतर सीमित रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह अपने आसपास के उल्लास को महसूस करने और नए अनुभव बटोरने का भी माध्यम है। जो लोग इस दौरान अपने गृहनगर नहीं जा सके हैं, वे शहर के इन विभिन्न केंद्रों का रुख कर सकते हैं। आध्यात्मिक भजन क्लबिंग से लेकर पारंपरिक हस्तशिल्प बाजार और आधुनिक मॉल की जगमगाहट तक, हर आयु वर्ग और पसंद के लोगों के लिए राजधानी में पर्याप्त अवसर मौजूद हैं।

















