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लाइव: मुंबई मॉनसून LIVE: IMD की गरज-चमक अलर्ट, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून घाटा 43% पर पहुंचा — 30 जून 2026लाइव
30 जून 2026, 11:29 am (45 दिन पहले)· 6

लाइव: मुंबई मॉनसून LIVE: IMD की गरज-चमक अलर्ट, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून घाटा 43% पर पहुंचा — 30 जून 2026

भारतीय मौसम विभाग ने आगाह किया है कि जुलाई के दौरान पूरे देश में मासिक औसत से कम वर्षा होने की आशंका है। वहीं अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है — अब तक चार लोगों की जान जा चुकी है, 21 घायल हैं और राज्य के लगभग सभी जिलों में करीब 90,500 से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों ने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण किया।

देश के मौसम को लेकर दो बड़ी खबरें सामने आई हैं। एक तरफ भारतीय मौसम विभाग ने आगाह किया है कि जुलाई महीने में पूरे देश में मासिक औसत से कम बारिश हो सकती है। दूसरी तरफ अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है, जहां अब तक चार लोगों की जान जा चुकी है और 21 लोग घायल हैं।

जुलाई में कमजोर पड़ सकता है मॉनसून

भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक जुलाई के दौरान देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से कम बारिश दर्ज हो सकती है। यह चेतावनी उस वक्त आई है जब मुंबई में गरज-चमक को लेकर अलर्ट जारी किया गया है और दक्षिण-पश्चिम मॉनसून का घाटा 43% तक पहुंच गया है। यानी अब तक होनी वाली सामान्य बारिश के मुकाबले काफी कम बारिश दर्ज की गई है। कृषि से लेकर जलाशयों तक, इस घाटे का असर आने वाले हफ्तों में साफ दिखाई दे सकता है।

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अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ ने मचाई तबाही

दूसरी ओर अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। राज्य के लगभग सभी जिलों में बाढ़ का पानी घुस चुका है और करीब 90,500 से ज्यादा लोग इससे प्रभावित हुए हैं। अब तक बाढ़ की वजह से चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 21 लोग घायल बताए जा रहे हैं। लगातार हो रही बारिश की वजह से नदियां उफान पर हैं और कई इलाकों में लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है।

मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों ने किया हवाई सर्वेक्षण

हालात का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन किया और राहत व बचाव कार्यों का जायजा लिया। लगभग सभी जिलों के प्रभावित होने की वजह से राहत कार्यों को तेज करने पर जोर दिया जा रहा है।

आगे क्या रहेगा असर

मौसम विभाग की जुलाई को लेकर जारी चेतावनी और दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के 43% घाटे को साथ में देखा जाए तो यह साफ है कि आने वाले हफ्तों में बारिश के पैटर्न पर करीबी नजर रखनी होगी। वहीं अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना अगली बड़ी चुनौती होगी।

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  1. अरुणाचल में बाढ़ से मृतकों की संख्या चार हुई, 90,499 लोग प्रभावित; CM और केंद्रीय मंत्रियों ने किया हवाई सर्वेक्षण

    अरुणाचल प्रदेश में मंगलवार (30 जून) को बाढ़ से एक और व्यक्ति की मौत की पुष्टि होने के बाद कुल मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई। इसके अलावा 21 लोग घायल हुए हैं और राज्य के लगभग सभी 28 जिलों में 90,499 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, जैसा कि अधिकारियों ने जानकारी दी। दो लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। गत सात दिनों से जारी लगातार भारी वर्षा ने पूरे राज्य में अचानक बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं को जन्म दिया है, जिससे आवासीय मकान, सड़क मार्ग, पुल और सार्वजनिक बुनियादी ढाँचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। यह जानकारी राज्य आपातकालीन अभियान केंद्र (SEOC) की रिपोर्ट में सामने आई है।
  2. जुलाई में देश में सामान्य से कम बारिश का अनुमान, LPA का 94% रहने की संभावना: मौसम विभाग

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार (30 जून) को अपने मासिक पूर्वानुमान में जानकारी दी कि जुलाई महीने के दौरान देशभर में कुल वर्षा सामान्य स्तर से नीचे रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, जुलाई में वर्षा दीर्घकालिक औसत (LPA) के 94 प्रतिशत तक सीमित रहने की सर्वाधिक संभावना है। यह LPA 1971 से 2020 की संदर्भ अवधि पर आधारित है और भारत के लिए जुलाई का LPA लगभग 280.4 मिलीमीटर निर्धारित है। LPA से तात्पर्य किसी विशेष क्षेत्र में एक तय समयावधि — जैसे किसी माह या मौसम — के दौरान दर्ज की गई वर्षा का दीर्घकालिक औसत है, जिसे आमतौर पर 30 से 50 वर्षों की अवधि के आधार पर आंका जाता है। समग्र कमी के इस अनुमान के बावजूद IMD ने स्पष्ट किया कि उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व भारत के कुछ हिस्सों, पूर्व-मध्य भारत तथा पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्र में वर्षा सामान्य या उससे अधिक रहने की उम्मीद है। — PTI
  3. अरुणाचल के लोअर सियांग में बाढ़-भूस्खलन का कहर, 14 गांवों के 3,100 से ज़्यादा लोग प्रभावित

