महाराष्ट्र की वित्तीय राजधानी मुंबई और देश के पूर्वोत्तर हिस्सों में मानसून ने अपने आगमन के साथ ही रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। बुधवार, 24 जून 2026 की सुबह मुंबई के नागरिकों के लिए भारी मुश्किलों से भरी रही, क्योंकि रात भर हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर को जलमग्न कर दिया। हालांकि, स्थानीय प्रशासन के दावों के अनुसार, शहर के प्रमुख सबवे में पानी जमा होने के बावजूद उन्हें सुचारु रखा गया और सड़क यातायात को पूरी तरह ठप होने से बचा लिया गया। इस मूसलाधार बारिश का असर न केवल महाराष्ट्र बल्कि देश के सुदूर पहाड़ी राज्यों सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में भी देखने को मिला है, जहां अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
मुंबई में मौसम की चेतावनी और आईएमडी के अलर्ट का उतार-चढ़ाव
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मौसम की संवेदनशीलता को देखते हुए बुधवार सुबह 4 बजे मुंबई और पालघर जिलों के लिए तीन घंटे का अत्यंत गंभीर रेड अलर्ट जारी किया था। इस अलर्ट में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश, बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई थी। जैसे-जैसे सुबह के घंटे बीते, बादलों की तीव्रता में थोड़ी कमी आई, जिसके बाद सुबह 7 बजे मौसम विभाग ने इस चेतावनी को संशोधित कर ऑरेंज अलर्ट में बदल दिया। यह नया अलर्ट अगले तीन घंटों के लिए वैध था, जिसमें मुंबई, ठाणे, रायगढ़, पालघर और सिंधुदुर्ग जिलों में मध्यम से तीव्र स्तर की बारिश की बौछारें पड़ने की बात कही गई थी। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि पूरे महाराष्ट्र में गरज-चमक के साथ बारिश का यह दौर 26 जून तक जारी रहेगा, जिसके मद्देनजर समुद्र में जाने वाले मछुआरों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की गई है।
रिकॉर्ड तोड़ बारिश के आंकड़े और दादर में पेड़ गिरने की घटना
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस मानसून की पहली भारी बारिश ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। कोलाबा मौसम केंद्र ने पिछले 24 घंटों में 248 मिलीमीटर बारिश दर्ज की, जो कि जून महीने की सामान्य औसत बारिश (542 मिलीमीटर) का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा है। इसी तरह, सांताक्रूज़ मौसम केंद्र में 225 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो जून के कुल मौसमी औसत (537 मिलीमीटर) का लगभग 42 प्रतिशत है। यानी एक ही दिन की बारिश में जून महीने की करीब आधी बारिश हो गई। इस भारी वर्षा के दौरान दादर इलाके में एक विशाल पेड़ उखड़कर सड़क किनारे खड़ी कार पर जा गिरा, जिसकी पुष्टि बीएमसी ने की है और इस घटना की तस्वीर प्रसिद्ध छायाकार इमैनुएल योगिनी द्वारा ली गई है। पूरे मुंबई शहर में 23 जून की सुबह 8 बजे से 24 जून की सुबह 8 बजे के बीच औसतन 195 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि पूर्वी उपनगरों में 167 मिलीमीटर और पश्चिमी उपनगरों में 208 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
लोकल रेल नेटवर्क प्रभावित और ट्रांस-हार्बर लाइन पर संकट
मुंबई की जीवनरेखा कही जाने वाली लोकल ट्रेनों पर भी इस मानसूनी बारिश का बुरा असर पड़ा है। लगातार हो रही बारिश की वजह से पटरियों के आसपास पानी जमा हो गया, जिससे उपनगरीय सेवाएं काफी प्रभावित हुईं। सबसे गंभीर व्यवधान ट्रांस-हार्बर लाइन पर देखने को मिला, जहां पटरियों के नीचे की मिट्टी बह जाने के कारण रेल परिचालन को सुरक्षा कारणों से रोकना पड़ा। सेंट्रल रेलवे द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, मिट्टी धंसने और ट्रैक को नुकसान पहुंचने के कारण अब तक कुल 24 लोकल ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है। हालांकि रेलवे के तकनीकी दलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए क्षतिग्रस्त ट्रैक की मरम्मत कर दी है और प्रभावित हिस्से पर रेल सेवा बहाल कर दी गई है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए तुर्भे से वाशी के बीच ट्रेनों को बेहद धीमी गति से चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
साउथ वेस्टर्न रेलवे का मानसून एक्शन प्लान
इसी बीच, रेल संचालन को सुचारु बनाए रखने के लिए साउथ वेस्टर्न रेलवे (SWR) ने भी अपनी व्यापक मानसून तैयारियों की घोषणा की है। इस रेलवे ज़ोन के तहत मानसून का आधिकारिक समय 1 जून से 31 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित किया गया है। स्थानीय मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बेंगलुरु और मैसूरु डिवीजनों के कुछ विशेष संवेदनशील रेल खंडों के लिए इस विशेष मानसून अवधि को मध्य अगस्त या सितंबर की शुरुआत से बढ़ाकर मध्य नवंबर तक लागू रखा जाएगा। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और बिना किसी रुकावट के ट्रेनों का सुरक्षित संचालन उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए पूरे नेटवर्क में विशेष गश्त और सुरक्षा प्रणालियों को तैनात किया गया है।
चलती लोकल ट्रेन में खूनी संघर्ष: मयंक लोहार की हत्या
