उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में हाल के दिनों में सांपों के अचानक निकलने की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बागपत और बाराबंकी जैसे जिलों से लगातार सामने आ रही खबरों में जहरीले जीवों के कारण जान जाने के मामले दर्ज किए गए हैं। बारिश और नमी वाले मौसम में सांप अक्सर सुरक्षित स्थान की तलाश में इंसानी बस्तियों और मकानों के भीतर शरण ले लेते हैं। इस वजह से आम नागरिकों के मन में अपने परिवारों और घरों की सुरक्षा को लेकर डर पैदा होना स्वाभाविक है। हालांकि, घबराने के बजाय कुछ सरल, प्राकृतिक और वैज्ञानिक रूप से असरदार घरेलू उपायों को अपनाकर सांपों को घर की सीमा से काफी दूर रखा जा सकता है।
तीखी सुगंध वाली घरेलू सामग्री का करें इस्तेमाल
सांपों की घ्राण शक्ति यानी सूंघने की क्षमता बेहद संवेदनशील होती है। वे अपने आसपास के माहौल को समझने के लिए गंध का सहारा लेते हैं, इसलिए कुछ खास मसालों और रसायनों की तेज महक उन्हें तुरंत दूर भागने पर मजबूर कर देती है। रसोई में आसानी से मिलने वाली दालचीनी और लौंग इस मामले में बहुत उपयोगी साबित होती हैं। दालचीनी और लौंग को एक साथ पीसकर पानी में घोल लें और फिर इस मिश्रण का छिड़काव घर की बाहरी दीवारों, दरवाजों और खिड़कियों के आसपास करें। इनकी तीखी और तेज सुगंध से सांप आसपास भी नहीं फटकते हैं।
इसी तरह सफेद सिरका भी सांपों को घर में दाखिल होने से रोकने का बेहतरीन जरिया है। सिरके की अम्लीय और तीखी गंध सांपों की सूंघने की ग्रंथि को प्रभावित करती है, जिससे वे उस क्षेत्र से दूर हट जाते हैं। सिरके और पानी को बराबर मात्रा में मिलाकर स्प्रे बोतल से घर के प्रवेश द्वारों और बाउंड्री वॉल के किनारे छिड़कना चाहिए। इसके अलावा, मोथबॉल में मौजूद नाफ्थलीन रसायन भी सांपों को दूर भगाने में कारगर माना जाता है। नाफ्थलीन की गोलियों को उन जगहों पर रखा जा सकता है जहां सांपों के छिपने की संभावना अधिक होती है। हालांकि, नाफ्थलीन की गोलियों का इस्तेमाल करते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि इन्हें छोटे बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दूर रखा जाए, क्योंकि यह रसायन विषैला हो सकता है।
लहसुन भी सांपों को भगाने का एक अन्य अचूक तरीका है। लहसुन की कलियों को कूटकर पानी में मिलाएं और उसका स्प्रे तैयार कर लें या फिर कुटी हुई लहसुन को घर के मुख्य रास्तों पर रख दें। लहसुन में मौजूद एलिसिन नामक तत्व की तीखी गंध सांपों को बेहद परेशान करती है और वे ऐसे स्थानों पर प्रवेश करने से बचते हैं।
घर के आसपास लगाएं सांप विरोधी प्राकृतिक पौधे
घर के बगीचे या आंगन में कुछ खास किस्म के पौधे लगाकर भी सांपों के प्रवेश पर रोक लगाई जा सकती है। प्रकृति में कई ऐसे पौधे मौजूद हैं जिनकी प्राकृतिक सुगंध या संरचना सांपों को बिल्कुल पसंद नहीं आती। तुलसी का पौधा भारतीय घरों में पवित्र माना जाता है और इसकी तेज महक सांपों को दूर रखने में मदद करती है। इसके अलावा सर्पगंधा का पौधा भी अपनी पारंपरिक विशेषताओं के कारण सांपों को दूर भगाने के लिए जाना जाता है।
पुदीना, लैवेंडर और लेमनग्रास जैसे सुगंधित पौधे भी घर के आसपास लगाने से वातावरण में ऐसी खुशबू फैलती है जिसे सांप सहन नहीं कर पाते। लेमनग्रास में मौजूद सिट्रोनेला गंध सांपों को दूर रखती है, जबकि पुदीने की ठंडक और तेज महक उन्हें परेशान करती है। कैक्टस यानी नागफनी जैसे कंटीले पौधे भी घर के आसपास लगाने से सांपों की आवाजाही रुकती है, क्योंकि सांप अपनी त्वचा की संवेदनशीलता के कारण कांटों वाली जगह पर रेंगने से बचते हैं। इन पौधों को घर की बाउंड्री या गमलों में लगाकर प्राकृतिक सुरक्षा कवच तैयार किया जा सकता है।
सफाई और जलभराव से बचाव है सबसे जरूरी
घरेलू नुस्खों के साथ-साथ घर के आसपास के परिवेश की स्वच्छता पर ध्यान देना सबसे महत्वपूर्ण कदम है। सांप अक्सर पानी की तलाश में या मेंढक और चूहों जैसे छोटे जीवों का शिकार करने के लिए नमी वाले स्थानों पर आते हैं। इसलिए घर के आसपास कभी भी पानी जमा न होने दें। कूलर, खाली बर्तन, गड्ढों या जल निकायों के आसपास नियमित सफाई बनाए रखनी चाहिए। स्थिर जलभराव न केवल सांपों के ठहरने का जरिया बनता है, बल्कि उनके भोजन को भी आकर्षित करता है।
इसके अलावा घने पेड़-पौधे, ऊंची घास और बिना छंटाई वाली झाड़ियां सांपों के छिपने के लिए आदर्श ठिकाने बन जाती हैं। घर के आसपास उगी अनचाही घास और झाड़ियों की समय-समय पर कटाई करते रहें ताकि सांपों को छिपने की जगह न मिले। लकड़ी के ढेर, ईंटों के जमावड़े और पुरानी कबाड़ की चीजों को भी घर से दूर और साफ-सुथरा रखना चाहिए, क्योंकि अंधेरी और शांत जगहें सांपों को सबसे ज्यादा आकर्षित करती हैं।



