    अरुणाचल प्रदेश के लोअर सियांग जिले में मंगलवार (30 जून) को अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में 14 गांवों के 3,100 से अधिक लोग आ गए हैं, अधिकारियों ने यह जानकारी दी। जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी (DIPRO) अगस्ती जामोह ने बताया कि इस आपदा से नारी-कोयू विधानसभा क्षेत्र में गीली धान की खेती के खेत, निजी संपत्तियाँ और सार्वजनिक बुनियादी ढांचा बड़े पैमाने पर तबाह हुए हैं। तबिरिपो साकू, लोगलू, रोत्ते, रामे और कोयू विलेज समेत कई गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है, जिससे करीब 500 परिवार बाहरी दुनिया से कट गए हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि अब तक किसी के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है। - PTI
  4. जून 2026: एक दशक से ज़्यादा समय में सबसे सूखा, 1901 के बाद पाँचवाँ सबसे कम बारिश वाला जून

    मौसम विभाग के आंकड़ों से पता चला है कि इस जून में देशभर में मानसूनी वर्षा दीर्घकालिक औसत से 39.8 प्रतिशत नीचे रही। यह बीते एक दशक से भी अधिक समय में जून का सबसे सूखा महीना साबित हुआ और 1901 से रिकॉर्ड दर्ज किए जाने के बाद से यह पाँचवाँ सबसे कम बारिश वाला जून है। मानसून की धीमी प्रगति का सीधा असर खरीफ फसलों की बुआई पर पड़ा है। धान, मक्का, कपास और सोयाबीन जैसी गर्मी की फसलें सामान्य से कम गति से बोई जा रही हैं। बारिश की इस कमी ने उत्तरी मैदानी इलाकों में गर्मी का प्रकोप असामान्य रूप से लंबे समय तक बनाए रखा। कई इलाकों में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस (107.6 डिग्री फ़ारेनहाइट) के पार पहुँच गया।
  5. मॉनसून समय पर आया, बारिश पीछे रही — तेलंगाना ने जून 12% वर्षा घाटे के साथ पूरा किया

    TGPDS के आंकड़ों के मुताबिक 1 से 30 जून के बीच तेलंगाना में कुल 115.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि इस अवधि का सामान्य औसत 130.3 मिमी है। राजधानी हैदराबाद में भी बारिश अपेक्षित स्तर से नीचे रही — 107.4 मिमी की सामान्य मात्रा के मुकाबले सिर्फ 103 मिमी वर्षा हुई। राज्य के 33 जिलों पर नज़र डालें तो केवल चार जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई, 12 जिले सामान्य दायरे में रहे और 16 जिले कमज़ोर वर्षा की श्रेणी में रहे। सबसे चिंताजनक स्थिति हनुमकोंडा जिले की रही, जो पूरे राज्य में अकेला "अत्यधिक कमी" वाला जिला बना। वहां सामान्य 142.1 मिमी के मुकाबले महज 40.9 मिमी बारिश हुई, यानी 71% का भारी अंतर। उल्लेखनीय है कि तेलंगाना में मॉनसून 8 जून को ही दाखिल हो गया था, लेकिन उसके बावजूद पर्याप्त वर्षा नहीं हो पाई और राज्य ने जून 2026 को 12% वर्षा घाटे के साथ समाप्त किया।
  6. महाराष्ट्र में मानसून और प्रचंड, मुंबई में भारी बारिश और तूफान की आशंका

    मुंबई में मूसलाधार बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान का दौर शुरू होने की आशंका है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शहर और उसके उपनगरीय क्षेत्रों के लिए भारी वर्षा और गरज के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी है। सुबह 8 बजे जारी पूर्वानुमान में कहा गया कि आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर बिजली चमकने एवं तूफान की संभावना है। मौसम विभाग पहले ही शहर के लिए येलो अलर्ट जारी कर चुका है और दिन में बाद इसे अपडेट किया जा सकता है।
  7. हिमाचल प्रदेश में जून महीने में 33% कम बारिश, 12 में से 11 जिले प्रभावित