मुंबई में मानसून के आगमन के पहले ही दिन एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। अंधेरी और बोरीवली रेलवे स्टेशनों के बीच चलती लोकल ट्रेन के फर्स्ट क्लास डिब्बे में बारिश के पानी से बचने के लिए दरवाजा बंद करने या खुला रखने को लेकर दो सहयात्रियों में खूनी बहस हो गई। यह विवाद इतना बढ़ गया कि हमलावर ने 22 वर्षीय युवक मयंक लोहार पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे उसकी मौत हो गई। यह घटना मंगलवार, 23 जून 2026 को उस समय हुई जब शहर में मानसून ने आधिकारिक रूप से प्रवेश किया था। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ट्रेन रुकते ही फरार हो गया, जिसकी तलाश में रेलवे पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
मेयर रितु तावड़े के सामने नाले में गिरी सफाईकर्मी, अधिकारियों को चेतावनी
मुंबई की नवनियुक्त मेयर रितु तावड़े जब बारिश के कारण उत्पन्न हुए जलभराव की स्थिति का जायजा लेने के लिए जमीनी मुआयने पर निकली थीं, तब उनके सामने ही बीएमसी की एक महिला सफाईकर्मी एक खुले हुए नाले में गिर गई। इस हादसे को देखकर मेयर रितु तावड़े बेहद नाराज हुईं और उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। उन्होंने तत्काल सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि मुंबई के किसी भी वार्ड में यदि कोई मैनहोल या नाला खुला पाया गया, तो संबंधित वार्ड के प्रभारी अधिकारी को बिना कोई स्पष्टीकरण दिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया जाएगा।
मालशेज घाट पर भूस्खलन से पुणे-ठाणे संपर्क प्रभावित
महाराष्ट्र के ठाणे और पालघर जिलों में भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। इस भारी बारिश की वजह से ठाणे और पुणे जिलों को जोड़ने वाले अत्यंत महत्वपूर्ण पर्यटन और परिवहन मार्ग मालशेज घाट पर मंगलवार, 23 जून 2026 की शाम को भूस्खलन की घटना हुई। ठाणे के रेजिडेंट डिप्टी कलेक्टर संदीप माने ने पुष्टि की कि मंगलवार शाम लगभग 6 से 7 बजे के बीच घाट के प्रसिद्ध वॉश पॉइंट और अंब्रेला पॉइंट के बीच पहाड़ी का एक हिस्सा सड़क पर आ गिरा। इसके साथ ही दोनों जिलों में पेड़ गिरने की दर्जनों शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिससे सड़क संपर्क को सुचारु बनाने में राहत टीमों को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
अरुणाचल प्रदेश में अचानक आई बाढ़ और तीन लोग लापता
पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश के की पांयोर जिले में लगातार जारी मूसलाधार बारिश के कारण बुधवार सुबह अचानक विनाशकारी बाढ़ आ गई। इस बाढ़ के कारण निचले रिहायशी इलाकों में पानी भर गया और कम से कम 18 मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। राज्य आपदा प्रबंधन सचिव डैनी सुलु ने बताया कि याज़ाली सर्कल के पूसा इलाके में स्थित नेप्को प्रोजेक्ट कॉलोनी में बाढ़ का पानी घुसने से तीन लोग लापता हो गए हैं, जिनकी तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, भारी बारिश के चलते एक निर्माणाधीन सुरक्षा दीवार (रिटेनिंग वॉल) अचानक ढह गई, जिसके बाद जमा पानी का सैलाब पूरी कॉलोनी और घरों में घुस गया। इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई जगहों पर हुए भूस्खलन के कारण वाहनों का आवागमन भी पूरी तरह ठप हो गया है।
सिक्किम में भूस्खलन से ग्यालशिंग-लेगशिप मार्ग अवरुद्ध
पश्चिमी सिक्किम में भी प्रकृति का कहर देखने को मिला है, जहां रात भर हुई अत्यधिक बारिश के बाद ग्यालशिंग-लेगशिप मार्ग पर कई स्थानों पर भारी भूस्खलन हुआ है। इस भूस्खलन के कारण पश्चिमी सिक्किम के जिला मुख्यालय का संपर्क राज्य के अन्य सभी हिस्सों से पूरी तरह टूट गया है। ग्यालशिंग में महज 24 घंटों के भीतर 95.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। जिलाधिकारी तेनजिंग डेंजॉन्गपा ने बताया कि मंगलवार, 23 जून 2026 की रात लगभग 9 बजे भूस्खलन की घटनाएं शुरू हुईं, जिनमें सबसे भयानक भूस्खलन ग्यालशिंग शहर से दो किलोमीटर दूर ओमचुंग के पास हुआ। प्रशासन ने रास्ते को साफ करने के लिए रात में ही जेसीबी (JCB) मशीनों को तैनात किया है, लेकिन खराब मौसम के कारण मलबा हटाने के काम में लगातार बाधा आ रही है।
अरुणाचल की बारिश से असम में हाई अलर्ट जारी
अरुणाचल प्रदेश के लोअर सुबनसिरी जिले में मूसलाधार बारिश और अचानक आई बाढ़ की खबरों के बाद असम सरकार बेहद सतर्क हो गई है। असम के निचले जिलों में प्रशासन द्वारा हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है, क्योंकि मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश का यह पानी असम के मैदानी और निचले इलाकों में गंभीर बाढ़ का खतरा पैदा कर सकता है। गुवाहाटी स्थित रीजनल मेट्रोलॉजिकल सेंटर और ईटानगर के मौसम केंद्र से मिले आंकड़ों के अनुसार, लोअर सुबनसिरी के याज़ाली में पिछले 24 घंटों में 72.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जिसका अधिकांश हिस्सा बुधवार, 24 जून 2026 को सुबह 6 बजे से 9 बजे के बीच ही बरसा है। नदियों के जलस्तर में हो रही तेजी से वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।



















