देश के मौसम को लेकर दो बड़ी खबरें सामने आई हैं। एक तरफ भारतीय मौसम विभाग ने आगाह किया है कि जुलाई महीने में पूरे देश में मासिक औसत से कम बारिश हो सकती है। दूसरी तरफ अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है, जहां अब तक चार लोगों की जान जा चुकी है और 21 लोग घायल हैं।
जुलाई में कमजोर पड़ सकता है मॉनसून
भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक जुलाई के दौरान देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से कम बारिश दर्ज हो सकती है। यह चेतावनी उस वक्त आई है जब मुंबई में गरज-चमक को लेकर अलर्ट जारी किया गया है और दक्षिण-पश्चिम मॉनसून का घाटा 43% तक पहुंच गया है। यानी अब तक होनी वाली सामान्य बारिश के मुकाबले काफी कम बारिश दर्ज की गई है। कृषि से लेकर जलाशयों तक, इस घाटे का असर आने वाले हफ्तों में साफ दिखाई दे सकता है।
अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ ने मचाई तबाही
दूसरी ओर अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। राज्य के लगभग सभी जिलों में बाढ़ का पानी घुस चुका है और करीब 90,500 से ज्यादा लोग इससे प्रभावित हुए हैं। अब तक बाढ़ की वजह से चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 21 लोग घायल बताए जा रहे हैं। लगातार हो रही बारिश की वजह से नदियां उफान पर हैं और कई इलाकों में लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है।
मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों ने किया हवाई सर्वेक्षण
हालात का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन किया और राहत व बचाव कार्यों का जायजा लिया। लगभग सभी जिलों के प्रभावित होने की वजह से राहत कार्यों को तेज करने पर जोर दिया जा रहा है।
आगे क्या रहेगा असर
मौसम विभाग की जुलाई को लेकर जारी चेतावनी और दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के 43% घाटे को साथ में देखा जाए तो यह साफ है कि आने वाले हफ्तों में बारिश के पैटर्न पर करीबी नजर रखनी होगी। वहीं अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना अगली बड़ी चुनौती होगी।



