    हिमाचल प्रदेश में जून के दौरान वर्षा का आंकड़ा चिंताजनक रहा। 1 से 29 जून के बीच राज्य में महज 63.8 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि इस अवधि का सामान्य औसत 95.4 मिमी है। इस प्रकार राज्य में 33 प्रतिशत की कमी आंकी गई, जो अधिकारियों ने पुष्टि की। शिमला मौसम कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के 12 जिलों में से 11 में इस महीने सामान्य से कम वर्षा हुई। अकेला किन्नौर जिला इसका अपवाद रहा, जहाँ 7 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। जिलेवार आँकड़ों के अनुसार सिरमौर में सर्वाधिक 54 प्रतिशत की कमी रही। लाहौल-स्पीति में 53 प्रतिशत, कुल्लू में 45 प्रतिशत, मंडी में 41 प्रतिशत और कांगड़ा में 35 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। बिलासपुर में 33 प्रतिशत, चंबा और ऊना में 28-28 प्रतिशत, हमीरपुर में 27 प्रतिशत, सोलन में 17 प्रतिशत तथा शिमला में 6 प्रतिशत की बारिश कमी आंकी गई।
  8. पढ़ें | दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की मौजूदा स्थिति पर संपादकीय विश्लेषण

    देशभर में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून का घाटा 35% से बढ़कर 43% हो गया है और मौसमी हवाओं की उत्तर की ओर बढ़त मुंबई के पास ही थम गई है। अमेरिकी NOAA और IMD दोनों ने इस वर्ष मध्यम से तीव्र एल नीनो की संभावना जताई है। कृषि मंत्रालय ने 315 संवेदनशील जिलों में से 111 को सिंचाई उपलब्धता के आधार पर प्राथमिकता सूची में रखा है। लगातार चिलचिलाती गर्मी खेतिहर मजदूरों की उत्पादकता पर असर डाल रही है। इडुक्की में इलायची की फसल पर अत्यधिक तापमान और बारिश की कमी का दोहरा बोझ पड़ रहा है, जो पश्चिमी घाट की अन्य बागान फसलों के लिए भी बुरे संकेत हैं। और पढ़ें
  9. अकासा एयर और स्पाइसजेट ने मुंबई व धर्मशाला में खराब मौसम पर यात्रियों को किया आगाह

    अकासा एयर ने मुंबई और धर्मशाला में प्रतिकूल मौसम के कारण संभावित उड़ान बाधाओं के प्रति यात्रियों को सतर्क करते हुए ट्रैवल एडवाइज़री जारी की है। एयरलाइन ने बताया कि मुंबई में मूसलाधार बारिश उसके पूरे नेटवर्क में उड़ानें विलंबित कर सकती है और यात्रियों से अनुरोध किया कि वे हवाई अड्डे के लिए रवाना होने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जांच लें। एयरलाइन ने अपने बयान में कहा: "मुंबई में भारी वर्षा के कारण हमारे नेटवर्क की कुछ उड़ानें विलंबित हो सकती हैं। हम समझते हैं कि इससे आपकी यात्रा योजनाओं में असुविधा हो सकती है और हम आपकी धैर्य एवं समझ की अपेक्षा रखते हैं। यह स्थिति पूरी तरह हमारे नियंत्रण से बाहर है, लेकिन निश्चिंत रहें — हमारी टीमें आपकी सहायता के लिए हमेशा तत्पर हैं।"
  10. तमिलनाडु के पश्चिमी घाट क्षेत्र में 1 जुलाई से भारी वर्षा का अनुमान

    IMD ने 1 जुलाई से तमिलनाडु के पश्चिमी घाट इलाकों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है, क्योंकि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून राज्य में अभी भी सक्रिय बना हुआ है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र की ताज़ा मौसम बुलेटिन के अनुसार, नीलगिरि, थेनी, डिंडीगुल, इरोड और सेलम जिलों तथा कोयंबटूर और तिरुपुर जिलों के घाट क्षेत्रों में बुधवार (1 जुलाई 2026) से कुछ स्थानों पर मध्यम वर्षा, गरज-चमक और 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज़ हवाएं चलने की संभावना है। बुलेटिन में आगे बताया गया कि उत्तरी तटीय तमिलनाडु से कोमोरिन क्षेत्र तक फैली और समुद्र तल से 0.9 किमी ऊंचाई तक विस्तृत एक द्रोणिका के प्रभाव से शेष तमिलनाडु, पुदुच्चेरी और कराईकल क्षेत्र में भी इसी दौरान कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और एक-दो स्थानों पर गरज के साथ बिजली गिरने की संभावना है।
  11. IMD ने मुंबई के लिए भारी बारिश और गरज-बिजली की चेतावनी जारी की

    नगर निकाय के अधिकारियों के अनुसार, IMD ने मुंबई और उसके उपनगरों के लिए भारी वर्षा और गरज के साथ बिजली का पूर्वानुमान जारी किया है, जिसके चलते शहर तेज़ मॉनसूनी बौछारों के लिए तैयार हो रहा है। IMD द्वारा सुबह 8 बजे जारी बुलेटिन के अनुसार, शहर में घने बादलों के बीच भारी वर्षा होने की संभावना है, जबकि कुछ छिटपुट स्थानों पर गरज के साथ बिजली भी गिर सकती है। इससे पहले विभाग शहर के लिए येलो अलर्ट जारी कर चुका था, जो कुछ इलाकों में भारी बारिश की आशंका का संकेत है। दिन में मौसम की स्थिति के अनुसार इसे बाद में अपडेट किया जा सकता है।
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