ईरान और अमेरिका के बीच पश्चिम एशिया की जंग खत्म करने के लिए एक रोडमैप पर सहमति बन गई है, जिसके तहत अगले 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौता होने की उम्मीद है। महीनों से चली आ रही इस जंग में इसे अब तक की सबसे ठोस प्रगति माना जा रहा है।
रोडमैप में क्या-क्या शामिल है
मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान और कतर ने इस बड़ी प्रगति की घोषणा की। हफ्तों की भागदौड़ भरी कूटनीति के बाद बनी इस सहमति में ईरान पर लगे तेल निर्यात प्रतिबंधों में राहत, नाकेबंदी हटाने और लेबनान में सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए एक खास डी-कॉन्फ्लिक्शन सेल बनाने की बात शामिल है।
बातचीत कहां हुई
उच्च-स्तरीय वार्ता स्विट्जरलैंड के बर्गनस्टॉक रिजॉर्ट में संपन्न हुई, जो पहले भी संवेदनशील कूटनीतिक बैठकों की मेजबानी कर चुका है। अधिकारियों के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच तकनीकी स्तर की बातचीत पूरे हफ्ते जारी रहेगी, ताकि समझौते को लागू करने से जुड़े बारीक पहलुओं पर सहमति बन सके।
यहां तक मामला कैसे पहुंचा
इस रोडमैप तक पहुंचना आसान नहीं रहा। जून के मध्य में खबरों के मुताबिक ईरान और अमेरिका के बीच शांति के एक ढांचे पर सहमति बनती दिख रही थी, लेकिन यह उम्मीद कुछ ही हफ्तों में टूट गई। जून के आखिर तक खबरों में सामने आया कि अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर 21 हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने भी जोरदार पलटवार किया, और जंग खत्म होने की बजाय एक नए, ज्यादा खतरनाक दौर में पहुंचती दिखी। पश्चिम एशिया का यह इलाका वैसे भी बरसों से इजरायल-फिलिस्तीन जैसे लंबे समय से चले आ रहे विवादों के साये में रहा है, यही वजह है कि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने का कोई भी संकेत दुनिया भर की नजरें खींचता है।
वांस ने क्या कहा
वांस ने कहा कि ईरानी अधिकारियों के साथ हुई बातचीत ने जंग खत्म करने के समझौते के लिए एक 'अच्छी नींव' रख दी है। उनकी यह टिप्पणी बताती है कि वाशिंगटन की तरफ से सतर्क उम्मीद बंधी है, भले ही अंतिम समझौते की बारीकियां अभी तय होनी बाकी हैं।
आगे क्या होगा
स्विट्जरलैंड में उच्च-स्तरीय दौर की वार्ता खत्म हो चुकी है, अब सबकी नजर हफ्ते भर चलने वाली तकनीकी बातचीत पर टिकी है। 60 दिन का यह रोडमैप कामयाब होगा या नहीं, यह इस पर निर्भर करेगा कि दोनों पक्ष तेल प्रतिबंधों में राहत, नाकेबंदी हटाने और लेबनान में डी-कॉन्फ्लिक्शन की व्यवस्था को बिना जून के आखिर जैसे हमले-पलटवार दोहराए लागू कर पाते हैं या नहीं।



















